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Jalaun News: जेल में 25 बंदियों में तीन हिंदू भी रख रहे रोजा
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फोटो - 02 उरई स्थित जिला कारागार। संवाद
- फोटो : 1
उरई। रमजान में जिला कारागार उरई में इबादत और सौहार्द का अनूठा दृश्य देखने को मिल रहा है। यहां 25 बंदी रोजा रखकर अल्लाह की इबादत कर रहे हैं। इनमें 22 मुस्लिम बंदियों के साथ तीन हिंदू भी रोजा रख रहे हैं। जेल परिसर में यह पहल गंगा-जमुनी तहजीब और भाईचारे की सशक्त मिसाल पेश कर रही है।
रमजान को ध्यान में रखते हुए जेल प्रशासन ने रोजेदार बंदियों के लिए विशेष प्रबंध किए हैं। सहरी और इफ्तार दोनों समय निर्धारित व्यवस्था के तहत पौष्टिक और संतुलित आहार उपलब्ध कराया जा रहा है। प्रशासन की ओर से यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि बंदियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो और वे आस्था के अनुरूप इबादत कर सकें।
जेल अधीक्षक नीरज देव ने बताया कि रोजा रखने वाले सभी बंदियों को अलग से सुविधा दी जा रही है। भोजन की गुणवत्ता और पोषण स्तर का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। सेहरी सुबह तय समय पर उपलब्ध कराई जाती है, जबकि इफ्तार में भी समुचित इंतजाम किए गए हैं।
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उन्होंने कहा कि प्रशासन का प्रयास है कि पवित्र माह में बंदियों की धार्मिक भावनाओं का सम्मान करते हुए उन्हें शांतिपूर्ण वातावरण प्रदान किया जाए।
रोजा और नमाज के दौरान जेल परिसर में अनुशासन और आध्यात्मिक माहौल बना हुआ है। मुस्लिम और हिंदू बंदियों का साथ मिलकर रोजा रखना सामाजिक सौहार्द का सकारात्मक संदेश दे रहा है। (संवाद)
प्रशासन की ओर से रोजेदार बंदियों को दी जा रही सामग्री
सेहरी में:
ब्रेड – 500 ग्राम
दूध – 200 ग्राम
चीनी – 20 ग्राम
इफ्तार में :
चाय
दो केले
बिस्कुट
खजूर
शाम का नियमित भोजन
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रमजान को ध्यान में रखते हुए जेल प्रशासन ने रोजेदार बंदियों के लिए विशेष प्रबंध किए हैं। सहरी और इफ्तार दोनों समय निर्धारित व्यवस्था के तहत पौष्टिक और संतुलित आहार उपलब्ध कराया जा रहा है। प्रशासन की ओर से यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि बंदियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो और वे आस्था के अनुरूप इबादत कर सकें।
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जेल अधीक्षक नीरज देव ने बताया कि रोजा रखने वाले सभी बंदियों को अलग से सुविधा दी जा रही है। भोजन की गुणवत्ता और पोषण स्तर का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। सेहरी सुबह तय समय पर उपलब्ध कराई जाती है, जबकि इफ्तार में भी समुचित इंतजाम किए गए हैं।
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उन्होंने कहा कि प्रशासन का प्रयास है कि पवित्र माह में बंदियों की धार्मिक भावनाओं का सम्मान करते हुए उन्हें शांतिपूर्ण वातावरण प्रदान किया जाए।
रोजा और नमाज के दौरान जेल परिसर में अनुशासन और आध्यात्मिक माहौल बना हुआ है। मुस्लिम और हिंदू बंदियों का साथ मिलकर रोजा रखना सामाजिक सौहार्द का सकारात्मक संदेश दे रहा है। (संवाद)
प्रशासन की ओर से रोजेदार बंदियों को दी जा रही सामग्री
सेहरी में:
ब्रेड – 500 ग्राम
दूध – 200 ग्राम
चीनी – 20 ग्राम
इफ्तार में :
चाय
दो केले
बिस्कुट
खजूर
शाम का नियमित भोजन