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मिर्च की खेती को अनुदान पर मिलेगा बीज

Sun, 25 Oct 2015 11:20 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो जालौन
अमर उजाला ब्यूरो जालौन Updated Sun, 25 Oct 2015 11:20 PM IST
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उरई (जालौन) उन किसानों के लिए अच्छी खबर है जो साग सब्जी का उत्पादन करते हैं या फिर इस मर्तबा सब्जी की खेती करने की सोच रहे हैं। सरकार ने किसानों को अनुदान पर मिर्च का बीज मुहैया कराने के लिए योजना चलाई है। इसके तहत जनपद के किसानों को 10 हेक्टेयर क्षेत्रफल में मिर्च की खेती कराने के लिए उद्यान विभाग को जिम्मेदारी सौंपी है। विभागीय अधिकारी मिर्च की खेती के लिए किसानों को प्रेरित करेंगे।

सरकार की ओर से औद्यानिक खेती पर जोर दिया जा रहा है। किसानों को जहां फल और फूल की खेती के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा वहीं अब सब्जी की खेती पर भी जोर दिया जाने लगा है। माना जा रहा कि किसानों के लिए यह फायदे की खेती साबित होगी। शासन ने उद्योग विभाग को मिर्च की खेती के लिए 10 हेक्टेयर का लक्ष्य दिया गया है। इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए विभागीय अधिकारी किसानों को प्रेरित कर रहे है। मिर्च से होने वाले फायदे से लेकर बुआई का तौर तरीका बताया जा रहा है। किसानों को मिर्च का पंफ्लेट दिया जा रहा है जिसमें सारी जानकारी उपलब्ध है। अगले माह से मिर्च की बुआई की जाएगी।
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योजना के मुताबिक 12000 रुपये प्रति हेक्टेयर सब्सिडी किसान को दी जाएगी। सब्सिडी की रकम बीज के रूप में किसान को मिलेगी। मिर्च का बीज किसान को मुफ्त में मुहैया हो जाएगा। बस किसानों को मिर्च की खेती करने के लिए खेत तैयार कराना है और जरूरत भर का उर्वरक का इंतजाम करना है।
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एससी वर्ग के किसानों का कोटा फिक्स
मिर्च की खेती के लिए अनुदान पर बीज मुहैया कराने की जो योजना सरकार ने चलाई है उसमें एससी वर्ग के किसानों का 5 हेक्टेयर क्षेत्रफल फिक्स है। पांच हेक्टेयर के लिए एससी वर्ग को और पांच हेक्टेयर के लिए सामान्य वर्ग के किसानों को योजना का लाभ मिलेगा।

हर ब्लाक में होगी खेती
उद्यान विभाग के अधिकारी गमपाल सिंह की माने तो मिर्च का जो लक्ष्य विभाग को मिला है उसकी पूर्ति के लिए जनपद के सभी नौ विकास खंड क्षेत्रों से किसान का चयन किया जाएगा। इससे सभी ब्लाकों में मिर्च की खेती को बढ़ावा मिलेगा। एक हेक्टेयर से अधिक क्षेत्रफल के लिए किसी किसान को बीज नहीं मिलेगा। किसान चयन के लिए उसका पंजीकृत होना जरूरी है और जो पहले आएगा उसे पहले बीज मिलेगा।

अधिक उत्पादन, अधिक फायदा
किसानों को मिर्च की फसल करने में बहुत फायदे हैं। उद्यान निरीक्षक लक्ष्मीकांत अवस्थी की माने तो एक हेक्टेयर में मिर्च की उपज 150 से 220 क्विंटल तक होती है। हाइब्रिड बीज से मिर्च अच्छी क्वालिटी की होती जिससे बाजार में कीमत भी अच्छी मिल जाती है। बाजार में 30 रुपये से लेकर 120 रुपये तक रेट मिल जाता है और फिर बाजार में मांग और उपलब्धता पर भी रेट का निर्धारण होता है। किसानों को मिर्च की खेती करना अधिक फायदेमंद है।

पौध करें तैयार फिर करें रोपाई
मिर्च की खेती करने से पहले किसानों को जानकारी होनी चाहिए कि पहले बीज की बुआई कर पौध तैयार करे और फिर उनकी समय पर रोपाई करे तो अच्छा उत्पादन मिलता है। एक हेक्टेयर क्षेत्रफल के लिए 250 से 300 ग्राम बीज की पर्याप्त होता है।

देखभाल जरूरी
मिर्च की रोपाई के बाद जरूरत के हिसाब से पानी और फिर उर्वरक किसानों को देना चाहिए। मिर्च फसल की देखरेख भी आवश्यक है। मिर्च में झुलसा रोग से लेकर कई रोग हो जाते है इनसे बचाव के लिए जानकारों से सलाह लेकर कीटनाशक या अन्य दवाओं का इस्तेमाल करें।


इनकी भी सुनिए
 गांव हरकौती निवासी किसान दीपू द्विवेदी का कहना है कि मिर्च की खेती यहां पर किसान करते हैं लेकिन शासन की योजना से अच्छा बीज मिलेगा और अच्छा उत्पादन मिलेगा। इसके अलावा जरूरत है कि किसानों को मार्केटिंग अच्छी मिले। इटौरा निवासी जागरूक किसान अमित का कहना है कि जनपद का कृषि क्षेत्रफल बड़ा है और यहां पर किसानों की संख्या भी अधिक है ऐसे में जो लक्ष्य आया है वह तो ऊंट के मुंह में जीरा साबित होगा। सरकार को चाहिए कि किसानों को अनुदान पर बीज की मात्रा और बढ़ानी चाहिए।
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