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नाले में कूदे जुआरी का शव मिला, हंगामा
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मृतक अजय गुप्ता उर्फ अज्जू की फाइल फोटो
- फोटो : ORAI
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उरई/सिरसाकलार। सोमवार को पुलिस से बचने के लिए नाले में कूदे जुआरी का शव मंगलवार को मिल गया। इसके बाद मौके पर पहुंचे परिजनों व ग्रामीणों ने पुलिस पर हत्या का आरोप लगाकर हंगामा किया। थाना प्रभारी व अन्य दोषी पुलिसकर्मियों पर हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर उन्हें बर्खास्त किए जाने की मांग पर अड़े परिजनों ने तीन घंटे तक शव नहीं उठने दिया। पुलिस व प्रशासनिक अफसरों किसी तरह मामला शांत कराया। देर शाम एसपी रवि कुमार ने थानाध्यक्ष समेत पांच पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया।
थाना क्षेत्र के पजूना गांव में एक खेत में जुआ खेले जाने की सूचना सोमवार की दोपहर पुलिस को मिली थी। जब पुलिस ने वहां दबिश दी, तो जुआरियों में चार ने पास स्थित नाले में छलांग लगा दी थी। आसपास के लोगों ने तीन लोगों को तत्काल नाले से सकुशल निकाल लिया था। जबकि, गडगवां गांव निवासी रामलखन गुप्ता के बेटे अजय गुप्ता उर्फ अज्जू (35) नाले में डूब गया था। परिजनों ने थाने में जाकर अजय की तलाश कराए जाने की गुहार लगाई थी, लेकिन पुलिस ने अनसुना कर दिया था। मंगलवार की सुबह ग्रामीणों व अजय के परिजनों में आक्रोश बढ़ता देख पुलिस ने औरैया से गोताखोर बुलाकर तलाश कराई। करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद गोताखोरों ने दोपहर 12 बजे अजय का शव नाले से बाहर निकाल दिया। इसके बाद परिजनों व ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। उन लोगों ने हंगामा करते हुए पुलिस को अजय का शव नहीं उठाने दिया। सूचना पर पहुंचे एएसपी असीम चौधरी और एसडीएम जालौन अंकुर कौशिक समेत कई अफसर फोर्स के साथ वहां पहुंच गए।
एएसपी और एसडीएम के सामने लोगों ने थानाध्यक्ष अजय कुमार सिंह व उसके साथ आए पुलिसकर्मियों पर अजय की हत्या का आरोप लगाया। इन पर हत्या का रिपोर्ट दर्ज कर बर्खास्त किए जाने की मांग की। अफसरों ने किसी तरह मामला शांत कराया। एएसपी ने बताया कि थानाध्यक्ष व चार सिपाहियों को निलंबित कर दिया गया है। जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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परिजनों ने अधिकारियों के सामने कहा कि अज्जू के डूबने के बाद उसके साथियों ने उसे बचाने की गुहार लगाई थी, पर पुलिस ने एक नहीं सुनी। पूरी रात ग्रामीण ही जद्दोजहद में जुटे रहे। यदि पुलिस रात में ही नाले में तलाश करती, तो शायद अज्जू की जान बच जाती। अजय के चाचा शिवकुमार ने बताया कि वह घटना के बाद सोमवार शाम को ग्रामीणों के साथ थाने में गए थे। थानाध्यक्ष के कहने पर अजय के नाले में डूबने की तहरीर गी थी, लेकिन पुलिस ने उसकी तलाश नहीं कराई।
चाचा रामकुमार का कहना है कि अजय का शव नाले से बाहर निकाला गया, तब उसके दोनों हाथ में साफी बंधे थे। जबकि, उसके पास साफी थी ही नहीं। पुलिस वालों ने हाथ बांधकर उसे नाले में फेंका है।
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थाना क्षेत्र के पजूना गांव में एक खेत में जुआ खेले जाने की सूचना सोमवार की दोपहर पुलिस को मिली थी। जब पुलिस ने वहां दबिश दी, तो जुआरियों में चार ने पास स्थित नाले में छलांग लगा दी थी। आसपास के लोगों ने तीन लोगों को तत्काल नाले से सकुशल निकाल लिया था। जबकि, गडगवां गांव निवासी रामलखन गुप्ता के बेटे अजय गुप्ता उर्फ अज्जू (35) नाले में डूब गया था। परिजनों ने थाने में जाकर अजय की तलाश कराए जाने की गुहार लगाई थी, लेकिन पुलिस ने अनसुना कर दिया था। मंगलवार की सुबह ग्रामीणों व अजय के परिजनों में आक्रोश बढ़ता देख पुलिस ने औरैया से गोताखोर बुलाकर तलाश कराई। करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद गोताखोरों ने दोपहर 12 बजे अजय का शव नाले से बाहर निकाल दिया। इसके बाद परिजनों व ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। उन लोगों ने हंगामा करते हुए पुलिस को अजय का शव नहीं उठाने दिया। सूचना पर पहुंचे एएसपी असीम चौधरी और एसडीएम जालौन अंकुर कौशिक समेत कई अफसर फोर्स के साथ वहां पहुंच गए।
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एएसपी और एसडीएम के सामने लोगों ने थानाध्यक्ष अजय कुमार सिंह व उसके साथ आए पुलिसकर्मियों पर अजय की हत्या का आरोप लगाया। इन पर हत्या का रिपोर्ट दर्ज कर बर्खास्त किए जाने की मांग की। अफसरों ने किसी तरह मामला शांत कराया। एएसपी ने बताया कि थानाध्यक्ष व चार सिपाहियों को निलंबित कर दिया गया है। जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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परिजनों ने अधिकारियों के सामने कहा कि अज्जू के डूबने के बाद उसके साथियों ने उसे बचाने की गुहार लगाई थी, पर पुलिस ने एक नहीं सुनी। पूरी रात ग्रामीण ही जद्दोजहद में जुटे रहे। यदि पुलिस रात में ही नाले में तलाश करती, तो शायद अज्जू की जान बच जाती। अजय के चाचा शिवकुमार ने बताया कि वह घटना के बाद सोमवार शाम को ग्रामीणों के साथ थाने में गए थे। थानाध्यक्ष के कहने पर अजय के नाले में डूबने की तहरीर गी थी, लेकिन पुलिस ने उसकी तलाश नहीं कराई।
चाचा रामकुमार का कहना है कि अजय का शव नाले से बाहर निकाला गया, तब उसके दोनों हाथ में साफी बंधे थे। जबकि, उसके पास साफी थी ही नहीं। पुलिस वालों ने हाथ बांधकर उसे नाले में फेंका है।

आक्रोशित लोगों को समझाते एएसपी- फोटो : ORAI