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सामूहिक विवाह में 22 जोड़े एक-दूजे के हुए
अमर उजाला ब्यूरो, उरई
Updated Sun, 11 Dec 2016 11:31 PM IST
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निकाह पढ़ते मौलाना।
- फोटो : अमर उजाला
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सर्व समाज के सामूहिक विवाह सम्मेलन का आयोजन दारुल उलूम बरकाते मुहम्मदिया करसान रोड में रविवार को किया गया। इसमें 22 जोड़ों ने एक दूसरे का हाथ थामा। शादी सम्मेलन में हिंदू, मुस्लिम एकता की मिसाल भी देखने को मिली। यहां एक ही मंच व एक ही परिसर में 12 हिंदू जोड़ों ने अग्नि को साक्षी मानकर फेरे लिए तो वहीं, दस जोड़ों ने निकाह
कुबूल कर जीवन भर साथ निभाने का संकल्प लिया। सामूहिक विवाह सम्मेलनों से फिजूल खर्ची तो बचती ही है, वहीं, आर्थिक रूप से परेशान लोगों की बेटियों व बेटों की शादी भी हो जाती है। यह बात कार्यक्रम के आयोजक हमीद शाह ने कही। उन्होंने कहा कि समाज के ऐसे नेक कायों में सभी को आगे बढ़कर सहयोग करना चाहिए। रविवार को दारुल उलूम बरकाते
मुहम्मदिया के मैदान में विशाल मंच में 22 जोड़ों ने अपने जीवन साथी चुने। दोपहर हिंदू वर घोड़ों पर सवार होकर परिजनों के संग बैंडबाजों की धुनों पर थिरकते हुए आयोजन स्थल पर पहुंचे। यहां कमेटी के लोगों व कन्या पक्ष के लोगों ने वरों का टीका किया। इसके बाद वर वधु ने एक दूसरे के गले मेें जयमाला पहनाई। वहीं, मुस्लिम समाज के दूल्हे सेहरा बांधे हुए
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घोड़ों पर सवार होकर आयोजन स्थल पहुंचे और निकाह कुबूल किया। काजियों ने सभी जोड़ों को निकाह कराया। रीति-रिवाज से सभी वैवाहिक रस्में निभाईं गईं। कमेटी के लोगों ने वर वधुओं को आशीर्वाद दिया। इस दौरान मोहम्मद आजाद मंसूरी, मगन मंसूरी, असलम मंसूरी, शब्बीर सेठ, अरविंद गुप्ता, रफीक आदि मौजूद रहे।
इन जोड़ों ने थामा एक दूसरे का हाथ
मुकेश ने काजल, सोबरन ने विशाखा, जितेंद्र ने रागिनी, रुपम ने रेखा, गुरुवचन ने राशि, लक्ष्मी ने मालती, जितेेंद्र ने नीलम, अरविंद ने जानकी, सुजान ने सुनीता, खिल्लन ने अंकिता, कमलेश ने सोनम को जयमाला पहनाई। इदरीश ने महरुन, सानू शाह ने खुशबू बानो, अब्दुल फहीम ने शबनम, शफीक मंसूरी ने सुल्ताना बेगम, शमशुलहसन ने रुखसार, शफीउल्ला ने शबाना, शाहरुख ने रुखसार, अवलाख ने खुशबू, बली मुहम्मद ने रहीसा से निकाह कुबूल किया।
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कुबूल कर जीवन भर साथ निभाने का संकल्प लिया। सामूहिक विवाह सम्मेलनों से फिजूल खर्ची तो बचती ही है, वहीं, आर्थिक रूप से परेशान लोगों की बेटियों व बेटों की शादी भी हो जाती है। यह बात कार्यक्रम के आयोजक हमीद शाह ने कही। उन्होंने कहा कि समाज के ऐसे नेक कायों में सभी को आगे बढ़कर सहयोग करना चाहिए। रविवार को दारुल उलूम बरकाते
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मुहम्मदिया के मैदान में विशाल मंच में 22 जोड़ों ने अपने जीवन साथी चुने। दोपहर हिंदू वर घोड़ों पर सवार होकर परिजनों के संग बैंडबाजों की धुनों पर थिरकते हुए आयोजन स्थल पर पहुंचे। यहां कमेटी के लोगों व कन्या पक्ष के लोगों ने वरों का टीका किया। इसके बाद वर वधु ने एक दूसरे के गले मेें जयमाला पहनाई। वहीं, मुस्लिम समाज के दूल्हे सेहरा बांधे हुए
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घोड़ों पर सवार होकर आयोजन स्थल पहुंचे और निकाह कुबूल किया। काजियों ने सभी जोड़ों को निकाह कराया। रीति-रिवाज से सभी वैवाहिक रस्में निभाईं गईं। कमेटी के लोगों ने वर वधुओं को आशीर्वाद दिया। इस दौरान मोहम्मद आजाद मंसूरी, मगन मंसूरी, असलम मंसूरी, शब्बीर सेठ, अरविंद गुप्ता, रफीक आदि मौजूद रहे।
इन जोड़ों ने थामा एक दूसरे का हाथ
मुकेश ने काजल, सोबरन ने विशाखा, जितेंद्र ने रागिनी, रुपम ने रेखा, गुरुवचन ने राशि, लक्ष्मी ने मालती, जितेेंद्र ने नीलम, अरविंद ने जानकी, सुजान ने सुनीता, खिल्लन ने अंकिता, कमलेश ने सोनम को जयमाला पहनाई। इदरीश ने महरुन, सानू शाह ने खुशबू बानो, अब्दुल फहीम ने शबनम, शफीक मंसूरी ने सुल्ताना बेगम, शमशुलहसन ने रुखसार, शफीउल्ला ने शबाना, शाहरुख ने रुखसार, अवलाख ने खुशबू, बली मुहम्मद ने रहीसा से निकाह कुबूल किया।