{"_id":"5e9b4b778ebc3e6feb3e9fae","slug":"there-was-a-problem-of-eating-and-drinking-now-hurry-to-reach-home-orai-news-knp5559063152","type":"story","status":"publish","title_hn":"खाने पीने की दिक्कत थी, अब घर पहुंचने की जल्दी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
खाने पीने की दिक्कत थी, अब घर पहुंचने की जल्दी
विज्ञापन
बस के अंदर बैठे प्रदेश के कई जिलों के छात्र-छात्राएं
- फोटो : ORAI
उरई (जालौन)। कोटा से लौट रहीं रोडवेज बसों में सवार छात्र-छात्राओं ने कहा कि लॉकडाउन के कारण खाने-पीने में दिक्कत थी पर अब घर पहुंचने की जल्दी है। बसों में छात्रों के साथ पुलिस फोर्स तो थी ही, कोतवाली पुलिस भी बसों को सुरक्षा घेरे में लिए रही।
शनिवार शाम सात बजे प्रतापगढ़, बनारस, इटावा, औरैया, सोनभद्र, मिर्जापुर, जौनपुर, इलाहाबाद, फतेहपुर, फर्रुखाबाद, इटावा, कन्नौज, कानपुर, चित्रकूट आदि क्षेत्रों को जाने वाली बसें रोडवेज डिपो पहुंची तो कुछ ही देर में कोतवाली पुलिस फोर्स भी पहुंच गया और कड़ी सुरक्षा के बीच बसों में डीजल भराया। इस दौरान छात्र-छात्राओं के सुकून के भाव साफ नजर आ रहे थे। लगभग सभी छात्र-छात्रा व पुलिस कर्मी मास्क भी लगाए थे और सामाजिक दूरी का पालन कर रहे थे। सभी बसों की छतों में छात्रों के सामान लदा था।
इस दौरान बस से उतरकर सड़क पर टहलते छात्रों से बातचीत में बताया कि हास्टल में लॉकडाउन के बाद कुछ दिन तो स्थिति सामान्य रही पर धीरे-धीरे खाने पीने का सामान खत्म हो रहा था। इधर घरवालों के फोन रोज आते थे। वे भी काफी फिक्रमंद थे। लिहाजा अभिभावकों और हम छात्रों की ओर से भी सीएम योगी से अपील की गई थी कि छात्रों को घर पहुंचाया जाए। इस पर सुनवाई करते हुए रोडवेज बसें भेजकर उन्हें घर तक भेजने का जो काम शुरू किया है। उसके लिए सभी छात्र उनके आभारी है। एआरएम केसरीनंदन चौधरी का कहना है कि विभिन्न जिलों को जा रहीं 36 बसों में डीजल भरवाया गया है।
विज्ञापन
कई बार कोशिश की पर व्यवस्था नहीं बनी
प्रतापगढ़ निवासी छात्र श्रेयश सिंह का कहना है कि हास्टल में खाने पीने की दिक्कत हो रही थी, अब तो बस घर पहुंचने की जल्दी है। कोटा से कई बार कोशिश की घर आने की लेकिन व्यवस्था नहीं बनी। अब पहुंचकर परिजनों से जल्द मिलने की इच्छा है।
घर पहुंचने की है जल्दी
बनारस निवासी छात्रा सलोनी सिंह बोलीं कि लॉकडाउन के पहले 21 दिन तक उम्मीद बंधी रही लेकिन लाकडाउन पार्ट 2 शुरू होते ही बस लग रहा था कि कैसे भी घर पहुंच जाएं। अब जब घर कुछ ही दूरी पर रह गया है तो काफी अच्छा लग रहा है।
स्वास्थ्य विभाग की टीम रही तैयार
स्वास्थ्य विभाग की टीम भी मुस्तैद कर दी गई है। जिले के निवासी 35 छात्र-छात्राएं कोटा से लौट आए हैं। उनका बस अड्डे या रोडवेज डिपो में स्वास्थ्य परीक्षण किया जाएगा। सीएमओ के मुताबिक, कोटा से लौटे सभी छात्र-छात्राओं की जांच कर राधिका व सनराइज होटल, कालपी रोड में क्वारंटीन किया जाएगा।
विज्ञापन
शनिवार शाम सात बजे प्रतापगढ़, बनारस, इटावा, औरैया, सोनभद्र, मिर्जापुर, जौनपुर, इलाहाबाद, फतेहपुर, फर्रुखाबाद, इटावा, कन्नौज, कानपुर, चित्रकूट आदि क्षेत्रों को जाने वाली बसें रोडवेज डिपो पहुंची तो कुछ ही देर में कोतवाली पुलिस फोर्स भी पहुंच गया और कड़ी सुरक्षा के बीच बसों में डीजल भराया। इस दौरान छात्र-छात्राओं के सुकून के भाव साफ नजर आ रहे थे। लगभग सभी छात्र-छात्रा व पुलिस कर्मी मास्क भी लगाए थे और सामाजिक दूरी का पालन कर रहे थे। सभी बसों की छतों में छात्रों के सामान लदा था।
विज्ञापन
इस दौरान बस से उतरकर सड़क पर टहलते छात्रों से बातचीत में बताया कि हास्टल में लॉकडाउन के बाद कुछ दिन तो स्थिति सामान्य रही पर धीरे-धीरे खाने पीने का सामान खत्म हो रहा था। इधर घरवालों के फोन रोज आते थे। वे भी काफी फिक्रमंद थे। लिहाजा अभिभावकों और हम छात्रों की ओर से भी सीएम योगी से अपील की गई थी कि छात्रों को घर पहुंचाया जाए। इस पर सुनवाई करते हुए रोडवेज बसें भेजकर उन्हें घर तक भेजने का जो काम शुरू किया है। उसके लिए सभी छात्र उनके आभारी है। एआरएम केसरीनंदन चौधरी का कहना है कि विभिन्न जिलों को जा रहीं 36 बसों में डीजल भरवाया गया है।
विज्ञापन
कई बार कोशिश की पर व्यवस्था नहीं बनी
प्रतापगढ़ निवासी छात्र श्रेयश सिंह का कहना है कि हास्टल में खाने पीने की दिक्कत हो रही थी, अब तो बस घर पहुंचने की जल्दी है। कोटा से कई बार कोशिश की घर आने की लेकिन व्यवस्था नहीं बनी। अब पहुंचकर परिजनों से जल्द मिलने की इच्छा है।
घर पहुंचने की है जल्दी
बनारस निवासी छात्रा सलोनी सिंह बोलीं कि लॉकडाउन के पहले 21 दिन तक उम्मीद बंधी रही लेकिन लाकडाउन पार्ट 2 शुरू होते ही बस लग रहा था कि कैसे भी घर पहुंच जाएं। अब जब घर कुछ ही दूरी पर रह गया है तो काफी अच्छा लग रहा है।
स्वास्थ्य विभाग की टीम रही तैयार
स्वास्थ्य विभाग की टीम भी मुस्तैद कर दी गई है। जिले के निवासी 35 छात्र-छात्राएं कोटा से लौट आए हैं। उनका बस अड्डे या रोडवेज डिपो में स्वास्थ्य परीक्षण किया जाएगा। सीएमओ के मुताबिक, कोटा से लौटे सभी छात्र-छात्राओं की जांच कर राधिका व सनराइज होटल, कालपी रोड में क्वारंटीन किया जाएगा।

प्रतापगढ़ निवासी छात्र श्रेयस- फोटो : ORAI

बनारस निवासी छात्रा सलोनी- फोटो : ORAI