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Jalaun News: पुलिस व महिला पर प्रताड़ित करने का आरोप लगाने वाले छात्र का शव नदी में मिला
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फोटो - 04 मृतक लोकेंद्र की फाइल फोटो।
कदौरा (उरई)। थाना पुलिस व महिला पर प्रताड़ित करने का आरोप लगाकर यमुना नदी में कूदने वाले आईटीआई के छात्र का शव 48 घंटे बाद पुलिस ने बरामद कर लिया। छात्र ने आत्महत्या के पहले सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल कर आत्महत्या करने की बात कही थी। महिला ने छात्र के खिलाफ छेड़खानी की तहरीर दी थी। इस पर पुलिस ने युवक का शांतिभंग में चालान कर दिया था। युवक खुद को निर्दोष बता रहा था।
नगर के मोहल्ला सिद्धार्थ नगर निवासी मुकुंदी का पुत्र लोकेंद्र अहिरवार (21) एक प्राइवेट आईटीआई में पढ़ाई कर रहा था। बृहस्पतिवार को वह एक साथी के साथ बाइक से चतेला की ओर शटरिंग के काम के चलते जा रहा था। रास्ते में उसे दूसरे मोहल्ले की महिला मिली। बताया कि युवक ने महिला से भाभी कह दिया। आरोप है कि इसी बात को लेकर महिला से उसका विवाद हो गया था। महिला ने युवक के खिलाफ छेड़खानी की तहरीर पुलिस को दे दी। इसके बाद युवक भी अपने साथ मारपीट की शिकायत लेकर थाने पहुंचा तो पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया और शांतिभंग में उसका चालान कर दिया। परिजनों का आरोप है कि इसी दौरान समझौते के नाम पर युवक से महिला ने आठ लाख रुपये की मांग की। इसके साथ ही पुलिस पर भी मारपीट का आरोप लगाया।
पुलिस की कार्रवाई और महिला की कथित प्रताड़ना से आहत होकर लोकेंद्र ने यमुना नदी किनारे एक वीडियो रिकॉर्ड किया, जिसमें उसने गंभीर आरोप लगाए। वायरल वीडियो में उसने कहा कि उसे झूठे मामले में फंसाया जा रहा है और उसकी जिंदगी बर्बाद हो गई है। वीडियो वायरल करने के कुछ देर बाद उसने यमुना नदी में छलांग लगा दी।
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वीडियो सामने आते ही पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया था और गोताखोरों की मदद से युवक की तलाश शुरू की गई थी। करीब 48 घंटे बाद रविवार सुबह पुलिस को कालपी कोतवाली क्षेत्र के यमुना नदी में शव उतराता मिला। परिजनों का कहना है कि उनके बेटे पर जबरन पुलिस ने कार्रवाई कर दी लेकिन उसकी नहीं सुनी। बताया कि वह दो भाइयों में छोटा था। उसकी एक बहन राधा भी है। उसकी मौत से मां सुखदेई सहित अन्य परिजनों का रो रोकर बुरा हाल है।
अंतिम संस्कार के दौरान तैनात रहा भारी पुलिस बल
युवक के शव मिलने के बाद ही पुलिस सक्रिय हो गई थी। जानकारी मिलते ही सर्किल के अलावा तीन थानों की पुलिस को भी बुला लिया गया। सुरक्षा व्यवस्था के बीच युवक का अंतिम संस्कार कराया गया।
झूठे केस में फंसाकर बर्बाद कर दी जिंदगी
सोशल मीडिया पर वायरल हो हुए वीडियो में युवक ने खुद को निर्दोष बताते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की थी। वीडियो में युवक ने कहा था कि उस पर किसी प्रकार का कर्ज नहीं था और न ही उसने किसी लड़की के मामले या दबाव में कोई कदम उठाया।
