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Jalaun News: अपहरण में दोषी झोलाछाप को सात साल की कैद
Thu, 19 Oct 2023 12:02 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जालौन
संवाद न्यूज एजेंसी, जालौन
Updated Thu, 19 Oct 2023 12:02 AM IST
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उरई। अनुसूचित जाति की किशोरी को बहला फुसलाकर कर ले जाने के दोषी को न्यायाधीश मोहम्मद आजाद ने सात साल की कैद और 15 हजार रुपये अर्थदंड लगाया। अर्थदंड जमा न करने पर पांच माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा।
अभियोजन पक्ष से पैरवी कर रहे शासकीय अधिवक्ता विश्वजीत सिंह गुर्जर ने बताया कि जालौन कोतवाली क्षेत्र के एक गांव निवासी पिता ने तीन सितंबर 2013 को तहरीर दी। इसमें बताया था कि छह जून 2013 को बेटी घर से बिना बताए लापता हो गई। पुलिस ने गुमशुदगी की रिपोर्ट 11 जून को दर्ज कर किशोरी की तलाश शुरू कर दी थी। जांच में तीन चार माह बाद पता चला कि गांव में झोलाछाप के रूप में इलाज करने वाला लल्लूराम कुशवाहा अपहरण कर ले गया है।
पुलिस ने युवक के साथ किशोरी को फरीदाबाद स्टेशन से बरामद किया था। पुलिस ने युवक को जेल भेज दिया था। किशोरी को मेडिकल परीक्षण के बाद न्यायालय में बयान दर्ज करवाए। जहां किशोरी ने बताया था कि लल्लूराम कुशवाहा छह जून को घर आया था। वह गांव में झोलाछाप के रूप में इलाज करता था। उसने मेरा इलाज किया और पानी में कुछ मिलाकर पिला दिया। जिससे उसे नींद आ गई और इलाज कराने के बहाने हिमाचल प्रदेश ले गया। जहां उसके साथ कर्नाटक में डेढ़ साल रही। इस दौरान पुलिस ने हरियाणा के एक स्टेशन से गिरफ्तार कर लिया।
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पुलिस ने आरोपी के खिलाफ न्यायालय में 18 नवंबर 2016 को किशोरी का अपहरण सहित दुष्कर्म के मामले में चार्जशीट दाखिल कर दी। सात साल चले ट्रायल के बाद बुधवार को सुनवाई पूरी हुई। जिसमें दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं की जिरह गवाहों के बयान सुनने के बाद स्पेशल न्यायाधीश मोहम्मद आजाद ने सजा सुनाई।
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अभियोजन पक्ष से पैरवी कर रहे शासकीय अधिवक्ता विश्वजीत सिंह गुर्जर ने बताया कि जालौन कोतवाली क्षेत्र के एक गांव निवासी पिता ने तीन सितंबर 2013 को तहरीर दी। इसमें बताया था कि छह जून 2013 को बेटी घर से बिना बताए लापता हो गई। पुलिस ने गुमशुदगी की रिपोर्ट 11 जून को दर्ज कर किशोरी की तलाश शुरू कर दी थी। जांच में तीन चार माह बाद पता चला कि गांव में झोलाछाप के रूप में इलाज करने वाला लल्लूराम कुशवाहा अपहरण कर ले गया है।
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पुलिस ने युवक के साथ किशोरी को फरीदाबाद स्टेशन से बरामद किया था। पुलिस ने युवक को जेल भेज दिया था। किशोरी को मेडिकल परीक्षण के बाद न्यायालय में बयान दर्ज करवाए। जहां किशोरी ने बताया था कि लल्लूराम कुशवाहा छह जून को घर आया था। वह गांव में झोलाछाप के रूप में इलाज करता था। उसने मेरा इलाज किया और पानी में कुछ मिलाकर पिला दिया। जिससे उसे नींद आ गई और इलाज कराने के बहाने हिमाचल प्रदेश ले गया। जहां उसके साथ कर्नाटक में डेढ़ साल रही। इस दौरान पुलिस ने हरियाणा के एक स्टेशन से गिरफ्तार कर लिया।
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पुलिस ने आरोपी के खिलाफ न्यायालय में 18 नवंबर 2016 को किशोरी का अपहरण सहित दुष्कर्म के मामले में चार्जशीट दाखिल कर दी। सात साल चले ट्रायल के बाद बुधवार को सुनवाई पूरी हुई। जिसमें दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं की जिरह गवाहों के बयान सुनने के बाद स्पेशल न्यायाधीश मोहम्मद आजाद ने सजा सुनाई।