{"_id":"5e61474f8ebc3ef40d4ec90e","slug":"three-accused-of-black-marketing-of-tickets-were-sent-to-jail-orai-news-knp5488247137","type":"story","status":"publish","title_hn":"रेल टिकटों की कालाबाजारी के तीन आरोपी जेल भेजे गए","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रेल टिकटों की कालाबाजारी के तीन आरोपी जेल भेजे गए
विज्ञापन
उरई (जालौन)। टिकट की कालाबाजारी करने वाले तीन लोगों को रेलवे मजिस्ट्रेट ने गुरुवार को जेल भेज दिया। आरपीएफ ने क्राइम ब्रांच की टीम के साथ बुधवार को जालौन व उरई में छापेमारी कर तीनों को पकड़ा था।
पर्सनल आईडी पर तत्काल टिकट बनाकर कई सालों से रेलवे की टिकटिंग में सेंध की सूचना पर झांसी क्राइम ब्रांच की टीम ने उरई आरपीएफ के सहयोग से बुधवार को जालौन में छापा मारकर कंप्यूटर केंद्र संचालक मनोज को पकड़ा था, मनोज के पास 19 यूजर आईडी, 87 हजार रुपये व दस अग्रिम टिकट मिले थे। जबकि देवेंद्र के पास नौ यूजर आईडी और 63 हजार रुपये व दो अग्रिम टिकट मिले।
इसके बाद उरई में हुई छापा मारकर मोबाइल दुकान संचालक अमित प्रताप सिंह (37) पुत्र रंजीत सिंह निवासी तुलसीनगर उरई को पकड़ा था, उसके पास से पर्सनल यूजर आईडी मिली और 25 अग्रिम टिकट मिले, हालांकि उसके पास नगद रुपये बरामद नहीं हुए थे। आरपीएफ इंस्पेक्टर राजीव उपाध्याय ने बताया कि तीनों के खिलाफ रेलवे एक्ट में मामला दर्ज कर गुरुवार को झांसी में रेलवे मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया। जहां से तीनों को जेल भेज दिया गया।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि अभी आईआरसीटीसी और अन्य रेलवे एजेंसियों तथा बैंकों से तीनों आरोपियों के लेनदेन का पता किया जा रहा है। उसके बाद चार्जशीट बनाई जाएगी। उन्होंने बताया कि दरोगा ओमवीर सिंह को जांच अधिकारी बनाया गया है। बता दें कि इसके पहले आरपीएफ व क्राइम ब्रांच ने तीन फरवरी को नीलम लाज में छापामार दो सगे भाइयों को टिकटों की कालाबाजारी करते हुए पकड़कर जेल भेजा था।
विज्ञापन
पर्सनल आईडी पर तत्काल टिकट बनाकर कई सालों से रेलवे की टिकटिंग में सेंध की सूचना पर झांसी क्राइम ब्रांच की टीम ने उरई आरपीएफ के सहयोग से बुधवार को जालौन में छापा मारकर कंप्यूटर केंद्र संचालक मनोज को पकड़ा था, मनोज के पास 19 यूजर आईडी, 87 हजार रुपये व दस अग्रिम टिकट मिले थे। जबकि देवेंद्र के पास नौ यूजर आईडी और 63 हजार रुपये व दो अग्रिम टिकट मिले।
विज्ञापन
इसके बाद उरई में हुई छापा मारकर मोबाइल दुकान संचालक अमित प्रताप सिंह (37) पुत्र रंजीत सिंह निवासी तुलसीनगर उरई को पकड़ा था, उसके पास से पर्सनल यूजर आईडी मिली और 25 अग्रिम टिकट मिले, हालांकि उसके पास नगद रुपये बरामद नहीं हुए थे। आरपीएफ इंस्पेक्टर राजीव उपाध्याय ने बताया कि तीनों के खिलाफ रेलवे एक्ट में मामला दर्ज कर गुरुवार को झांसी में रेलवे मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया। जहां से तीनों को जेल भेज दिया गया।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि अभी आईआरसीटीसी और अन्य रेलवे एजेंसियों तथा बैंकों से तीनों आरोपियों के लेनदेन का पता किया जा रहा है। उसके बाद चार्जशीट बनाई जाएगी। उन्होंने बताया कि दरोगा ओमवीर सिंह को जांच अधिकारी बनाया गया है। बता दें कि इसके पहले आरपीएफ व क्राइम ब्रांच ने तीन फरवरी को नीलम लाज में छापामार दो सगे भाइयों को टिकटों की कालाबाजारी करते हुए पकड़कर जेल भेजा था।