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सड़क से लेकर स्वास्थ्य सेवाओं तक मांग उठाई
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सीएम की समीक्षा बैठक में मौजूद अधिकारी।
- फोटो : ORAI
उरई(जालौन)। काफी समय बाद झांसी मंडल की समीक्षा बैठक में विधायकों ने अपने-अपने क्षेत्रों के अधूरे विकास कार्यों को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सामने रखा। सड़क से लेकर स्वास्थ्य सेवाओं तक मांग की गई। विधायकों ने बताया कि बैठक के दौरान सीएम ने एक-एक बिंदु पर गंभीरता से चर्चा की।
अधिकारियों को प्रस्ताव तैयार कर भेजने के निर्देश दिए। इससे कि जनपद को पानी, बिजली, सड़क और स्वास्थ्य सेवाओं से लैस किया जा सके। मुख्यमंत्री की समीक्षा बैठक करीब दो से ढाई घंटे तक चली। बैठक में सांसद भानुप्रताप सिंह वर्मा, विधायक उरई गौरीशंकर वर्मा, विधायक कालपी नरेंद्र सिंह जादौन, विधायक माधौगढ़ मूलचंद्र निरंजन, जिलाधिकारी डॉक्टर मन्नान अख्तर, विशेष सचिव भाषा/नोडल अधिकारी पवन कुमार, मुख्य विकास अधिकारी प्रशांत कुमार श्रीवास्तव, अपर जिलाधिकारी प्रमिल कुमार सिंह, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर अल्पना बरतारिया मौजूद रहीं।
मरीजों को इलाज और किसानों को मिले सम्मान निधि
सदर विधायक गौरीशंकर वर्मा ने बताया कि कोटरा क्षेत्र में 50 सालों से कोई स्वास्थ्य केंद्र नहीं है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की स्थापना की मांग सीएम से की गई। इससे कि यहां के लोगों को इलाज के लिए दूर दराज न जाना पड़े। इसी तरह जालौन रोड पर नून नदी का पुल, अधूरे उरई-कोटरा मार्ग को पूरा करने, गुढ़ा सिमिरिया तक आरसीसी, राजकीय मेडिकल कालेज में ट्रामा सेंटर, बेतवा किनारे सिंचाई के साधन के लिए नलकूपों की स्थापना, शहर के इंद्रानगर, शांतिनगर, उमरारखेड़ा आदि इलाकों के लिए अमृत योजना के तहत पानी की व्यवस्था के अलावा जिन किसानों को अभी तक सम्मान निधि नहीं मिली, उन्हें योजना का लाभ दिलाने की मांग की गई। इसी कड़ी में माहिल तालाब और मेडिकल कालेज स्थित पार्क के सुंदरीकरण की भी बात की गई।
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घोषित हो पर्यटन केंद्र, सुधारी जाए बिजली व्यवस्था
कालपी विधायक नरेंद्र सिंह जादौन ने बताया कि उनकी ओर से सीएम की समीक्षा बैठक में सबसे पहले कालपी में बन रहे ओवरब्रिज के लिए आभार जताया गया। इसके बाद तहसील क्षेत्र की बिजली व्यवस्था की ओर ध्यान आकृष्ट कराते हुए जर्जर तारों और खंभों के बदलने की मांग की गई। इनकी वजह से आए दिन हादसे होते हैं। निजी नलकूपों के लिए अलग से बिजली के पोल लगाने की मांग की गई। स्वास्थ्य सुविधाओं से वंचित महेवा ब्लाक में अस्पताल खोलने की भी बात कही गई। वहीं हाथ कागज उद्यमियों की लंबे समय से मांग रही है कि क्षेत्र में कामन ट्रीटमेंट प्लांट लगाया जाए। बताया कि यह मामले सीएम के सामने रखे गए हैं। संकेत मिले हैं कि जल्द ही कोई निर्णय लिया जा सकता है। सबसे महत्वपूर्ण बिंदु कालपी में पर्यटन के तमाम स्थान होते हुए भी पर्यटन का केंद्र घोषित न किया जाना रहा। इस पर सीएम ने सभी स्थानों का ब्योरा देने को कहा है।
पचनद पर बैराज, बदली जाए जर्जर सीवर लाइन
मुख्यमंत्री की समीक्षा बैठक में कोंच माधौगढ़ क्षेत्र के विधायक मूलचंद्र निरंजन ने मुख्यमंत्री से वर्ष 1970 में बनी सीवर लाइन का मुद्दा उठाते हुए कहा कि यह सीवर व्यवस्था पूरी तरह जर्जर हो चुकी है। इसका पुनर्निर्माण कराया जाए। उन्होंने पचनदा पर बैराज का जल्द शुभारंभ करने की मांग की। कहा कि बैराज बनने से जनपद में सिंचाई की समस्या दूर हो जाएगी। उन्होंने कोंच नदीगांव रोड के रावतपुरा धाम तक चौड़ीकरण की मांग उठाई। इसके अलावा कुठौंद से गोहन होकर मध्यप्रदेश की सीमा पर बसे गांव महाराजपुरा तक नई सड़क बनवाने का प्रस्ताव रखते हुए बताया कि इस सड़क के बनने से ग्वालियर, दतिया जैसे क्षेत्रों से सीधे जा सकते हैं। इससे बड़ी संख्या में क्षेत्रवासियों को लाभ होगा। उन्होंने नदीगांव के पास मध्यप्रदेश से निकलने वाली मिरगा नदी का हीरापुर गांव के पास पुल निर्माण की भी वकालत की। कहा कि इससे नदी गांव के गिदवासा समेत आधा दर्जन गांवों के लोगों को सीधा लाभ मिलेगा। साथ ही मध्यप्रदेश जाने में आवाजाही भी आसान होगी।
