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दस दिन में तीन बच्चों की मौत
अमर उजाला ब्यूरो जालौन
Updated Fri, 16 Oct 2015 12:16 AM IST
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डकोर विकासखंड के गांव बरसार में विचित्र बीमारी के पांव पसारने से गांव वाले खौफजदा हैं। इस बीमारी की चपेट में आकर दस दिन के अंदर तीन बच्चों की मौत हो चुकी है। बीमारी की गिरफ्त में आए तीन बच्चों का झांसी मेडिकल कालेज में इलाज हो रहा है।
विचित्र बीमारी फैलने की सूचना मिलते ही स्वास्थ्य महकमे के अधिकारियों के होश उड़ गए हैं। गुरुवार को डकोर स्वास्थ्य केंद्र की टीम ने गांव पहुंचकर 49 लोगों का ब्लड सैंपल लिया। साथ ही जरूरी दवाएं बांटीं और बचाव के बारे में जानकारी दी।
उधर, इस बाबत प्रभारी सीएमओ डॉ. आशाराम ने बताया कि जानकारी होने पर गांव में डॉक्टरों की टीम भेजकर ब्लड का सैंपल लेकर जांच के लिए झांसी मेडिकल कालेज भेजा गया है। रिपोर्ट आने पर स्पष्ट हो सकेगा कि यह कौन सी बीमारी है और इसका उपचार किस तरह किया जाए।
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वहीं, ग्राम प्रधान हरिराम का आरोप है कि सूचना देने के बाद भी डॉक्टरों की टीम विलंब से गांव पहुंची। टीम के पास जरूरी संसाधन का भी अभाव था। गांव बरसार में दस दिन से विचित्र बीमारी फैली है। ग्रामीणों के मुताबिक बीमारी की चपेट में आने के बाद रोगी का गले में सूजन आने के साथ तेज बुखार आता है।
इसके बाद रोगी को सांस लेने में परेशानी होती है। जानकारी मिली है कि आठ दिन पहले सुरेश यादव के तीन साल के पुत्र को तेज बुखार आया और गले में सूजन भी आ गई। हालत बिगड़ने पर परिजन उसे झांसी मेडिकल कालेज ले गए, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
गांव के पवन राजपूत की बेटी सुहाना (4) को गले में सूजन के साथ बुखार आया, साथ ही सांस लेने में दिक्कत आने लगी। सात अक्तूबर को उसने दम तोड़ दिया। दो दिन पहले गांव के राम प्रकाश की बेटी भूरी (7) विचित्र बीमारी की चपेट में आई, घर वाले अस्पताल लेकर गए, जहां उसकी मौत हो गई।
दस दिन के अंदर तीन बच्चों की मौत से ग्रामीणों में दहशत है। यही नहीं आसपास के गांवों के लोग भी डरे हैं। गांव बरसार में विचित्र बीमारी फैलने की सूचना मिलने पर गुरुवार को स्वास्थ्य विभाग के डॉक्टरों की टीम ने गांव पहुंचकर लोगों के ब्लड का सैंपल लिया। साथ ही बीमारी से बचाव के बारे में जरूरी हिदायत दी।
वहीं तीन अन्य बच्चे भी इस बीमारी की चपेट में है, जिन्हें इलाज के लिए झांसी रेफर कर दिया गया है। डॉक्टरों के अनुसार इन बच्चों में संक्रमण अभी काफी ज्यादा है और इनकी हालत अब भी गंभीर बनी हुई है।
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विचित्र बीमारी फैलने की सूचना मिलते ही स्वास्थ्य महकमे के अधिकारियों के होश उड़ गए हैं। गुरुवार को डकोर स्वास्थ्य केंद्र की टीम ने गांव पहुंचकर 49 लोगों का ब्लड सैंपल लिया। साथ ही जरूरी दवाएं बांटीं और बचाव के बारे में जानकारी दी।
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उधर, इस बाबत प्रभारी सीएमओ डॉ. आशाराम ने बताया कि जानकारी होने पर गांव में डॉक्टरों की टीम भेजकर ब्लड का सैंपल लेकर जांच के लिए झांसी मेडिकल कालेज भेजा गया है। रिपोर्ट आने पर स्पष्ट हो सकेगा कि यह कौन सी बीमारी है और इसका उपचार किस तरह किया जाए।
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वहीं, ग्राम प्रधान हरिराम का आरोप है कि सूचना देने के बाद भी डॉक्टरों की टीम विलंब से गांव पहुंची। टीम के पास जरूरी संसाधन का भी अभाव था। गांव बरसार में दस दिन से विचित्र बीमारी फैली है। ग्रामीणों के मुताबिक बीमारी की चपेट में आने के बाद रोगी का गले में सूजन आने के साथ तेज बुखार आता है।
इसके बाद रोगी को सांस लेने में परेशानी होती है। जानकारी मिली है कि आठ दिन पहले सुरेश यादव के तीन साल के पुत्र को तेज बुखार आया और गले में सूजन भी आ गई। हालत बिगड़ने पर परिजन उसे झांसी मेडिकल कालेज ले गए, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
गांव के पवन राजपूत की बेटी सुहाना (4) को गले में सूजन के साथ बुखार आया, साथ ही सांस लेने में दिक्कत आने लगी। सात अक्तूबर को उसने दम तोड़ दिया। दो दिन पहले गांव के राम प्रकाश की बेटी भूरी (7) विचित्र बीमारी की चपेट में आई, घर वाले अस्पताल लेकर गए, जहां उसकी मौत हो गई।
दस दिन के अंदर तीन बच्चों की मौत से ग्रामीणों में दहशत है। यही नहीं आसपास के गांवों के लोग भी डरे हैं। गांव बरसार में विचित्र बीमारी फैलने की सूचना मिलने पर गुरुवार को स्वास्थ्य विभाग के डॉक्टरों की टीम ने गांव पहुंचकर लोगों के ब्लड का सैंपल लिया। साथ ही बीमारी से बचाव के बारे में जरूरी हिदायत दी।
वहीं तीन अन्य बच्चे भी इस बीमारी की चपेट में है, जिन्हें इलाज के लिए झांसी रेफर कर दिया गया है। डॉक्टरों के अनुसार इन बच्चों में संक्रमण अभी काफी ज्यादा है और इनकी हालत अब भी गंभीर बनी हुई है।