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Jalaun News: बहना ने भाई की कलाई पर प्यार बांधा है, प्यार के दो...

Tue, 20 Aug 2024 02:34 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, जालौन
संवाद न्यूज एजेंसी, जालौन Updated Tue, 20 Aug 2024 02:34 AM IST
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Sister has tied love on brother's wrist, two bonds of love...
उरई/कोंच। बहना ने भाई की कलाई पर प्यार बांधा है, प्यार के दो तार से संसार बांधा है... जैसे गाने महज फिल्मी गाने भर नहीं हैं बल्कि सनातन संस्कृति में भाई और बहन के बीच के अटूट प्रेम संबंधों को भी दर्शाते हैं। भाई बहन के पवित्र प्रेम और विश्वास का प्रतीक रक्षाबंधन पर्व यहां परंपरागत रूप से उत्साह और उमंग के साथ मनाया गया। बहनों ने भाइयों की कलाई पर रक्षासूत्र बांधकर तिलक किया और आरती उतारी। भाइयों ने भी उन्हें उपहार भेंटकर उनकी रक्षा का वचन दिया।
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सोमवार को यहां नगर व क्षेत्र में रक्षाबंधन पर्व उत्साह और उमंग के साथ मनाया गया। सुबह भद्रा काल होने के कारण दोपहर 1:17 बजे से राखी बांधने का सिलसिला शुरू हो सका। इस पर्व की एक बिशेषता यह भी है कि घर बहुओं से खाली हो जाते हैं और बेटियों की किलकारियों से गूंज उठते हैं। दिन की शुरुआत प्रभु स्मरण से हुई, सबसे पहले लोग मंदिरों में दर्शन करने गए और पहली राखी भगवान को भेंटकर उनसे आशीर्वाद प्राप्त किया।
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इसके बाद बहनों ने भाइयों की कलाई पर रक्षा सूत्र बांध कर उनकी लंबी उम्र की कामना की तो वहीं भाइयों ने भी उनकी रक्षा का वचन देकर उन्हें उपहार भेंट किए। सबसे ज्यादा मस्ती बच्चों की रही, सुबह सबेरे से ही बहनें रंगबिरंगे परिधानों में सजी तितलियों की तरह चहक रहीं थीं क्योंकि उन्हें अपने प्यारे भाइयों को राखी जो बांधनी थी। छोटे छोटे बच्चों और बच्चियों को नहीं मालूम कि रक्षाबंधन क्या होता है, उन्हें तो बस इतना पता है कि आज राखी का त्योहार है और उन्हें अपने भइया की कलाई पर राखी सजानी है जिसके बाद भइया उन्हें गिफ्ट देंगे।
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भाई बहन के प्रेम का प्रतीक रक्षाबंधन का त्योहार सोमवार को धूमधाम से मनाया गया। कहीं भाई अपनी विवाहिता बहनों के घर पहुंचे तो कुछ बहने अपने भाइयों के घर उन्हें राखी बांधने पहुंचीं। भाई-बहन के इस त्योहार को लेकर लोगों में उत्साह रहा। लोगों ने यह त्योहार सोमवार को दोपहर एक बजे के बाद ही मनाया। इसके बाद बहनों द्वारा भाइयों की कलाई पर राखी बांधने का सिलसिला चलता रहा।

रक्षाबंधन का त्योहार मनाने के लिए जिला कारागार में पूरे दिन बहनों की आवाजाही बनी रही। करीब 500 बहनों ने जेल पहुंचकर वहां बंद अपने भाइयों की कलाई में राखी बांधी और तिलक लगाकर उनका मुंह मीठा कराया। इस मौके पर जेल स्टाफ ने बहनों को राखी, टीका, मिठाई व थाली मुहैया कराई। एहतियात के तौर पर जेल के गेट पर महिला पुलिसकर्मी तैनात रही।

एसडीएम ने दरिद्र नारायण सेवा समिति आश्रम में बांधी राखी
कोंच। रक्षाबंधन पर्व पर सोमवार को कोंच एसडीएम ज्योति सिंह यहां दरिद्र नारायण सेवा समिति आश्रम में पहुंचीं। जहां उन्होंने सबसे पहले जरूरतमंदों को भोजन कराया। इसके बाद उन्होंने आश्रम के कार्यकर्ताओं और वहां नित्य प्रति भोजन करने आने वाले असहायों, दिव्यांग और जरूरतमंद भाइयों को राखी बांधी। यह दृश्य भावुक कर देने वाला था। इस दौरान संस्था संयोजक कढ़ोरेलाल यादव बाबूजी, श्रीकांत गुप्ता, केशव बबेले, राजीव अग्रवाल आदि रहे। (संवाद)


राखी बांधकर लंबी आयु की कामना की
जालौन/कालपी। रक्षाबंधन का पर्व नगर व ग्रामीण क्षेत्र में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। रविवार को शुभ मुहूर्त में बहिनों ने अपने भाइयों की कलाइयों पर राखी बांधकर उनकी लंबी उम्र की कामना की तो भाइयों ने भी बहनों को उनकी रक्षा के वचन के साथ ही उन्हें आकर्षक गिफ्ट दिए। दो दिन तक चलने वाले इस त्योहार के पहले दिन बहनों ने भाइयों को हल्दी, रोली, अक्षत लगाकर टीका लगाया और दाहिने हाथ की कलाई पर रक्षा का धागा व राखी बांधी। कोतवाली में भी रक्षाबंधन का पर्व मनाया गया। जहां महिला सिपाहियों ने कोतवाल सहित समस्त स्टॉफ को राखी बांधी। कालपी संवाद के अनुसार, सोमवार को रक्षाबंधन त्योहार नगर व क्षेत्र में बेहद हर्ष और उल्लास के साथ मनाया गया। (संवाद)



राखी व मिठाई की दुकानों पर रही भीड़
उरई। सोमवार की सुबह से ही शहर में राखी व मिठाई की दुकानों पर खासी भीड़ नजर आई। शहर में राजमार्ग रोड, आंबेडकर चौराहा, जिला परिषद, राठ रोड, झांसी चुंगी समेत तमाम जगहों पर राखी व मिठाई की दुकानें सजी थी। जिन पर बहनों ने अपने भाइयों के लिए राखी व मिठाई खरीदी। मिठाई की दुकानों पर महिलाओं की भारी भीड़ रही। शहर में 200 रुपए से लेकर 1400 रुपये किलो तक मिठाई बिकी। ज्वैलर्स की दुकानों पर भी लोगों की भीड़ रही। कहीं महिलाएं चांदी की राखी खरीदते नजर आईं तो युवक अपनी बहनों को देने के लिए सोने के आभूषण खरीदते देखे गए। सभी बहनों ने अपनी हैसियत के अनुसार राखियां व मिठाइयों की खरीदारी की। इसके अलावा साड़ी की दुकानों पर भीड़ रही। (संवाद)
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