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अधिकारियों को प्रस्ताव तैयार कर भेजने के निर्देश दिए। इससे कि जनपद को पानी, बिजली, सड़क और स्वास्थ्य सेवाओं से लैस किया जा सके। मुख्यमंत्री की समीक्षा बैठक करीब दो से ढाई घंटे तक चली। बैठक में सांसद भानुप्रताप सिंह वर्मा, विधायक उरई गौरीशंकर वर्मा, विधायक कालपी नरेंद्र सिंह जादौन, विधायक माधौगढ़ मूलचंद्र निरंजन, जिलाधिकारी डॉक्टर मन्नान अख्तर, विशेष सचिव भाषा/नोडल अधिकारी पवन कुमार, मुख्य विकास अधिकारी प्रशांत कुमार श्रीवास्तव, अपर जिलाधिकारी प्रमिल कुमार सिंह, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर अल्पना बरतारिया मौजूद रहीं।
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मरीजों को इलाज और किसानों को मिले सम्मान निधि
सदर विधायक गौरीशंकर वर्मा ने बताया कि कोटरा क्षेत्र में 50 सालों से कोई स्वास्थ्य केंद्र नहीं है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की स्थापना की मांग सीएम से की गई। इससे कि यहां के लोगों को इलाज के लिए दूर दराज न जाना पड़े। इसी तरह जालौन रोड पर नून नदी का पुल, अधूरे उरई-कोटरा मार्ग को पूरा करने, गुढ़ा सिमिरिया तक आरसीसी, राजकीय मेडिकल कालेज में ट्रामा सेंटर, बेतवा किनारे सिंचाई के साधन के लिए नलकूपों की स्थापना, शहर के इंद्रानगर, शांतिनगर, उमरारखेड़ा आदि इलाकों के लिए अमृत योजना के तहत पानी की व्यवस्था के अलावा जिन किसानों को अभी तक सम्मान निधि नहीं मिली, उन्हें योजना का लाभ दिलाने की मांग की गई। इसी कड़ी में माहिल तालाब और मेडिकल कालेज स्थित पार्क के सुंदरीकरण की भी बात की गई।
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घोषित हो पर्यटन केंद्र, सुधारी जाए बिजली व्यवस्था
कालपी विधायक नरेंद्र सिंह जादौन ने बताया कि उनकी ओर से सीएम की समीक्षा बैठक में सबसे पहले कालपी में बन रहे ओवरब्रिज के लिए आभार जताया गया। इसके बाद तहसील क्षेत्र की बिजली व्यवस्था की ओर ध्यान आकृष्ट कराते हुए जर्जर तारों और खंभों के बदलने की मांग की गई। इनकी वजह से आए दिन हादसे होते हैं। निजी नलकूपों के लिए अलग से बिजली के पोल लगाने की मांग की गई। स्वास्थ्य सुविधाओं से वंचित महेवा ब्लाक में अस्पताल खोलने की भी बात कही गई। वहीं हाथ कागज उद्यमियों की लंबे समय से मांग रही है कि क्षेत्र में कामन ट्रीटमेंट प्लांट लगाया जाए। बताया कि यह मामले सीएम के सामने रखे गए हैं। संकेत मिले हैं कि जल्द ही कोई निर्णय लिया जा सकता है। सबसे महत्वपूर्ण बिंदु कालपी में पर्यटन के तमाम स्थान होते हुए भी पर्यटन का केंद्र घोषित न किया जाना रहा। इस पर सीएम ने सभी स्थानों का ब्योरा देने को कहा है।
पचनद पर बैराज, बदली जाए जर्जर सीवर लाइन
मुख्यमंत्री की समीक्षा बैठक में कोंच माधौगढ़ क्षेत्र के विधायक मूलचंद्र निरंजन ने मुख्यमंत्री से वर्ष 1970 में बनी सीवर लाइन का मुद्दा उठाते हुए कहा कि यह सीवर व्यवस्था पूरी तरह जर्जर हो चुकी है। इसका पुनर्निर्माण कराया जाए। उन्होंने पचनदा पर बैराज का जल्द शुभारंभ करने की मांग की। कहा कि बैराज बनने से जनपद में सिंचाई की समस्या दूर हो जाएगी। उन्होंने कोंच नदीगांव रोड के रावतपुरा धाम तक चौड़ीकरण की मांग उठाई। इसके अलावा कुठौंद से गोहन होकर मध्यप्रदेश की सीमा पर बसे गांव महाराजपुरा तक नई सड़क बनवाने का प्रस्ताव रखते हुए बताया कि इस सड़क के बनने से ग्वालियर, दतिया जैसे क्षेत्रों से सीधे जा सकते हैं। इससे बड़ी संख्या में क्षेत्रवासियों को लाभ होगा। उन्होंने नदीगांव के पास मध्यप्रदेश से निकलने वाली मिरगा नदी का हीरापुर गांव के पास पुल निर्माण की भी वकालत की। कहा कि इससे नदी गांव के गिदवासा समेत आधा दर्जन गांवों के लोगों को सीधा लाभ मिलेगा। साथ ही मध्यप्रदेश जाने में आवाजाही भी आसान होगी।