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Jalaun News: जांच से पहले बदली समिति, फिर भी कार्रवाई पर अड़े रहे रिंकू सिंह राही
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उरई। नगर पालिका परिषद उरई में वित्तीय अनियमितताओं की जांच में बुधवार को प्रस्तावित कार्रवाई से ठीक पहले नए मोड़ पर पहुंच गई। एक ओर एसडीएम (न्यायिक) रिंकू सिंह राही लगातार 29 जुलाई को विशेष टीम के साथ नगर पालिका पहुंचकर अभिलेखों को न्यायिक सुरक्षा में लेने और जांच आगे बढ़ाने का ऐलान कर रहे थे, वहीं दूसरी ओर मंगलवार देर शाम जांच समिति के पुनर्गठन का आदेश वायरल हो गया। इसमें रिंकू सिंह की जगह जालौन एसडीएम राकेश कुमार सोनी को समिति का पदेन सदस्य नामित किया गया है। इस घटनाक्रम ने पूरे मामले को नई चर्चा में ला दिया है।
पिछले कई दिनों से रिंकू सिंह राही नगर पालिका प्रशासन पर जांच में सहयोग न करने के आरोप लगा रहे थे। उनका कहना था कि चार बार पत्र भेजने और बार-बार आग्रह करने के बावजूद जांच से संबंधित अभिलेख उपलब्ध नहीं कराए गए। उन्होंने 28 जुलाई तक रिकॉर्ड उपलब्ध कराने की अंतिम समयसीमा तय करते हुए चेतावनी दी थी कि 29 जुलाई को विशेष टीम के साथ नगर पालिका पहुंचकर अभिलेखों को न्यायिक सुरक्षा में लिया जाएगा। आवश्यकता पड़ने पर कंप्यूटर सिस्टम से भी रिकॉर्ड की जांच कराई जाएगी।
मंगलवार शाम भी रिंकू सिंह राही अपने रुख पर कायम नजर आए। उन्होंने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट पर पोस्ट करते हुए लिखा कि उन्हें किसी सक्षम या उच्च अधिकारी की ओर से जांच रोकने अथवा स्थगित करने संबंधी कोई आदेश या निर्देश प्राप्त नहीं हुआ है। इसलिए जांच प्रक्रिया पूर्व निर्धारित कार्यक्रम, तय समय और नियमों के अनुसार पूरी पारदर्शिता के साथ जारी रहेगी। उन्होंने यह भी संकेत दिए कि यदि रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं कराया गया तो नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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हालांकि इसी बीच मंगलवार देर शाम जिलाधिकारी कार्यालय का एक आदेश सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। आदेश के अनुसार नगर पालिका परिषद उरई में कथित अनियमितताओं की जांच के लिए गठित तीन सदस्यीय समिति का पुनर्गठन किया गया है। इसमें तत्कालीन एसडीएम जालौन रिंकू सिंह राही के स्थानांतरण के बाद उनकी जगह वर्तमान एसडीएम जालौन राकेश कुमार सोनी को समिति का पदेन सदस्य नामित किया गया है। समिति के अन्य सदस्य पूर्ववत रखे गए हैं।
आदेश सामने आने के बाद पूरे घटनाक्रम ने नया मोड़ ले लिया। प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में इस बात की चर्चा तेज हो गई कि जब समिति के पुनर्गठन का आदेश जारी हो चुका है, तब प्रस्तावित कार्रवाई किस स्तर पर होगी और आगे जांच का नेतृत्व कौन करेगा। वहीं रिंकू सिंह राही की सोशल मीडिया पोस्ट ने भी इस चर्चा को और तेज कर दिया, क्योंकि उन्होंने स्पष्ट कहा कि उन्हें जांच रोकने का कोई आदेश प्राप्त नहीं हुआ है।
यह है मामला
नगर पालिका परिषद उरई में कथित वित्तीय अनियमितताओं का मामला 14 सभासदों की शिकायत के बाद शुरू हुआ था। शिकायत के आधार पर जिलाधिकारी ने तीन सदस्यीय जांच समिति गठित की थी। इसके बाद से अभिलेखों की मांग, नगर पालिका प्रशासन और जांच अधिकारी के बीच पत्राचार, सोशल मीडिया पोस्ट और जांच के अधिकार को लेकर उठे सवालों ने मामले को लगातार सुर्खियों में बनाए रखा।
