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दूसरे दिन भी जारी रही नर्सों की हड़ताल
अमर उजाला ब्यूरो, उरई
Updated Sat, 03 Sep 2016 11:01 PM IST
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महिला अस्पताल में हड़ताल कर नारेबाजी करतीं नर्सें
- फोटो : अमर उजाला
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मांगों को लेकर जिले की नर्सों की हड़ताल लगातार दूसरे दिन शनिवार को भी जारी रही। इस दौरान नर्सों ने अस्पतालों में काम नहीं किया। इससे स्वास्थ्य सेवाएं आंशिक रूप से प्रभावित हुईं। हालांकि संविदा पर तैनात नर्सें अभी काम कर रही हैं, इससे स्थिति ज्यादा नहीं बिगड़ी है। आल इंडिया गवरमेंट नर्सेज फेडरेशन नई दिल्ली के आवाहृन पर सातवें वेतन
आयेाग के विरोध में जिले के मेडिकल कालेज, जिला अस्पताल, महिला अस्पताल आदि में तैनात नर्सों ने हड़ताल शुरू कर दी थी। दूसरे दिन शनिवार को भी हड़ताल जारी रही। राजकीय नर्सेज संघ क ी कार्यवाहक अध्यक्ष ऊषा यादव ने कहा कि हमारी मांग है, प्रारंम्भिक ग्रेड पे 5400 दिया जाए। उप नर्सिंग अधीक्षक पद को समाप्त न किया जाए। छठे वेतन आयोग
द्वारा की गई संस्तुतियों के अनुसार नर्सिंग भत्तों को दोगुना किया जाए व प्रदेश में कार्यरत नर्सेज को केंद्र के समान सभी भत्ते दिए जाए। नर्सेज की आउट सोर्सिंग, ठेका व संविदा भर्ती प्रक्रिया रोकी जाए। जिला मंत्री हदय नारायन राजपूत ने कहा कि जब तक मांगें पूरी नहीं होंगी, तब तक यह हड़ताल जारी रहेगी। नर्सों के हड़ताल पर रहने से स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित
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तो हुईं पर पूरी तरह ठप नहीं हुई हैं। इसका कारण यह है कि संविदा पर तैनात नर्सें अभी काम पर हैं। जिला अस्पताल व महिला अस्पताल में हृदय नारायण राजपूत, माया वर्मा, माया पाल, मिथलेश पाल, राम जानकी, नीलम परिहार, मुन्नी साहू, स्मिता कटियार, रमाकांती, कमलेश वर्मा, राजेश्वरी आदि नर्सें हड़ताल में शामिल रहीं।
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आयेाग के विरोध में जिले के मेडिकल कालेज, जिला अस्पताल, महिला अस्पताल आदि में तैनात नर्सों ने हड़ताल शुरू कर दी थी। दूसरे दिन शनिवार को भी हड़ताल जारी रही। राजकीय नर्सेज संघ क ी कार्यवाहक अध्यक्ष ऊषा यादव ने कहा कि हमारी मांग है, प्रारंम्भिक ग्रेड पे 5400 दिया जाए। उप नर्सिंग अधीक्षक पद को समाप्त न किया जाए। छठे वेतन आयोग
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द्वारा की गई संस्तुतियों के अनुसार नर्सिंग भत्तों को दोगुना किया जाए व प्रदेश में कार्यरत नर्सेज को केंद्र के समान सभी भत्ते दिए जाए। नर्सेज की आउट सोर्सिंग, ठेका व संविदा भर्ती प्रक्रिया रोकी जाए। जिला मंत्री हदय नारायन राजपूत ने कहा कि जब तक मांगें पूरी नहीं होंगी, तब तक यह हड़ताल जारी रहेगी। नर्सों के हड़ताल पर रहने से स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित
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तो हुईं पर पूरी तरह ठप नहीं हुई हैं। इसका कारण यह है कि संविदा पर तैनात नर्सें अभी काम पर हैं। जिला अस्पताल व महिला अस्पताल में हृदय नारायण राजपूत, माया वर्मा, माया पाल, मिथलेश पाल, राम जानकी, नीलम परिहार, मुन्नी साहू, स्मिता कटियार, रमाकांती, कमलेश वर्मा, राजेश्वरी आदि नर्सें हड़ताल में शामिल रहीं।