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Jalaun News: चटख धूप शुरू होते ही चर्म रोगियों की बढ़ी संख्या
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संवाद न्यूज एजेंसी
उन्नाव। चटख धूप शुरू होते ही चर्म रोगियों की संख्या बढ़ रही है। लोग फंगल इंफेक्शन और स्केबीज की चपेट में आ रहे हैं। शरीर में लाल दाने और चकत्ते पड़ रहे हैं। रोजाना जिला अस्पताल की ओपीडी औसतन 150 मरीज पहुंच रहे हैं।
दिन का तापमान बढ़ने से दाद, खाज, खुजली के मरीजों में इजाफा हुआ है। लोगों के शरीर पर छोटे-छोटे दाने निकल रहे है। वहीं खुजली से बच्चे, बुजुर्ग व नौजवान परेशान हैं।
जिला अस्पताल की ओपीडी में चर्म रोग विशेषज्ञ को दिखाने के लिए रोजाना औसतन 150 मरीज पहुंच रहे हैं। जिनमें अधिकांश मरीज फंगल इंफेक्शन और स्केबीज से परेशान हैं। डाक्टरों के अचानक बदले मौसम की वजह से यह समस्या आ रही है। डॉक्टरों के अनुसार यह संक्रामक बीमारी है। जो पसीने से से भी हो सकती है। अंगुलियां के बीच, कलाइयों, जांघ व अन्य अंगों पर अधिक प्रभाव होता है। बार-बार खुजली करने पर अंगों पर लाल दाग का निशान पड़ जाता है।
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बचाव
गर्मी में सूती और ढीले-ढाले कपड़े पहने
किसी अन्य का रुमाल या तौलिया प्रयोग न करें
ताजे पानी से सुबह-शाम स्नान करें
अच्छी साबुन का इस्तेमाल करें
शरीर के कोमल हिस्सों को साफ रखें
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गर्मी व मौसम बदलने के कारण त्वचा संबंधित मरीज बढ़े हैं। डॉक्टर की सलाह से ही कोई दवा या इलाज करें। बताया कि यह पसीने से होने वाली बीमारी है। साफ-सफाई का ध्यान रखें। डॉक्टर से सलाह लिए बिना कोई भी क्रीम व दवा न लें। - डाॅ. प्रियंका श्रीवास्तव, चर्म व कुष्ठ रोग विशेषज्ञ
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उन्नाव। चटख धूप शुरू होते ही चर्म रोगियों की संख्या बढ़ रही है। लोग फंगल इंफेक्शन और स्केबीज की चपेट में आ रहे हैं। शरीर में लाल दाने और चकत्ते पड़ रहे हैं। रोजाना जिला अस्पताल की ओपीडी औसतन 150 मरीज पहुंच रहे हैं।
दिन का तापमान बढ़ने से दाद, खाज, खुजली के मरीजों में इजाफा हुआ है। लोगों के शरीर पर छोटे-छोटे दाने निकल रहे है। वहीं खुजली से बच्चे, बुजुर्ग व नौजवान परेशान हैं।
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जिला अस्पताल की ओपीडी में चर्म रोग विशेषज्ञ को दिखाने के लिए रोजाना औसतन 150 मरीज पहुंच रहे हैं। जिनमें अधिकांश मरीज फंगल इंफेक्शन और स्केबीज से परेशान हैं। डाक्टरों के अचानक बदले मौसम की वजह से यह समस्या आ रही है। डॉक्टरों के अनुसार यह संक्रामक बीमारी है। जो पसीने से से भी हो सकती है। अंगुलियां के बीच, कलाइयों, जांघ व अन्य अंगों पर अधिक प्रभाव होता है। बार-बार खुजली करने पर अंगों पर लाल दाग का निशान पड़ जाता है।
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बचाव
गर्मी में सूती और ढीले-ढाले कपड़े पहने
किसी अन्य का रुमाल या तौलिया प्रयोग न करें
ताजे पानी से सुबह-शाम स्नान करें
अच्छी साबुन का इस्तेमाल करें
शरीर के कोमल हिस्सों को साफ रखें
गर्मी व मौसम बदलने के कारण त्वचा संबंधित मरीज बढ़े हैं। डॉक्टर की सलाह से ही कोई दवा या इलाज करें। बताया कि यह पसीने से होने वाली बीमारी है। साफ-सफाई का ध्यान रखें। डॉक्टर से सलाह लिए बिना कोई भी क्रीम व दवा न लें। - डाॅ. प्रियंका श्रीवास्तव, चर्म व कुष्ठ रोग विशेषज्ञ