नगर पालिका परिषद उरई में अनियमितताओं की जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित की गई थी। समिति में तत्कालीन एसडीएम जालौन रिंकू सिंह राही को पदेन सदस्य बनाया गया था। उनके उप जिलाधिकारी (न्यायिक) उरई पद पर स्थानांतरण के बाद छह जुलाई को जिलाधिकारी की अनुमति से उनकी जगह एडीएम जालौन राकेश कुमार सोनी को पदेन सदस्य नामित कर दिया गया। समिति के अन्य सदस्य पूर्ववत रहेंगे और जांच समिति नियमानुसार कार्य करती रहेगी।
- प्रेमचंद्र मौर्य, एडीएम नमामि गंगे
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पिछले कई दिनों से रिंकू सिंह राही नगर पालिका प्रशासन पर जांच में सहयोग न करने के आरोप लगा रहे थे। उनका कहना था कि चार बार पत्र भेजने और बार-बार आग्रह करने के बावजूद जांच से संबंधित अभिलेख उपलब्ध नहीं कराए गए। उन्होंने 28 जुलाई तक रिकॉर्ड उपलब्ध कराने की अंतिम समयसीमा तय करते हुए चेतावनी दी थी कि 29 जुलाई को विशेष टीम के साथ नगर पालिका पहुंचकर अभिलेखों को न्यायिक सुरक्षा में लिया जाएगा। आवश्यकता पड़ने पर कंप्यूटर सिस्टम से भी रिकॉर्ड की जांच कराई जाएगी।
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मंगलवार शाम भी रिंकू सिंह राही अपने रुख पर कायम नजर आए। उन्होंने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट पर पोस्ट करते हुए लिखा कि उन्हें किसी सक्षम या उच्च अधिकारी की ओर से जांच रोकने अथवा स्थगित करने संबंधी कोई आदेश या निर्देश प्राप्त नहीं हुआ है। इसलिए जांच प्रक्रिया पूर्व निर्धारित कार्यक्रम, तय समय और नियमों के अनुसार पूरी पारदर्शिता के साथ जारी रहेगी। उन्होंने यह भी संकेत दिए कि यदि रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं कराया गया तो नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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हालांकि इसी बीच मंगलवार देर शाम जिलाधिकारी कार्यालय का एक आदेश सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। आदेश के अनुसार नगर पालिका परिषद उरई में कथित अनियमितताओं की जांच के लिए गठित तीन सदस्यीय समिति का पुनर्गठन किया गया है। इसमें तत्कालीन एसडीएम जालौन रिंकू सिंह राही के स्थानांतरण के बाद उनकी जगह वर्तमान एसडीएम जालौन राकेश कुमार सोनी को समिति का पदेन सदस्य नामित किया गया है। समिति के अन्य सदस्य पूर्ववत रखे गए हैं।
आदेश सामने आने के बाद पूरे घटनाक्रम ने नया मोड़ ले लिया। प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में इस बात की चर्चा तेज हो गई कि जब समिति के पुनर्गठन का आदेश जारी हो चुका है, तब प्रस्तावित कार्रवाई किस स्तर पर होगी और आगे जांच का नेतृत्व कौन करेगा। वहीं रिंकू सिंह राही की सोशल मीडिया पोस्ट ने भी इस चर्चा को और तेज कर दिया, क्योंकि उन्होंने स्पष्ट कहा कि उन्हें जांच रोकने का कोई आदेश प्राप्त नहीं हुआ है।
यह है मामला
नगर पालिका परिषद उरई में कथित वित्तीय अनियमितताओं का मामला 14 सभासदों की शिकायत के बाद शुरू हुआ था। शिकायत के आधार पर जिलाधिकारी ने तीन सदस्यीय जांच समिति गठित की थी। इसके बाद से अभिलेखों की मांग, नगर पालिका प्रशासन और जांच अधिकारी के बीच पत्राचार, सोशल मीडिया पोस्ट और जांच के अधिकार को लेकर उठे सवालों ने मामले को लगातार सुर्खियों में बनाए रखा।
नगर पालिका परिषद उरई में अनियमितताओं की जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित की गई थी। समिति में तत्कालीन एसडीएम जालौन रिंकू सिंह राही को पदेन सदस्य बनाया गया था। उनके उप जिलाधिकारी (न्यायिक) उरई पद पर स्थानांतरण के बाद छह जुलाई को जिलाधिकारी की अनुमति से उनकी जगह एडीएम जालौन राकेश कुमार सोनी को पदेन सदस्य नामित कर दिया गया। समिति के अन्य सदस्य पूर्ववत रहेंगे और जांच समिति नियमानुसार कार्य करती रहेगी।
- प्रेमचंद्र मौर्य, एडीएम नमामि गंगे