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युवती की खुदकुशी मामले में दरोगा लाइन हाजिर
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जालौन जिले के उरई में नीशू के घर के दरवाजे तैनात पुलिस फोर्स
- फोटो : ORAI
उरई (जालौन)। पुलिस प्रताड़ना से आहत नीशू के आत्महत्या मामले में आरोपी दरोगा योगेश पाठक को लाइन हाजिर कर दिया गया है। आरोपी दरोगा को शनिवार रात ही कोतवाली बुलाकर एक घंटे तक एएसपी डॉक्टर अवधेश सिंह और एडीएम पीके सिंह ने पूछताछ की। देर रात दोनों अधिकारी नीशू के घर भी पहुंचे और परिजनों के बयान लिए।
नया रामनगर निवासी कल्लू की बेटी नीशू और उसकी दो सहेलियों मोहिनी व शिवानी को उरई कोतवाली पुलिस शुक्रवार को मोबाइल की दुकान में चोरी के शक में पकड़कर लाई थी। आठ घंटे एक महिला पुलिसकर्मी की मौजूदगी में पूछताछ के बाद पुलिस ने तीनों को छोड़ा था। आरोप है कि नीशू के साथ उसकी दोनों सहेलियों को कोतवाली के कमरे में बंद रखने के दौरान मारपीट भी की गई थी और तीनों को शनिवार की सुबह फिर से कोतवाली आने को कहकर देर रात परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया था। नीशू (21) ने शनिवार की सुबह घर पर फांसी लगाकर जान दे दी थी। मामले को लेकर परिजनों ने कोतवाली में हंगामा किया और कांग्रेसियों ने श्मशान घाट पर जाम भी लगाया था।
नीशू के अंतिम संस्कार के बाद रात को ही एडीएम और एएसपी सीधे कोतवाली पहुंचे। उन्होंने आरोपी दरोगा को बुलाकर पूछताछ की और बयान दर्ज किए। फिर नीशू के परिवार वालों से मिले। नीशू के पड़ोस में रहने वाली सहेली मोहिनी के भी बयान दर्ज किए गए। इसी कड़ी में रविवार को तीसरी सहेली उमरार खेड़ा निवासी शिवानी से दोनों अफसरों ने अलग-अलग बात की। एएसपी और एडीएम के अलावा सीएमओ डॉ. अल्पना बरतारिया ने भी रविवार को मोहिनी और शिवानी को दफ्तर में बुलाकर बयान लिए। एडीएम पीके सिंह का कहना है कि पीड़ितों के साथ कोई अन्याय नहीं होने दिया जाएगा। जो दोषी होगा उस पर कार्रवाई होगी।
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नया रामनगर निवासी कल्लू की बेटी नीशू और उसकी दो सहेलियों मोहिनी व शिवानी को उरई कोतवाली पुलिस शुक्रवार को मोबाइल की दुकान में चोरी के शक में पकड़कर लाई थी। आठ घंटे एक महिला पुलिसकर्मी की मौजूदगी में पूछताछ के बाद पुलिस ने तीनों को छोड़ा था। आरोप है कि नीशू के साथ उसकी दोनों सहेलियों को कोतवाली के कमरे में बंद रखने के दौरान मारपीट भी की गई थी और तीनों को शनिवार की सुबह फिर से कोतवाली आने को कहकर देर रात परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया था। नीशू (21) ने शनिवार की सुबह घर पर फांसी लगाकर जान दे दी थी। मामले को लेकर परिजनों ने कोतवाली में हंगामा किया और कांग्रेसियों ने श्मशान घाट पर जाम भी लगाया था।
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नीशू के अंतिम संस्कार के बाद रात को ही एडीएम और एएसपी सीधे कोतवाली पहुंचे। उन्होंने आरोपी दरोगा को बुलाकर पूछताछ की और बयान दर्ज किए। फिर नीशू के परिवार वालों से मिले। नीशू के पड़ोस में रहने वाली सहेली मोहिनी के भी बयान दर्ज किए गए। इसी कड़ी में रविवार को तीसरी सहेली उमरार खेड़ा निवासी शिवानी से दोनों अफसरों ने अलग-अलग बात की। एएसपी और एडीएम के अलावा सीएमओ डॉ. अल्पना बरतारिया ने भी रविवार को मोहिनी और शिवानी को दफ्तर में बुलाकर बयान लिए। एडीएम पीके सिंह का कहना है कि पीड़ितों के साथ कोई अन्याय नहीं होने दिया जाएगा। जो दोषी होगा उस पर कार्रवाई होगी।
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