वीडियो में युवक ने कहा, मैं 21 साल का हूं। मुझ पर कोई कर्ज नहीं है। सिर्फ विक्की को 3500 रुपये देने हैं। लोग यह न समझें कि मैंने कर्ज के दबाव में या किसी लड़की के मामले की वजह से आत्महत्या जैसा कदम उठाया है।
उसने आरोप लगाया कि एक महिला ने उसे झूठे मामले में फंसा दिया। युवक के अनुसार उसने महिला को सिर्फ भाभी कहकर संबोधित किया था। उसी बात को गलत तरीके से लेकर उसके खिलाफ छेड़खानी का मुकदमा दर्ज करा दिया गया। युवक ने कहा कि इस घटना के बाद उसकी जिंदगी पूरी तरह बर्बाद हो गई। वीडियो में युवक ने डीएम से मामले की गंभीरता से जांच कराने की अपील की। कहा कि जो भी दोषी हो, उसके खिलाफ कार्रवाई हो, लेकिन किसी बेगुनाह को झूठे आरोप में सजा न दी जाए। साथ ही युवक ने यह भी कहा कि लोगों द्वारा लगाए जा रहे आरोप गलत हैं कि वह रात 10 बजे महिला के घर कई बार गया था। युवक ने दावा किया कि वह कभी वहां नहीं गया और यदि जरूरत पड़े तो सीसीटीवी फुटेज की जांच कराई जाए, जिससे सच्चाई सामने आ जाएगी।
पुलिस ने बाइक थाने में भी करा ली थी खड़ी
युवक का शांति भंग में चालान किया गया था। पुलिस ने उसकी बाइक को थाने में खड़ा करा लिया था। शाम को जमानत मिलने के बाद युवक घर पहुंचा तो परिजनों ने उससे नाराजगी जाहिर की थी। इसके साथ ही बाइक के बारे में भी कहा। पुलिस की माने तो युवक को उसके दोस्त ने यह जानकारी दी थी कि उसके खिलाफ छेड़खानी की धारा में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है, अब उसके खिलाफ कोई बड़ी कार्रवाई हो जाएगी। इससे वह घबरा गया और उसने यह कदम उठा लिया।
वर्जन
युवक के खिलाफ छेड़खानी की रिपोर्ट नहीं लिखी गई थी। उस पर शांतिभंग की कार्रवाई की गई थी। वीडियो की जांच की जा रही है। जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।
विनय कुमार सिंह, एसपी जालौन
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नगर के मोहल्ला सिद्धार्थ नगर निवासी मुकुंदी का पुत्र लोकेंद्र अहिरवार (21) एक प्राइवेट आईटीआई में पढ़ाई कर रहा था। बृहस्पतिवार को वह एक साथी के साथ बाइक से चतेला की ओर शटरिंग के काम के चलते जा रहा था। रास्ते में उसे दूसरे मोहल्ले की महिला मिली। बताया कि युवक ने महिला से भाभी कह दिया। आरोप है कि इसी बात को लेकर महिला से उसका विवाद हो गया था। महिला ने युवक के खिलाफ छेड़खानी की तहरीर पुलिस को दे दी। इसके बाद युवक भी अपने साथ मारपीट की शिकायत लेकर थाने पहुंचा तो पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया और शांतिभंग में उसका चालान कर दिया। परिजनों का आरोप है कि इसी दौरान समझौते के नाम पर युवक से महिला ने आठ लाख रुपये की मांग की। इसके साथ ही पुलिस पर भी मारपीट का आरोप लगाया।
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पुलिस की कार्रवाई और महिला की कथित प्रताड़ना से आहत होकर लोकेंद्र ने यमुना नदी किनारे एक वीडियो रिकॉर्ड किया, जिसमें उसने गंभीर आरोप लगाए। वायरल वीडियो में उसने कहा कि उसे झूठे मामले में फंसाया जा रहा है और उसकी जिंदगी बर्बाद हो गई है। वीडियो वायरल करने के कुछ देर बाद उसने यमुना नदी में छलांग लगा दी।
