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Jalaun News: प्रशिक्षण कार्यक्रमों से सशक्त बन सकती हैं छात्राएं
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फोटो - 05 अपराजिता कार्यक्रम को संबोधित करते प्राचार्य राजेश पांडेय। संवाद
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उरई। अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से शुक्रवार को दयानंद वैदिक महाविद्यालय में ‘अपराजिता’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य छात्राओं को कौशल विकास के माध्यम से आत्मनिर्भर और सशक्त बनाना रहा। विशेषज्ञों ने कहा कि प्रशिक्षण कार्यक्रमों से छात्राएं सशक्त बन सकती हैं।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. राजेश चंद्र पांडेय ने कहा कि वर्तमान समय में केवल शैक्षणिक डिग्री ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि व्यावहारिक कौशल भी आवश्यक है। उन्होंने छात्राओं को आत्मविश्वास के साथ अपने लक्ष्य निर्धारित करने और निरंतर प्रयासरत रहने का संदेश दिया।
प्रशिक्षक के रूप में राजकीय आईटीआई के कौशल विकास मिशन प्रभारी नीलेश राव ने छात्राओं को विभिन्न तकनीकी एवं स्वरोजगार से जुड़े कौशलों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सरकार की विभिन्न योजनाओं और प्रशिक्षण कार्यक्रमों का लाभ उठाकर छात्राएं आर्थिक रूप से सशक्त बन सकती हैं। उन्होंने डिजिटल कौशल, लघु उद्योग, स्वरोजगार एवं तकनीकी प्रशिक्षण के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला।
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कार्यक्रम में आईक्यू एसी प्रभारी प्रोफेसर अलका रानी पुरवार ने कहा कि महिलाएं हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा साबित कर रही हैं। जरूरत है तो केवल सही दिशा और अवसर की। भूगोल विभाग के डॉ. गौरव यादव ने छात्राओं को समय प्रबंधन, लक्ष्य निर्धारण और सकारात्मक सोच के महत्व से अवगत कराया। कार्यक्रम का संचालन राष्ट्रीय सेवा योजना के जिला नोडल अधिकारी डॉ. सुरेंद्र यादव ने किया। इस दौरान डॉ. मलखान पाल मौजूद रहे।
छात्राओं की प्रतिक्रिया
फोटो - 07 दीक्षा, बीए फाइनल।
अपराजिता कार्यक्रम उनके लिए बेहद उपयोगी रहा। अक्सर छात्राएं पढ़ाई तो करती हैं, लेकिन उन्हें यह जानकारी नहीं होती कि आगे किस क्षेत्र में कैसे कदम बढ़ाया जाए। इस कार्यक्रम से उन्हें स्वरोजगार और तकनीकी प्रशिक्षण के बारे में नई जानकारी मिली। अब वह किसी कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रम से जुड़कर आत्मनिर्भर बनने का प्रयास करेंगी।
- दीक्षा, बीए फाइनल।
फोटो - 08 संजना, बीए, फाइनल।
कार्यक्रम ने उनके अंदर आत्मविश्वास बढ़ाया है। प्रशिक्षक द्वारा बताए गए डिजिटल कौशल और लघु उद्योग से जुड़े सुझाव काफी प्रेरणादायक रहे। ऐसे आयोजन छात्राओं के भविष्य निर्माण में सहायक साबित होते हैं और महाविद्यालय में समय-समय पर इस प्रकार के कार्यक्रम होते रहने चाहिए।
- संजना, बीए फाइनल।
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कार्यक्रम के मुख्य अतिथि महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. राजेश चंद्र पांडेय ने कहा कि वर्तमान समय में केवल शैक्षणिक डिग्री ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि व्यावहारिक कौशल भी आवश्यक है। उन्होंने छात्राओं को आत्मविश्वास के साथ अपने लक्ष्य निर्धारित करने और निरंतर प्रयासरत रहने का संदेश दिया।
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प्रशिक्षक के रूप में राजकीय आईटीआई के कौशल विकास मिशन प्रभारी नीलेश राव ने छात्राओं को विभिन्न तकनीकी एवं स्वरोजगार से जुड़े कौशलों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सरकार की विभिन्न योजनाओं और प्रशिक्षण कार्यक्रमों का लाभ उठाकर छात्राएं आर्थिक रूप से सशक्त बन सकती हैं। उन्होंने डिजिटल कौशल, लघु उद्योग, स्वरोजगार एवं तकनीकी प्रशिक्षण के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला।
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कार्यक्रम में आईक्यू एसी प्रभारी प्रोफेसर अलका रानी पुरवार ने कहा कि महिलाएं हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा साबित कर रही हैं। जरूरत है तो केवल सही दिशा और अवसर की। भूगोल विभाग के डॉ. गौरव यादव ने छात्राओं को समय प्रबंधन, लक्ष्य निर्धारण और सकारात्मक सोच के महत्व से अवगत कराया। कार्यक्रम का संचालन राष्ट्रीय सेवा योजना के जिला नोडल अधिकारी डॉ. सुरेंद्र यादव ने किया। इस दौरान डॉ. मलखान पाल मौजूद रहे।
छात्राओं की प्रतिक्रिया
फोटो - 07 दीक्षा, बीए फाइनल।
अपराजिता कार्यक्रम उनके लिए बेहद उपयोगी रहा। अक्सर छात्राएं पढ़ाई तो करती हैं, लेकिन उन्हें यह जानकारी नहीं होती कि आगे किस क्षेत्र में कैसे कदम बढ़ाया जाए। इस कार्यक्रम से उन्हें स्वरोजगार और तकनीकी प्रशिक्षण के बारे में नई जानकारी मिली। अब वह किसी कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रम से जुड़कर आत्मनिर्भर बनने का प्रयास करेंगी।
- दीक्षा, बीए फाइनल।
फोटो - 08 संजना, बीए, फाइनल।
कार्यक्रम ने उनके अंदर आत्मविश्वास बढ़ाया है। प्रशिक्षक द्वारा बताए गए डिजिटल कौशल और लघु उद्योग से जुड़े सुझाव काफी प्रेरणादायक रहे। ऐसे आयोजन छात्राओं के भविष्य निर्माण में सहायक साबित होते हैं और महाविद्यालय में समय-समय पर इस प्रकार के कार्यक्रम होते रहने चाहिए।
- संजना, बीए फाइनल।

फोटो - 05 अपराजिता कार्यक्रम को संबोधित करते प्राचार्य राजेश पांडेय। संवाद

फोटो - 05 अपराजिता कार्यक्रम को संबोधित करते प्राचार्य राजेश पांडेय। संवाद

फोटो - 05 अपराजिता कार्यक्रम को संबोधित करते प्राचार्य राजेश पांडेय। संवाद