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Jalaun News: चिटफंड कंपनी के दो संचालकों को सात-सात साल की सजा
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उरई। फर्जी कागजात और पॉलिसी के नाम पर धोखाधड़ी करने के करीब 11 वर्ष पुराने मामले में न्यायालय ने चिटफंड कंपनी के दो संचालकों को दोषी करार देते हुए सात-सात वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अभिषेक खरे ने रमनदीप सिंह उर्फ सन्नी और करुणेश शर्मा पर 7,500-7,500 रुपये का अर्थदंड भी लगाया।
27 नवंबर 2015 को हरचरण वर्मा ने कोतवाली पुलिस को तहरीर देकर नई दिल्ली के द्वारका सेवक पार्क व हाल पता तुलसी नगर उरई निवासी रमनदीप सिंह उर्फ सन्नी व समथर निवासी करुणेश शर्मा पर पॉलिसी के नाम पर धोखाधड़ी करने और फर्जी कागजात उपलब्ध कराने का आरोप लगाया था।
तहरीर के आधार पर पुलिस ने दोनों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की। विवेचना के बाद आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल किया गया। सुनवाई के दौरान वादी समेत अन्य गवाहों के बयान दर्ज किए गए और अभियोजन की ओर से साक्ष्य प्रस्तुत किए गए।
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शनिवार को सुनवाई पूरी होने के बाद न्यायालय ने गवाहों के बयान और उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन किया। साक्ष्यों के आधार पर दोनों को दोषी मानते हुए सात-सात वर्ष के कारावास और 7,500-7,500 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया गया।
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27 नवंबर 2015 को हरचरण वर्मा ने कोतवाली पुलिस को तहरीर देकर नई दिल्ली के द्वारका सेवक पार्क व हाल पता तुलसी नगर उरई निवासी रमनदीप सिंह उर्फ सन्नी व समथर निवासी करुणेश शर्मा पर पॉलिसी के नाम पर धोखाधड़ी करने और फर्जी कागजात उपलब्ध कराने का आरोप लगाया था।
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तहरीर के आधार पर पुलिस ने दोनों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की। विवेचना के बाद आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल किया गया। सुनवाई के दौरान वादी समेत अन्य गवाहों के बयान दर्ज किए गए और अभियोजन की ओर से साक्ष्य प्रस्तुत किए गए।
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शनिवार को सुनवाई पूरी होने के बाद न्यायालय ने गवाहों के बयान और उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन किया। साक्ष्यों के आधार पर दोनों को दोषी मानते हुए सात-सात वर्ष के कारावास और 7,500-7,500 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया गया।