फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Jalaun News ›   village,electric,plant,JE,orai

पारा 45 के पार, 15 घंटों की बिजली कटौती बनी जी का जंजाल

Wed, 15 Jun 2022 11:57 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Wed, 15 Jun 2022 11:57 PM IST
विज्ञापन
village,electric,plant,JE,orai
मुहम्मदाबाद। भीषण गर्मी और पारा 45 डिग्री सेल्सियस है। ऐसे में 12 से 15 घंटे बिजली की कटौती लोगों को रुला रही हैं। ग्रामीण अंचलों में पॉवर कार्पोरेशन की ओर से 18 से 20 घंटे बिजली देने के निर्देश हैं, तय शेड्यूल के अनुसार भी ग्रामीणों को बिजली नहीं मिल रही हैं। इसकी बड़ी वजह है कि पनकी पॉवर प्लांट से 132 केवी सबस्टेशन उरई को ग्रामीण क्षेत्रों में दो घंटे विद्युत कटौती का सर्कुलर जारी होता है। यह कटौती पूरी नहीं हो पाती, अगले दो घंटे और कटौती का मैसेज आ जाता है। इस प्रक्रिया से कटौती के घंटे बढ़ जाते हैं। बता दें कि उरई के 132 विद्युत सब स्टेशन से एट, कुसमिलिया, कोटरा के विद्युत उपकेंद्र जुड़े हैं। बिजली कटौती की एक वजह यह भी है कि एट, कोटरा, कुसमिलिया सब स्टेशनों को जाने वाली बिजली सप्लाई की लाइनों में से फॉल्ट की भी समस्या है। उसे दुरुस्त करने के लिए शट डाउन लेने पर तीनों विद्युत उपकेंद्रों की बत्ती गुल हो जाती है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों को मिलने वाली 18 से 20 घंटे की बिजली तीन से पांच घंटे ही मिल रही है।
विज्ञापन

-------------------------
कटौती से गांवों में मरीजों का बुरा हाल
मुहम्मदाबाद। कुसमिलिया विद्युत उपकेंद्र से मुहम्मदाबाद, कुसमिलिया, डकोर, मुहाना, ऐरी, रमपुरा, चिल्ली, बंधौली, सिमिरिया, टिमरों, गुढ़ा समेत कई गांव जुड़े हैं। भीषण गर्मी में ग्रामीणों को तीन से पांच घंटे बिजली मिल रही है। इन घंटों में लोगों को पानी, गेहूं पिसाना, मोबाइल चार्जिंग आदि जरूरतों को पूरा करना होता हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में कई ऐसे मरीज भी हैं जो गंभीर बीमारियों से ग्रसित हैं, जिन्हें चिकित्सक कूलर, पंखों के सहारे ठंडे स्थान पर रहने की सलाह देते हैं। ऐसे में ग्रामीणों के साथ मरीज परेशान है। विद्युत सब स्टेशन कुसमिलिया के अवर अभियंता जगदीश वर्मा का कहना है कि बिजली लाइनों की लंबी दूरी को कम करने और कुसमिलिया, एट विद्युत उपकेंद्रों को अलग-अलग करने के लिए पिंडारी से एट तक नई लाइन डाली जा रही है। इसमें पिंडारी से एट तक विद्युत पोलों को खड़ा कर दिया गया है। बिजली के तार पड़ने शेष है। इसे पूरा करने में महीनों लग सकते हैं। (संवाद)
विज्ञापन

-----------------------------
15 दिन बाद भी छह गांव अंधेरे में
आंधी में गिरे पोल, तार अभी भी नहीं सुधरे, बिजली पानी के लिए ग्रामीण परेशान, फसलें सूखीं
संवाद न्यूज एजेंसी
उरई। 15 दिन पहले आई आंधी के बाद से जिले के कई गांव अंधेरे में है। ग्रामीणों को पीने के पानी के लिए तरसना पड़ रहा हैं। वहां किसानों की फसलें भी सूख रही हैं। कई बार शिकायत के बाद भी विभागीय अधिकारियों ने कोई सुनवाई नहीं की हैं। आटा क्षेत्र के जौराखेरा, संदी, बम्हौरी, रिरुआ आदि गांवों में पिछले 15 दिनों से विद्युत आपूर्ति बंद है। ग्रामीणों ने अवर अभियंता आटा को शिकायती पत्र में बताया था कि 28 मई को तेज आंधी से सात पोल टूट गए थे। विद्युत लाइनें भी क्षतिग्रस्त हो गईं थीं। इस कारण छह गांवों में सप्लाई बंद है।
विज्ञापन
विज्ञापन

