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Jalaun News: कच्चे घर की दीवार भरभराकर गिरी, मलबे में दबकर वृद्ध घायल

Fri, 25 Jul 2025 01:42 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Fri, 25 Jul 2025 01:42 AM IST
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The wall of a kutcha house collapsed, an old man got injured after being buried under the rubble
जालौन। ब्लॉक क्षेत्र के छौलापुर गांव में बुधवार रात बारिश के कारण कच्चे मकान की दीवार ढहने से वृद्ध मलबे में दबकर घायल हो गया। ग्रामीणों की मदद से उन्हें मलबे से निकाला गया और सीएचसी पहुंचाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर हालत उन्हें मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया।
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ब्लॉक क्षेत्र के छौलापुर गांव निवासी नरेंद्र कुमार जाटव ने बताया कि वह मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। उनका मकान कच्चा है और हाल की लगातार बारिश के चलते घर की दीवारों में काफी नमी आ गई थी। बुधवार की रात अचानक उनके मकान की एक दीवार ढह गई। मलबा सीधे पड़ोसी भागीरथ (65) के मकान की ओर गिरा जो उस समय आंगन में चारपाई पर लेटे हुए थे।
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मलबे में दबकर भागीरथ गंभीर रूप से घायल हो गए। शोर सुनकर परिजन व ग्रामीण पहुंचे और आनन-फानन में मलबा हटाकर उन्हें बाहर निकाला और अस्पताल पहुंचाया। इस दौरान घर में नरेंद्र कुमार, उनकी पत्नी रागिनी और तीन बच्चे आंगन में खाना खा रहे थे। दीवार गिरते ही वे बाल-बाल बच गए, लेकिन मकान के अंदर रखा कूलर, पंखा, साइकिल और घरेलू सामान पूरी तरह मलबे में दब गया। परिजनों ने बताया कि करीब 50 हजार रुपये का आर्थिक नुकसान हुआ है। घटना की सूचना मिलने पर लेखपाल प्रिया अवस्थी गुरुवार सुबह मौके पर पहुंचीं और नुकसान का आंकलन कर रिपोर्ट एसडीएम कार्यालय को भेज दी है। पीड़ित ने शासन से पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता और मकान की मरम्मत के लिए मदद की मांग की है।
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-इंसेट-
संपूर्ण समाधान दिवस में की थी सहायता की
जालौन। छौलापुर गांव निवासी मजदूर नरेंद्र कुमार जाटव का गांव में कच्चा मकान है। नरेंद्र कुमार ने बताया कि उनकी हैसियत इतनी नहीं है कि वह पक्का मकान बनवा सकें। समय के साथ कच्चा मकान जर्जर हो गया है और दीवारें भी कमजोर हो गई हैं। जिसके चलते वह प्रधानमंत्री आवास पाने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन अब तक उनका आवास स्वीकृत नहीं हुआ है। बताया कि बीती पांच जुलाई को डीएम की अध्यक्षता में आयोजित हुए संपूर्ण समाधान दिवस में भी उन्होंने डीएम को प्रार्थना पत्र देकर प्रधानमंत्री आवास दिलाने की गुहार लगाई थी ताकि वह अपना मकान पक्का करवा सकें। यदि आवास मिल जाता तो यह घटना न होती।
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