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वीडियो सामने आते ही पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया था और गोताखोरों की मदद से युवक की तलाश शुरू की गई थी। करीब 48 घंटे बाद रविवार सुबह पुलिस को कालपी कोतवाली क्षेत्र के यमुना नदी में शव उतराता मिला। परिजनों का कहना है कि उनके बेटे पर जबरन पुलिस ने कार्रवाई कर दी लेकिन उसकी नहीं सुनी। बताया कि वह दो भाइयों में छोटा था। उसकी एक बहन राधा भी है। उसकी मौत से मां सुखदेई सहित अन्य परिजनों का रो रोकर बुरा हाल है।
अंतिम संस्कार के दौरान तैनात रहा भारी पुलिस बल
युवक के शव मिलने के बाद ही पुलिस सक्रिय हो गई थी। जानकारी मिलते ही सर्किल के अलावा तीन थानों की पुलिस को भी बुला लिया गया। सुरक्षा व्यवस्था के बीच युवक का अंतिम संस्कार कराया गया।
झूठे केस में फंसाकर बर्बाद कर दी जिंदगी
सोशल मीडिया पर वायरल हो हुए वीडियो में युवक ने खुद को निर्दोष बताते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की थी। वीडियो में युवक ने कहा था कि उस पर किसी प्रकार का कर्ज नहीं था और न ही उसने किसी लड़की के मामले या दबाव में कोई कदम उठाया।
वीडियो में युवक ने कहा, मैं 21 साल का हूं। मुझ पर कोई कर्ज नहीं है। सिर्फ विक्की को 3500 रुपये देने हैं। लोग यह न समझें कि मैंने कर्ज के दबाव में या किसी लड़की के मामले की वजह से आत्महत्या जैसा कदम उठाया है।
उसने आरोप लगाया कि एक महिला ने उसे झूठे मामले में फंसा दिया। युवक के अनुसार उसने महिला को सिर्फ भाभी कहकर संबोधित किया था। उसी बात को गलत तरीके से लेकर उसके खिलाफ छेड़खानी का मुकदमा दर्ज करा दिया गया। युवक ने कहा कि इस घटना के बाद उसकी जिंदगी पूरी तरह बर्बाद हो गई। वीडियो में युवक ने डीएम से मामले की गंभीरता से जांच कराने की अपील की। कहा कि जो भी दोषी हो, उसके खिलाफ कार्रवाई हो, लेकिन किसी बेगुनाह को झूठे आरोप में सजा न दी जाए। साथ ही युवक ने यह भी कहा कि लोगों द्वारा लगाए जा रहे आरोप गलत हैं कि वह रात 10 बजे महिला के घर कई बार गया था। युवक ने दावा किया कि वह कभी वहां नहीं गया और यदि जरूरत पड़े तो सीसीटीवी फुटेज की जांच कराई जाए, जिससे सच्चाई सामने आ जाएगी।
पुलिस ने बाइक थाने में भी करा ली थी खड़ी
युवक का शांति भंग में चालान किया गया था। पुलिस ने उसकी बाइक को थाने में खड़ा करा लिया था। शाम को जमानत मिलने के बाद युवक घर पहुंचा तो परिजनों ने उससे नाराजगी जाहिर की थी। इसके साथ ही बाइक के बारे में भी कहा। पुलिस की माने तो युवक को उसके दोस्त ने यह जानकारी दी थी कि उसके खिलाफ छेड़खानी की धारा में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है, अब उसके खिलाफ कोई बड़ी कार्रवाई हो जाएगी। इससे वह घबरा गया और उसने यह कदम उठा लिया।
वर्जन
युवक के खिलाफ छेड़खानी की रिपोर्ट नहीं लिखी गई थी। उस पर शांतिभंग की कार्रवाई की गई थी। वीडियो की जांच की जा रही है। जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।
विनय कुमार सिंह, एसपी जालौन

फोटो - 04 मृतक लोकेंद्र की फाइल फोटो।

फोटो - 04 मृतक लोकेंद्र की फाइल फोटो।

फोटो - 04 मृतक लोकेंद्र की फाइल फोटो।