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Jalaun News: शहर में बिछेगी सीवर लाइन, 80 करोड़ का प्रस्ताव तैयार

Sat, 02 Sep 2023 12:35 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, जालौन
संवाद न्यूज एजेंसी, जालौन Updated Sat, 02 Sep 2023 12:35 AM IST
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Sewer line will be laid in the city, proposal worth Rs 80 crore ready
फोटो- 03 सड़क पर बहता सीवर का गंदा पानी।संवाद
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- 90 किलोमीटर डाली जाएगी लाइन, 70 प्रतिशत आबादी को किया जाएगा शामिल


खास खबर

संवाद न्यूज एजेंसी

उरई। सड़कों पर बहता गंदा पानी खाली प्लॉटों में भरी गंदगी सीवर ले निकलने वाला मलबा लोगों के लिए परेशानी का कारण बना हुआ है। कोंच नगर की सबसे बड़ी समस्या से निजात मिलने वाली है। जल निगम ने योजना बनाकर शासन को भेज दी है। जल्द टीम निरीक्षण करने आएगी।
कोंच नगर की सबसे बड़ी समस्या मौजूदा समय में सीवर की समस्या है। 1970 के दशक में नगर में बुंदेलखंड की सबसे बड़ी लंबाई की 32 किमी. की सीवर लाइन 15 हजार लोगों के उपयोग के लिए बनाई गई थी। जिसमें 30 फीट गहरी सीवर लाइन के पाइप मुख्य मार्ग पर 24 इंच तथा गलियों में छह एवं चार इंची के हैं। पूरी सीवर लाइन में 1300 चैंबर बने हुए थे। जो नगर की आबादी के बढ़ने के साथ छोटी होने लगी।
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चैंबर भी अधिकतर ध्वस्त हो चुके है। आलम यह है कि सीवर लाइन को अलग पाइप से जोड़कर नालियों में जोड़ दिए गए हैं। सीवर की गंदगी अब नालियों में सीधे बह रही है। जिससे जीना दुश्वार है। इस समस्या से निजात के लिए जल निगम ने प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेज दिया था। अधिकारियों की माने तो जल्द टीम भी निरीक्षण करने आ सकती है। जिसके बाद प्रस्ताव पास होने की उम्मीद है।
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पूरा काम अमृत योजना के तहत होगा। पहले प्रस्ताव में 70 प्रतिशत आबादी को लिया गया है। जिसमें तहत नगर में हुए विस्तार को छोड़ कर पूर्व के सभी हिस्से में 90 किलोमीटर सीवर लाइन डाली जाएगी। जिसमें हर घर को कनेक्शन दिए जाएंगे। सीवर लाइन से निकलने वाले मलबे को सीधे नाली नालों में नहीं फेंका जाएगा।
इसके लिए पांच एमएलडी का सीवरेज ट्रीटमेंट प्लाट का भी निर्माण करवाया जाएगा। जिसमें नगर से निकलने वाले सारे कचरे का ट्रीटमेंट किया जाएगा। साथ ही खाद भी बनाई जाएगी। जिसको किसानों को बेचने की भी योजना बनाई जाएगी। फिलहाल अभी सीवर लाइन पर विभाग फोकस किए हुए है। इन सभी कामों में 80 करोड़ खर्च होंगे।

बदहाल है अभी व्यवस्था
घरों के सीवर और लाइन से निकलने वाले मलबे को सीधे नालियों में फेंक दिया जाता है। पहले गांधीनगर के कुआं में गंदगी डाली जाती थी। सीवर लाइन चोक होने से सीधे नाले में गंदगी जाने लगी। जो सीधे नदियों से जुड़ा है। पूरी गंदगी सीधे नदियों में जाती है। वहीं नगर के लाजपतनगर, जवाहर नगर ,तिलक नगर, पटेलनगर, प्रताप नगर, जयप्रकाश नगर सबसे दूषित इलाके है। इन मोहल्लों में सीवर गंदगी आए दिन देखने को मिलती है। बारिश के समय सड़कों पर घरों का मलबा बहता है। जल संस्थान भी बजट का बहाना बनाकर कोई साफ सफाई नहीं करवाती है। पालिका द्वारा ही अभियान चलाया जाता है। सीवर लाइन डलने के बाद इन मोहल्लों की गंदगी से निजात मिल जाएगी।

वर्जन-

कोंच नगर के लिए सीवर लाइन का प्रस्ताव बन गया है। 80 करोड़ का प्रस्ताव भेजा जा चुका था। अब टीम निरीक्षण करने आने वाली है। उम्मीद है, सालों पुरानी समस्या से निजात मिल जाएगी। हिमांशु नेगी,अधिशासी अभियंता जल निगम शहरी
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