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Jalaun News: कंटेनर में लदे पैकेटों में भरा था प्रतिबंधित मांस, रिपोर्ट आने पर पुलिस ने कराया नष्ट
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एट। फर्जी तरीके से प्रतिबंधित मांस को पुलिस ने पकड़ा है। चालक बिल्टी बनाकर कंटेनर में 21 हजार किलो मांस ले जा रहा था।
पुलिस ने जब कागजात मांगे तो पैकेटों में मछली का मांस होने की बात कहकर चालक ने बहाना बनाया। संदेह होने पर पैकेटों को खुलवाया तो चालक भैंस का मांस बताने लगा। पकड़े गए चार के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करते हुए मांस का नमूना प्रयोगशाला आगरा भेजा गया।
वहां से जो रिपेार्ट आई, उससे प्रतिबंधित मांस होने की पुष्टि हुई। शुक्रवार को पुलिस ने उस मांस को जेसीबी से गड्ढा खोदवाकर दफनाया।
गुजरात से प्रतिबंधित मांस पैकेटों में भरकर कंटेनर से हैदराबाद ले जाया जा रहा था। 22 दिसंबर को जब कंटेनर एट थाना क्षेत्र से गुजरा तो थाना प्रभारी संजय गुप्ता ने चालक से टोल प्लाजा के पास रुकवाकर कागजात मांगे। जिस पर चालक ने बताया कि कंटेनर में पैकेटों में मछली का मांस है। कागजात भी फिश फूड के नाम से बने हुए थे।
जब पुलिस ने एक पैकेट को खुलवाकर देखा तो माजरा कुछ और ही निकला। जिस पर पुलिस ने कंटेनर चालक हिमाचल प्रदेश के जिला बिलासपुर के थाना भराड़ी क्षेत्र के बारे गांव निवासी नवीन कुमार से सख्ती से पूछताछ की तो उसने बताया कि मांस भैंस का है। पुलिस ने चालक व दिल्ली के परवाना रोड प्रथम तल गली नंबर नौ निवासी हेल्पर यूसुफ को गिरफ्तार कर जेल भेजा।
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कंटेनर को कब्जे में लेते हुए मांस का नमूना आगरा प्रयोगशाला में भेज दिया था। शुक्रवार को रिपोर्ट आई तो उसमें पता चला कि मांस प्रतिबंधित पशु का था। पुलिस ने कंटेनर में लदे 21 हजार किलो मांस को जेसीबी से जमींदोज करा दिया।
थानाध्यक्ष संजय गुप्ता ने बताया कि चालक को गिरफ्तार कर लिया गया है। बाकियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है। जल्द ही सभी को गिरफ्तार किया जाएगा।
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पुलिस ने जब कागजात मांगे तो पैकेटों में मछली का मांस होने की बात कहकर चालक ने बहाना बनाया। संदेह होने पर पैकेटों को खुलवाया तो चालक भैंस का मांस बताने लगा। पकड़े गए चार के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करते हुए मांस का नमूना प्रयोगशाला आगरा भेजा गया।
वहां से जो रिपेार्ट आई, उससे प्रतिबंधित मांस होने की पुष्टि हुई। शुक्रवार को पुलिस ने उस मांस को जेसीबी से गड्ढा खोदवाकर दफनाया।
गुजरात से प्रतिबंधित मांस पैकेटों में भरकर कंटेनर से हैदराबाद ले जाया जा रहा था। 22 दिसंबर को जब कंटेनर एट थाना क्षेत्र से गुजरा तो थाना प्रभारी संजय गुप्ता ने चालक से टोल प्लाजा के पास रुकवाकर कागजात मांगे। जिस पर चालक ने बताया कि कंटेनर में पैकेटों में मछली का मांस है। कागजात भी फिश फूड के नाम से बने हुए थे।
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जब पुलिस ने एक पैकेट को खुलवाकर देखा तो माजरा कुछ और ही निकला। जिस पर पुलिस ने कंटेनर चालक हिमाचल प्रदेश के जिला बिलासपुर के थाना भराड़ी क्षेत्र के बारे गांव निवासी नवीन कुमार से सख्ती से पूछताछ की तो उसने बताया कि मांस भैंस का है। पुलिस ने चालक व दिल्ली के परवाना रोड प्रथम तल गली नंबर नौ निवासी हेल्पर यूसुफ को गिरफ्तार कर जेल भेजा।
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कंटेनर को कब्जे में लेते हुए मांस का नमूना आगरा प्रयोगशाला में भेज दिया था। शुक्रवार को रिपोर्ट आई तो उसमें पता चला कि मांस प्रतिबंधित पशु का था। पुलिस ने कंटेनर में लदे 21 हजार किलो मांस को जेसीबी से जमींदोज करा दिया।
थानाध्यक्ष संजय गुप्ता ने बताया कि चालक को गिरफ्तार कर लिया गया है। बाकियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है। जल्द ही सभी को गिरफ्तार किया जाएगा।