शहर के मोहल्ला पुलिस लाइन के सामने वाली गली में 20 दिनों से लो वोल्टेज व अघोषित कटौती की समस्या से लोग जूझ रहे हैं। मोहल्ले के लोगों ने विभाग के अधिकारियों से कई बार शिकायत की पर कोई सुनवाई नहीं हुई। मोहल्ले के लोगों ने बताया कि इस क्षेत्र में बिजली की अंडरग्राउंड फिटिंग है। इसके बावजूद लोगों को समस्या से जूझना पड़ रहा है। मोहल्ले के जावेद. शाबिर, कदीर, राजकुमार आदि का कहना है कि भीषण गर्मी में बिजली न मिलने से रात भर जागना पड़ता है। मोहल्ले के लोगों इसकी शिकायत मुख्यमंत्री पोर्टल पर भी की है।
-----------------------
मुश्किल से 10 घंटे मिल रही बिजली
आटा। भीषण गर्मी के चलते बिजली की अघोषित कटौती से लोगों का जीवन अस्तव्यस्त हो गया है। दिन का तापमान 45 डिग्री सेल्सियस चल रहा है और रात में भी उमस हो रही है। इसी बीच बिजली की अघोषित बिजली कटौती से मुश्किलें और बढ़ गईं हैं। जबकि रोस्टर के अनुसार ग्रामीण क्षेत्र को 20 घंटे बिजली देने के निर्देश हैं। इस मामले में जेई राहुल साहू ने बताया कि इमरजेंसी रोस्टर के आने के कारण बिजली कटौती हो रही है। जल्द ही आपूर्ति को बहाल कर दिया जाएगा। (संवाद)
--------------
सूख रहीं फसलें, पशुओं का चारा भी नष्ट
सरावन। पावर हाउस सरावन से जुड़े 46 गांवों में 15-18 घंटे बिजली कटौती की जा रही है। इस भीषण गर्मी में बिजली कटौती के चलते सब्जी की फसल सूख गई है। पशुओं के लिए बोया गया हरा चारा भी नष्ट हो गया है।
बिजली आपूर्ति रोस्टर के हिसाब न मिलने से जल संस्थान से पानी नहीं मिल पा रहा है। इससे पेयजल की किल्लत है। गांव के निवासी सद्दाम हुसैन, नीरज कुमार, जिला पंचायत सदस्य देवेन्द्र कुमार सोनी, प्रधान वंदना नायक, अनिल याज्ञिक आदि ने कहा कि बिजली व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो वे धरना-प्रदर्शन करने के लिए मजबूर होंगे। इस संबंध में जेई संजय कुमार का कहना है कि रोस्टर प्रणाली के हिसाब से बिजली सप्लाई नहीं आ रही है। एक दो दिन में आपूर्ति सुनिश्चित करने के प्रयास किए जा रहे हैं। (संवाद)
---------------------------
बिजली विभाग ने पूरे गांव की बिजली काटी
कदौरा। ब्लाक क्षेत्र के ग्राम हरचंद्रपुर गांव में बुधवार को पहुंची विद्युत विभाग की टीम ने बकायेदारों से बिल जमा करने के लिए कहा, तो बिल न जमा करने पर पूरे गांव की बिजली काट दी। ग्रामीणों ने विरोध किया तो उच्चाधिकारियों का हवाला देकर कर्मी लौट गए। गांव के राकेश, पंकज कुमार, वीरेन्द्र सिंह, असद अली आदि का कहना है कि अधिकांश उपभोक्ताओं के बिल जमा हैं। जिनके बिल नहीं जमा हैं उनके कनेक्शन काटना चाहिए। बिजली विभाग ने जबरन पूरे गांव की ही बिजली काट दी। ग्रामीणों ने इसकी शिकायत मुख्यमंत्री पोर्टल और ऊर्जा मंत्री से की है। एसडीओ ऋषभ राजपूत का कहना है कि कनेक्शन उन्हीं के काटे गए हैं जिनके बिल जमा नही हैं। गांव में बिजली आ रही है। (संवाद)
------------------------
बिजली कटौती से लोगों में नाराजगी
जालौन। उमस भरी गर्मी में बिजली की अंधाधुंध कटौती से लोगों का हाल बेहाल है। नगर के लोगों में बिजली विभाग के प्रति नाराजगी है। नगर में पिछले एक सप्ताह से दिन व रात में छह-छह घंटे की कटौती हो रही है। इससे लोग भीषण गर्मी में परेशान हो रहे है। साथ ही पेयजल संकट से भी जूझ रहे हैं। लोगों का कहना है कि बिजली न आने से नींद पूरी नहीं हो रही हैं। दिनचर्या भी अस्तव्यस्त है। एसडीओ का कहना है कि इमरजेंसी रोस्टिंग लोकल स्तर से नहीं होती है। जो बिजली मिल रही है वह आपूर्ति की जा रही है। नगर के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में भी प्रतिदिन 10 घंटे तक बिजली कटौती की जा रही है। महावीर शरण अकोढ़ी, बब्लू पहाड़पुरा, निखिल, चेतन पटेल आदि का कहना है कि बिजली कटौती में सामान्य जनजीवन प्रभावित कर दिया है। (संवाद)

-------------------
बिल जमा न करने पर पांच गांवों की बत्ती काटी
माधौगढ़। नोटिस देने के बाद भी बिल जमा न करने पर विद्युत अधिकारियों ने पांच गांवों की बत्ती काट दी। इससे उपभोक्ताओं में हड़कंप मच गया हैं। जेई संजय सिंह का कहना हैं कि नोटिस देने के बाद भी ग्रामीण बिल जमा नहीं कर रहे हैं। अधिकांश गांव के 99 प्रतिशत विद्युत उपभोक्ता बकायेदार हैं। सरकार ग्रामीण व तहसील क्षेत्रों में बत्ती देने को कटिबद्ध हैं। फिर भी उपभोक्ता बिल जमा नहीं कर रहे हैं। उपखंड कार्यालय के अंतर्गत गांव डेलपुरा, बड़ी सुरावली, रामनगर, रामहेतपुरा एवं जाजेपुरा गांव की बिजली काट दी गई हैं। (संवाद)
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed