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Jalaun News: अधिनियम में संशोधन हो, देश के सभी होमगार्डस को नियमित किया जाए
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कोंच। पुलिस के बराबर काम करने के बावजूद सरकारी कर्मचारियों की तरह वेतन और सुविधाएं नहीं मिलने से आहत होमगार्ड जवानों ने अंग्रेजों के बनाए काले कानून को खत्म करके अधिनियम में संशोधन के साथ देश के सभी होमगार्ड को नियमित करने की मांग की।
अपनी मांगों को लेकर रविवार को उन्होंने केंद्रीय राज्यमंत्री भानुप्रताप वर्मा को ज्ञापन दिया।
होमगार्ड संघ जालौन के जिलाध्यक्ष कोमेश कुमार द्विवेदी, उपाध्यक्ष अहमद कमाल, महामंत्री प्रमोद कुमार, कोषाध्यक्ष धर्मेंद्र सेंगर, ब्लॉक अध्यक्ष कोंच घनश्याम तिवारी की अगुवाई में केंद्रीय राज्यमंत्री को दिए ज्ञापन में उन्होंने बताया कि देश में लगभग सात लाख होमगार्ड के जवान हैं और इस मंहगाई के दौर में ड्यूटियां पूरी नहीं मिलने के कारण वे अपने परिवार का भरण-पोषण ठीक ढंग से नहीं कर पा रहे हैं। पुलिस के बराबर काम करने पर उच्च न्यायालय के आदेश के बाद भी समान काम समान वेतन का लाभ उन्हें नहीं दिया जा रहा है। न ही पुलिस कर्मचारियों के समान कोई सुविधा मिलती है और न ही पीएफ।
होमगार्ड्स को लेकर अंग्रेजों के बनाए काले कानून को खत्म किया जाए और होमगार्ड विभाग के साथ बरती जा रही दोहरी नीति समाप्त कर उन्हें नियमित किया जाए। केंद्रीय राज्यमंत्री ने उनकी मांगों को लेकर शासन स्तर पर कार्रवाई कराए जाने का भरोसा दिया है। ज्ञापन पर महेश, कमलेश कुमार, रामकिशोर, सीताराम, अमीन खां, पुरुषोत्तम व इंद्रपाल आदि के हस्ताक्षर हैं।
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अपनी मांगों को लेकर रविवार को उन्होंने केंद्रीय राज्यमंत्री भानुप्रताप वर्मा को ज्ञापन दिया।
होमगार्ड संघ जालौन के जिलाध्यक्ष कोमेश कुमार द्विवेदी, उपाध्यक्ष अहमद कमाल, महामंत्री प्रमोद कुमार, कोषाध्यक्ष धर्मेंद्र सेंगर, ब्लॉक अध्यक्ष कोंच घनश्याम तिवारी की अगुवाई में केंद्रीय राज्यमंत्री को दिए ज्ञापन में उन्होंने बताया कि देश में लगभग सात लाख होमगार्ड के जवान हैं और इस मंहगाई के दौर में ड्यूटियां पूरी नहीं मिलने के कारण वे अपने परिवार का भरण-पोषण ठीक ढंग से नहीं कर पा रहे हैं। पुलिस के बराबर काम करने पर उच्च न्यायालय के आदेश के बाद भी समान काम समान वेतन का लाभ उन्हें नहीं दिया जा रहा है। न ही पुलिस कर्मचारियों के समान कोई सुविधा मिलती है और न ही पीएफ।
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होमगार्ड्स को लेकर अंग्रेजों के बनाए काले कानून को खत्म किया जाए और होमगार्ड विभाग के साथ बरती जा रही दोहरी नीति समाप्त कर उन्हें नियमित किया जाए। केंद्रीय राज्यमंत्री ने उनकी मांगों को लेकर शासन स्तर पर कार्रवाई कराए जाने का भरोसा दिया है। ज्ञापन पर महेश, कमलेश कुमार, रामकिशोर, सीताराम, अमीन खां, पुरुषोत्तम व इंद्रपाल आदि के हस्ताक्षर हैं।
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