फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Jalaun News ›   SP demolished BJP's 25 year old fort

Jalaun News: सपा ने ढहाया भाजपा का 25 साल पुराना दुर्ग

Wed, 05 Jun 2024 02:07 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, जालौन
संवाद न्यूज एजेंसी, जालौन Updated Wed, 05 Jun 2024 02:07 AM IST
विज्ञापन
SP demolished BJP's 25 year old fort
उरई। सियासत में कब क्या नतीजे आ जाएं इसका अंदाजा लगाना कभी-कभी मुश्किल हो जाता है। जालौन-गरौठा-भोगनीपुर सीट में ऐसे समीकरण बदले कि कई राजनीतिक समझदारों को मतदाताओं का मौन आखिरी तक समझ नही आया। भाजपा के केंद्रीय मंत्री भानु प्रताप वर्मा तीसरी बार अपने सीट पर जीत की हैट्रिक लगाने को तैयार थे लेकिन मतदाताओं की नब्ज टटोलने में नाकाम साबित हुए और सपा गठबंधन प्रत्याशी नारायणदास अहिरवार ने 53,898 वोटों से जीत हासिल कर ली।
विज्ञापन

अनुसूचित जाति की सीट पर बसपा के वोटों ने ऐसा ध्रुवीकरण किया कि भाजपा की राजनीति में कद्दावर भूमिका में आंके जाने वाले भानु प्रताप का सियासी किला एक पल में धराशायी हो गई। वहीं, बसपा की राजनीति मे अहम भूमिका निभा चुके नारायण दास अहिरवार को अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित इस सीट पर पुराने राजनीतिक गुणाभाग का फायदा भी मिला ।
विज्ञापन


केंद्रीय नारों मोदी लहर और राम मंदिर के सहारे जालौन का दिल जीतने की भरसक कोशिश करने वाले भानु प्रताप लोगों में चल रहे अंडर करंट को भांपने में चूक गए। भाजपा की मजबूत बूथ स्तर की तैयारी भी धरी रह गई। दरअसल पुराने समर्थकों, कार्यकर्ताओं और बूथ स्तर के कई नेताओं को अपने सांसद को अपने क्षेत्र, अपने गांव में देखना था। लेकिन समय अभाव और दौड़भाग के चलते या फिर यूं कहें कि जीत के प्रति आश्वस्त भानु अपनों के बीच न पहुंच कर उन्हें मायूस कर गए।
विज्ञापन
विज्ञापन

वहीं, स्थानीय मुद्दों की उपेक्षा से उठे सवालों का जवाब तलाशते ग्रामीण भी 2019 से चुन कर गए अपने सांसद को बुलाते रहे। लेकिन उनकी समस्याओं का कोई समाधान नहीं हुआ ।

जर्जर सड़कों को लेकर चुनाव बहिष्कार कर रहा था उलटफेर का इशारा
चुनाव के दौरान कई गांवों में सड़क की मांगों को लेकर लंबे समय से मांग कर रहे ग्रामीणों को जब कोई रास्ता नहीं दिखा तो चुनाव बहिष्कार करके ग्रामीण सांसद को बुलाने पर अड़े रहे। सांसद के न आने पर लोगों की नाराजगी बढ़ती गई। वहीं, पार्टी की अंदरूनी कलह को भी स्थानीय लोग हार के कारणों से जोड़ कर देख रहे है। हालांकि भानु प्रताप अंदरूनी कलह जैसी बातों से इत्तिफाक नहीं रखते हैँ। उनका मानना है कि बसपा का वोट सपा को मिला जिससे भाजपा को हार का मुंह देखना पड़ा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed