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Jalaun News: विवादों में घिरीं संविदा के आयुष चिकित्सकों की भर्ती प्रक्रिया
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उरई। स्वास्थ्य विभाग में आयुष के संविदा चिकित्सकों की भर्ती प्रक्रिया विवादों में घिर गई है। साक्षात्कार में मनमानी को लेकर आवेदक ने मुख्यमंत्री को शिकायत भेजी है। इसमें आरोप लगाया कि सीएमओ और एनएचएम के डीपीएम की देखरेख में होने वाले साक्षात्कार में निष्पक्षता को खतरा है। लिहाजा नए सिरे से साक्षात्कार कराए जाएं और पुराने आवेदकों को भी साक्षात्कार में शामिल किया जाए।
बता दें कि जिले में आयुष चिकित्सकों के 15 पदों के लिए आवेदन मांगे गए थे। इस पर 18 से 21 जुलाई तक दस्तावेज जांच और साक्षात्कार होना था। सोमवार को करीब 25 अभ्यर्थियों ने इंटरव्यू में मनमानी का आरोप लगाकर हंगामा किया था और डीएम से शिकायत की थी। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए डीएम राजेश कुमार पांडेय ने सीएमओ और डीपीएम से इस मामले में नाराजगी जताते हुए साक्षात्कार स्थगित कर 24, 26 व 28 जुलाई को नए सिरे से साक्षात्कार आयोजित करने का निर्देश दिया है। साथ ही पूरे मामले की निगरानी के लिए एडीएम स्तर के अधिकारी को नोडल नामित करने की बात कही है।
उधर, मंगलवार को महोबा निवासी आवेदक महेश कुमार ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर कहा कि आयुष चिकित्सकों की भर्ती के लिए 19 नवंबर 2024 को विज्ञापन निकला गया था। इससें मेन स्ट्रीम में 156 और आरबीएसके कार्यक्रम में 147 समेत कुल 303 आवेदकों ने आवेदन किया था। इसका साक्षात्कार भी 9 से 11 दिसंबर को विकास भवन सभागार में हुआ था, लेकिन बिना कोई कारण बताए यह भर्ती निरस्त कर दी गई।
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इसके बाद 2 जुलाई को फिर से विज्ञापन निकाला गया और इसमें आवेदन की अंतिम तिथि 14 जुलाई रखी गई। जबकि, एनआईसी की वेबसाइट पर अंतिम तिथि 25 जुलाई दर्शाई जा रही है। जो आज भी वेबसाइट पर दिखाई दे रही है। पूर्व में आवेदन करने वाले लोगों को मौका दिए बगैर नए सिरे से आवेदन मांग लिए गए और नए 274 आवेदकों को साक्षात्कार के लिए 18 से 21 जुलाई तक बुला लिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि सीएमओ और एनएचएम के डीपीएम की देखरेख में जो साक्षात्कार हो रहे हैं, आवेदकों को आशंका है कि उसमें निष्पक्ष रूप से चयन नहीं हो सकता है। उन्होंने मांग की कि पूर्व में आवेदन करने वाले डिग्रीधारी अभ्यर्थियों को भी साक्षात्कार में मौका दिया जाए।
वर्जन
आवेदकों से छह महीने का अनुभव मांगा गया था, कुछ अभ्यर्थी अनुभव प्रमाणपत्र नहीं दे पा रहे हैं। इसलिए वह मनगंढत आरोप लगा रहे हैं। पूरी प्रकि्रया निष्पक्ष तरीके से की जा रही है।
डॉ. एनडी शर्मा, सीएमओ
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बता दें कि जिले में आयुष चिकित्सकों के 15 पदों के लिए आवेदन मांगे गए थे। इस पर 18 से 21 जुलाई तक दस्तावेज जांच और साक्षात्कार होना था। सोमवार को करीब 25 अभ्यर्थियों ने इंटरव्यू में मनमानी का आरोप लगाकर हंगामा किया था और डीएम से शिकायत की थी। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए डीएम राजेश कुमार पांडेय ने सीएमओ और डीपीएम से इस मामले में नाराजगी जताते हुए साक्षात्कार स्थगित कर 24, 26 व 28 जुलाई को नए सिरे से साक्षात्कार आयोजित करने का निर्देश दिया है। साथ ही पूरे मामले की निगरानी के लिए एडीएम स्तर के अधिकारी को नोडल नामित करने की बात कही है।
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उधर, मंगलवार को महोबा निवासी आवेदक महेश कुमार ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर कहा कि आयुष चिकित्सकों की भर्ती के लिए 19 नवंबर 2024 को विज्ञापन निकला गया था। इससें मेन स्ट्रीम में 156 और आरबीएसके कार्यक्रम में 147 समेत कुल 303 आवेदकों ने आवेदन किया था। इसका साक्षात्कार भी 9 से 11 दिसंबर को विकास भवन सभागार में हुआ था, लेकिन बिना कोई कारण बताए यह भर्ती निरस्त कर दी गई।
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इसके बाद 2 जुलाई को फिर से विज्ञापन निकाला गया और इसमें आवेदन की अंतिम तिथि 14 जुलाई रखी गई। जबकि, एनआईसी की वेबसाइट पर अंतिम तिथि 25 जुलाई दर्शाई जा रही है। जो आज भी वेबसाइट पर दिखाई दे रही है। पूर्व में आवेदन करने वाले लोगों को मौका दिए बगैर नए सिरे से आवेदन मांग लिए गए और नए 274 आवेदकों को साक्षात्कार के लिए 18 से 21 जुलाई तक बुला लिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि सीएमओ और एनएचएम के डीपीएम की देखरेख में जो साक्षात्कार हो रहे हैं, आवेदकों को आशंका है कि उसमें निष्पक्ष रूप से चयन नहीं हो सकता है। उन्होंने मांग की कि पूर्व में आवेदन करने वाले डिग्रीधारी अभ्यर्थियों को भी साक्षात्कार में मौका दिया जाए।
वर्जन
आवेदकों से छह महीने का अनुभव मांगा गया था, कुछ अभ्यर्थी अनुभव प्रमाणपत्र नहीं दे पा रहे हैं। इसलिए वह मनगंढत आरोप लगा रहे हैं। पूरी प्रकि्रया निष्पक्ष तरीके से की जा रही है।
डॉ. एनडी शर्मा, सीएमओ