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इस बार सर्दी में न पड़ जाए सूखा

Sat, 09 Jan 2016 10:55 PM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, उरई
ब्यूरो/ अमर उजाला, उरई Updated Sat, 09 Jan 2016 10:55 PM IST
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This should not come in the winter drought
किसानों की मुसीबतें कम होने का नाम नहीं ले रहीं हैं। स्थिति यह है कि कभी
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ओलावृष्टि तो कभी अतिवृष्टि से बुंदेलखंड के किसानों की कमर तोड़ कर रख दी है। अब जनपद का किसान पूरी तरह से आपदा से उबरा भी नहीं कि एक और मुसीबत नजर आ रही है। दरअसल गत वर्षों के सापेक्ष सर्दी इस बार काफी कम रही और सर्दी में होने वाली बारिश भी

अभी तक नहीं हुई। मौसम के इस उलटफेर पैदावार पर असर पड़ने की आशंका खड़ी हो गई है। इसके अलावा नहरें भी फुलगेज से न चलाए जाने से गेहूं, सरसों, चना, मटर व आलू की फसलों की सिंचाई नहीं हो पा रही है। जानकारों की मानें तो इस समय किसानों को सिंचाई के लिए पानी की बहुत आवश्यकता है, लेकिन वह पर्याप्त नहीं मिल पा रहा हैं।

नहरों से जो आस थी, वह भी खत्म ही नजर आ रही हैं। जिला प्रशासन भी किसानों की ओर ध्यान नहीं दे रहा है जिससे किसानों की समस्या कम नहीं हो रही हैं। यदि समय रहते फसलों की बेहतर तरीके से सिंचाई नहीं हो पाई तो निश्चित तौर पर जनपद में फसलों की पैदावार एक तिहाई भी नहीं हो पाएगी। कोंच प्रतिनिधि के अनुसार वातावरण में

नमी लगातार घटती जा रही है और नहरों और नलकूपों का संचालन भी ठीक ढंग से नहीं हो पा रहा है। पिछले साल दैवी आपदा से तबाह किसानों को इस बार काफी उम्मीद थी। पर मौसम के मिजाज और प्रशासनिक हीलाहवाली ने आस पर पानी फेर दिया। सरकारी मुआवजा भी पात्र पीड़ित किसानों तक नहीं पहुंचा है। बुंदेलखंड के किसानों के लिए

मुख्यमंत्री की चौबीस घंटे बिजली देने की घोषणा भी हवा हवाई रही हालत यह है कि ट्यूबवेल चलाने के लिए दिन में दो घंटे भी बिजली मयस्सर नहीं है। अमर उजाला टीम ने कोंच, माधौगढ़, जालौन और कालपी समेत जिले के विभिन्न इलाकों का दौरा किया। इस दौरान कई इलाकों में पानी ना मिलने से गेहूं की फसल खेतों में सूखने के कगार पर दिखी

तो वहीं मटर और मसूर व अन्य जिंसों की भी कहानी यही रही। किसानों की मानें तो अब तक पचास फीसदी फसलें सूखे की चपेट में आ चुकी हैं। रही सही कसर मौसम और सरकारी मशीनरी का हीलावहवाली का रवैया पूरा कर रहा है।

वैसे ही बुंदेलखंड का किसान आपदा से घिरा हुआ हैं। ऊपर से मौजूदा हालात में तेज धूप पड़ने से किसानों का परेशान होना लाजिमी हैं। यदि समय रहते खेतों को भरपूर पानी न मिला तो फसलों के उत्पादन में जो खर्च आया है, उससे भी निकालना मुश्किल हो जाएगा।- अनिल याज्ञिक, सरावन

जिला प्रशासन को ऐसे समय में विभिन्न इलाकों में नहरों का संचालन फुुलगेज से कराना चाहिए ताकि ठीक ढंग से फसलों की सिंचाई हो सके। इससे तेज धूप पड़ने से फसल पर पड़ रहे दुष्प्रभाव को रोका जा सकेगा। यह तभी संभव होगा जब जिला प्रशासन किसानों की ओर देखेगा।- किसान कृष्णपाल सिंह, धमना

खेतों की नमी गायब है, ओस का भी कहीं अता पता नहीं है और अपर्याप्त बिजली मिलने के कारण नलकूप भी नहीं चल पा रहे। बिजली व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त है। नहरों का संचालन जब होगा तब तक किसान रसातल में जा चुका होगा।-महावीर, किसान

फसलें लगभग पचास फीसदी तबाह हो चुकी हैं और अगर मौसम की यही हालत रही तो बचीखुची फसलें भी हाथों से जाती रहेगीं।  प्रशासन सिंचाई में आने रही दिक्कतों को दूर कर फसलें बचा सकता है।
                                               ध्रुवप्रताप सिंह, किसान, ग्राम रामपुर सनेता

खाद, बीज पाने में छूटे पसीने
ग्रामीण इलाकों में किसान का परिवार खेती पर ही आश्रित रहता है। खेतों की जुताई से लेकर फसलों की बुवाई व सिंचाई करने में किसानों के पसीने छूट जाते है। खाद, बीज जुटाने केे लिए किसानों को केेंद्रों के तमाम चक्कर काटने पड़ते हैं, तब कहीं जाकर खाद मिल पाती है।

फसलों पर पड़ रहा दुष्प्रभाव
जनपद में सर्दी के दिनों में पड़ रही तेज धूप किसानों के लिए मुसीबत पैदा कर रही है। तेज धूप से खेतोें में खड़ी फसलें दुष्प्रभाव का शिकार हो रहीं हैं। इस समय किसानों को पानी की आवश्यकता हैं। ऐसे समय में किसानों को पर्याप्त पानी नहीं मिल रहा।

वर्जन
अभी कोहरे के आस कम है, इसलिए सर्दी भी लेट पडे़गी। किसानों को अभी खेतों में नमी आने का इंतजार करना पडे़गा, क्योंकि कोहरे के साथ ही पड़ने वाली सर्दी से खेतों में नमी आएगी।-  पुरुषोत्तम कुशवाहा, मौसम वैज्ञानिक

अधिकतम और न्यूनतम तापमान में बढ़ोत्तरी
पिछले चार-पांच दिनों में अधिकतम और न्यूनतम तापमान में बढ़ोत्तरी देखी गई है। पांच जनवरी को जहां अधिकतम तामपान 22 और न्यूनतम 11 डिग्री था, वहीं छह जनवरी को यह 22 और 11.5 डिग्री पर आ गया। वहीं सात को

अधिकतम तापमान 22.5 और न्यूतनम तापमान 11.5 रिकार्ड किया गया। आठ तारीख को अधिकतम तापमान में दो डिग्री और न्यूनतम में एक डिग्री की बढ़ोत्तरी दर्ज की गई। इस दिन तापमान 24 व 12.5 रहा। हालांकि नौ जनवरी को अधिकतम तापमान 23 और न्यूनतम 12 डिग्री रिकार्ड किया गया।
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