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Jalaun News: जांच के दायरे में आए तीन पीएचसी और सात आरोग्य मंदिर
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कोंच। नगर की रिहायशी बस्ती से बाहर कैलिया बाईपास से नदीगांव को जोड़ने वाले लिंक रोड पर नारायणपुरी मंदिर के पास बुधवार को कूड़े के ढेर में एल्बेंडाजोल दवाओं के पैकेज की जांच शुरू हो गई है। टीम ने सीएचसी के बैच नंबर के साथ दवाएं मेल नहीं खा रही हैं। ऐसे में टीम ने जांच का दायरा तीन पीएचसी और सात आरोग्य मंदिरों की ओर से कर दिया है।
दरअसल, सैकड़ों पैकेट मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग में खलबली मच गई है। मामले को गंभीरता से लेते हुए सीएमओ डॉ. वीरेंद्र सिंह ने एसीएमओ डॉ. अरविंद भूषण के नेतृत्व में जांच टीम गठित कर दी है, जिसमें कोंच सीएचसी अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार शाक्य को भी शामिल किया गया है।
बृहस्पतिवार को जांच टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच की। साथ ही सीएचसी में उपलब्ध दवाओं से कूड़े में मिली दवाओं का मिलान भी किया गया। जांच के दौरान दोनों दवाओं के बैच नंबर अलग-अलग पाए गए। बता दें कि एल्बेंडाजोल दवा आमतौर पर स्वास्थ्य विभाग द्वारा बच्चों और बड़ों को कृमि नियंत्रण अभियान के तहत वितरित की जाती है। ऐसे में बड़ी मात्रा में इन दवाओं का कूड़े के ढेर में मिलना स्वास्थ्य सेवाओं पर सवाल खड़े कर रहा है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि यह दवाएं किस स्वास्थ्य केंद्र से संबंधित हैं और इन्हें यहां किसने तथा किस उद्देश्य से फेंका। अधिकारियों का कहना है कि जांच का दायरा बढ़ाते हुए आसपास की सभी स्वास्थ्य इकाइयों की भी जांच की जाएगी।
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मामले की गहनता से जांच कराई जा रही है। दोषी पाए जाने पर संबंधित के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
डॉ. वीरेंद्र सिंह, सीएमओ
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दरअसल, सैकड़ों पैकेट मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग में खलबली मच गई है। मामले को गंभीरता से लेते हुए सीएमओ डॉ. वीरेंद्र सिंह ने एसीएमओ डॉ. अरविंद भूषण के नेतृत्व में जांच टीम गठित कर दी है, जिसमें कोंच सीएचसी अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार शाक्य को भी शामिल किया गया है।
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बृहस्पतिवार को जांच टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच की। साथ ही सीएचसी में उपलब्ध दवाओं से कूड़े में मिली दवाओं का मिलान भी किया गया। जांच के दौरान दोनों दवाओं के बैच नंबर अलग-अलग पाए गए। बता दें कि एल्बेंडाजोल दवा आमतौर पर स्वास्थ्य विभाग द्वारा बच्चों और बड़ों को कृमि नियंत्रण अभियान के तहत वितरित की जाती है। ऐसे में बड़ी मात्रा में इन दवाओं का कूड़े के ढेर में मिलना स्वास्थ्य सेवाओं पर सवाल खड़े कर रहा है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि यह दवाएं किस स्वास्थ्य केंद्र से संबंधित हैं और इन्हें यहां किसने तथा किस उद्देश्य से फेंका। अधिकारियों का कहना है कि जांच का दायरा बढ़ाते हुए आसपास की सभी स्वास्थ्य इकाइयों की भी जांच की जाएगी।
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मामले की गहनता से जांच कराई जा रही है। दोषी पाए जाने पर संबंधित के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
डॉ. वीरेंद्र सिंह, सीएमओ