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Jalaun News: अधूरी सफाई से नहर ओवरफ्लो, डूबी फसलों को बचाने में जुटे किसान
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नहर ओवरफ्लो, होने से किसानों की फसल हुई जलमग्न
उरई/एट। आधी-अधूरी सफाई की वजह से हमीरपुर साख नहर शुक्रवार तड़के ओवरफ्लो हो गई। ग्राम धमसैनी और टिकरियां के किसानों की 50 बीघा में बोई गई मटर और गेहूं फसल पानी में डूब गई। किसानों का कहना है कि सुबह सूचना मिलने के बाद अफसर शाम को पहुंचे और पानी जल्द कम होने का आश्वासन देकर चले गए। वहीं देर रात तक किसानों खेतों से पानी निकालने में जुटे हुए हैं।
किसानों का कहना है कि ओवरफ्लो हो रहे पानी का जल्द समाधान नहीं किया गया तो फसलों के डूबने का दायरा और अधिक हो सकता है। देर रात तक किसान खुद नहर के किनारों पर मिट्टी डालकर पानी रोकने की कोशिश करते दिखाई दिए। देर शाम को अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का निरीक्षण किया और रात तक जलस्तर कम होने का आश्वासन दिया।
इधर, किसानों का आरोप है कि नहर की समय से सफाई न होने और विभागीय लापरवाही की वजह से पानी ओवरफ्लो हो रहा है। रात भर किसान नहर किनारे गश्त कर अनहोनी की आशंका में डटे रहे। धुरट प्रधान विकास पालीवाल, मानवेंद्र सिंह, जीतू पांचाल, शैलेंद्र नायक, रामजी मिश्रा, पप्पी कारीगर, कैलाश और भोलू ठाकुर सहित कई किसानों ने स्थिति पर गंभीर चिंता जताई।
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मामला संज्ञान में है। हमारी टीम मौके पर लगी है। माताटीला बांध से छोड़े गए पानी को कम करने में समय लगता है, लेकिन पानी कम कराया जा चुका है। 24 घंटे के भीतर जलस्तर घट जाएगा। शनिवार दोपहर तक स्थिति सामान्य हो जाएगी।
धर्मघोष, एक्सईएन, सिंचाई विभाग
नहर विभाग की लापरवाही से फिर जलमग्न हुए खेत, किसानों की बढ़ीं मुश्किलें
पहाड़गांव। कोंच क्षेत्र के ग्राम नरी में नहर में अत्यधिक पानी छोड़े जाने से खेत जलमग्न हो गए। किसानों का कहना है कि नहर विभाग की लापरवाही का सीधा खामियाजा उन्हें भुगतना पड़ रहा है। लगातार बारिश के कारण पहले ही बुवाई एक महीने लेट हो चुकी थी। कई किसानों की बिजगुड़ी हो गई थी, जबकि जिनकी फसलें किसी तरह खड़ी थीं, वे भी अब पानी में डूबने लगी हैं। ग्रामीणों ने बताया कि भारी बारिश से हुए नुकसान के बाद नहर से आए पानी ने उनकी बची-खुची उम्मीद भी खत्म कर दी। राजा भैया, संदीप त्रिपाठी सहित कई किसानों ने नाराजगी जताते हुए कहा कि नहर विभाग को समय रहते पानी का नियंत्रण करना चाहिए था।
संजू पालीवाल ने बताया कि उच्चाधिकारियों को कई बार शिकायत की गई, लेकिन हर बार अनदेखी हुई। किसानों की मांग है कि स्थिति को तत्काल नियंत्रित किया जाए, जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई हो और हुए नुकसान का उचित मुआवजा दिलाया जाए।
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किसानों का कहना है कि ओवरफ्लो हो रहे पानी का जल्द समाधान नहीं किया गया तो फसलों के डूबने का दायरा और अधिक हो सकता है। देर रात तक किसान खुद नहर के किनारों पर मिट्टी डालकर पानी रोकने की कोशिश करते दिखाई दिए। देर शाम को अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का निरीक्षण किया और रात तक जलस्तर कम होने का आश्वासन दिया।
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इधर, किसानों का आरोप है कि नहर की समय से सफाई न होने और विभागीय लापरवाही की वजह से पानी ओवरफ्लो हो रहा है। रात भर किसान नहर किनारे गश्त कर अनहोनी की आशंका में डटे रहे। धुरट प्रधान विकास पालीवाल, मानवेंद्र सिंह, जीतू पांचाल, शैलेंद्र नायक, रामजी मिश्रा, पप्पी कारीगर, कैलाश और भोलू ठाकुर सहित कई किसानों ने स्थिति पर गंभीर चिंता जताई।
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मामला संज्ञान में है। हमारी टीम मौके पर लगी है। माताटीला बांध से छोड़े गए पानी को कम करने में समय लगता है, लेकिन पानी कम कराया जा चुका है। 24 घंटे के भीतर जलस्तर घट जाएगा। शनिवार दोपहर तक स्थिति सामान्य हो जाएगी।
धर्मघोष, एक्सईएन, सिंचाई विभाग
नहर विभाग की लापरवाही से फिर जलमग्न हुए खेत, किसानों की बढ़ीं मुश्किलें
पहाड़गांव। कोंच क्षेत्र के ग्राम नरी में नहर में अत्यधिक पानी छोड़े जाने से खेत जलमग्न हो गए। किसानों का कहना है कि नहर विभाग की लापरवाही का सीधा खामियाजा उन्हें भुगतना पड़ रहा है। लगातार बारिश के कारण पहले ही बुवाई एक महीने लेट हो चुकी थी। कई किसानों की बिजगुड़ी हो गई थी, जबकि जिनकी फसलें किसी तरह खड़ी थीं, वे भी अब पानी में डूबने लगी हैं। ग्रामीणों ने बताया कि भारी बारिश से हुए नुकसान के बाद नहर से आए पानी ने उनकी बची-खुची उम्मीद भी खत्म कर दी। राजा भैया, संदीप त्रिपाठी सहित कई किसानों ने नाराजगी जताते हुए कहा कि नहर विभाग को समय रहते पानी का नियंत्रण करना चाहिए था।
संजू पालीवाल ने बताया कि उच्चाधिकारियों को कई बार शिकायत की गई, लेकिन हर बार अनदेखी हुई। किसानों की मांग है कि स्थिति को तत्काल नियंत्रित किया जाए, जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई हो और हुए नुकसान का उचित मुआवजा दिलाया जाए।

नहर ओवरफ्लो, होने से किसानों की फसल हुई जलमग्न

नहर ओवरफ्लो, होने से किसानों की फसल हुई जलमग्न