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Jalaun News: पहली बार लगेंगे रुद्राक्ष और सिंदूर के पौधे
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उरई। जुलाई के पहले सप्ताह से शुरू हो रहे वृहद पौधरोपण अभियान में पहली बार जिले में सिंदूर और रुद्राक्ष जैसे दुर्लभ पौधों का रोपण किया जाएगा। साथ ही गांव-गांव में ग्राम वन बनाने की भी तैयारी है।
डीएफओ प्रदीप ने बताया कि इस बार जिले में 94 लाख पौधे रोपित किए जाने हैं। इससे 60 प्रतिशत पौधरोपण वन विभाग करेगा। शेष कार्य अन्य विभागों को सौंपा गया है। वन विभाग ने विशेष प्रयास कर 100-100 रुद्राक्ष और सिंदूर के पौधे मंगवाए हैं। जिन्हें जिले के उच्च अधिकारियों और चयनित वन क्षेत्रों में रोपित किया जाएगा। इस अभियान में थीम आधारित विशेष वनों की स्थापना की जाएगी। इनमें शौर्य वन, एकता वन, अटल वन, त्रिवेणी वन, गोपाल वन, ग्राम वन, खाद्य वन, ऑक्सी वन, बाल वन, युवा वन, प्रेम वन, शक्ति वन, रक्षा बंधन वन शामिल हैं। दरअसल, वनों को देश के महापुरुषों, राष्ट्रीय आयोजनों और सामाजिक मूल्यों से जोड़ा गया है। उदाहरण के लिए अटल वन को भारत रत्न और पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की 150वीं जयंती के अवसर पर स्थापित किया जाएगा।
एकता वन को सरदार वल्लभ भाई पटेल के नाम पर, जिन्होंने देश की एकता में अहम भूमिका निभाई। शौर्य वन को देश की सेवा में बलिदान देने वाले सैनिकों के सम्मान में। त्रिवेणी वन को प्रयागराज में महाकुंभ की स्मृति में, जहां गंगा, यमुना और सरस्वती का संगम होता है। एसडीओ प्रीति यादव ने बताया कि उनकी रेंज में तैयारी पूरी हैं। रेंजरों को सख्त निर्देश दिए जा चुके हैं। समय से काम पूरा कर लिया जाए। वह स्वयं भी मौके पर जाकर कामों को देख रही हैं। डीएफओ प्रदीप ने बताया कि जिले में मानसून की दस्तक के साथ ही पौधरोपण की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। एक जुलाई से अभियान शुरू किया जा सकता है।
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ग्राम पंचायत स्तर पर होगा पौध रोपण
डीएफओ ने बताया कि बताया गया कि ग्राम वन के लिए पंचायत, जिला पंचायत, राजस्व और पंचायती राज विभाग की जमीनों को चिह्नित किया गा है। प्रत्येक ब्लॉक स्तर पर भी एक वन क्षेत्र विकसित किया जाएगा। यह कम से कम पांच हेक्टेयर क्षेत्र में फैला होगा।
40 हजार लाभार्थियों को दिए जाएंगे सहजन के पौधे
प्रधानमंत्री आवास योजना और मुख्यमंत्री आवास योजना के अंतर्गत जिले में 40 हजार लाभार्थी चिन्हित किए गए हैं। हर लाभार्थी को सहजन के दो पौधे दिए जाएंगे, जिन्हें उन्हें अपने घर के बाहर लगाना होगा।
विशेष वनों की रूपरेखा
क्रम
विशेष वन
रेंज
स्थान
क्षेत्रफल (हेक्टेयर)
प्रस्तावित पौधे
1
अटल वन
कालपी सुल्तानपुरा 15
6,000
2
एकता वन
उरई
आटा प्रथम
10
25,000
3
शौर्य वन
उरई रगौली वन
15
6,000
4
आजादी वन
उरई
कोंच-बदनपुर
6
14,165
5
गोपाल वन
उरई, एट, जालौन, कोंच की गोशालाएं
6
4,165
6
त्रिवेणी वन माधौगढ़ रामपुर
15
10,000
7
पवित्र धारा वन जालौन गिरजापुर 10
2,000
8
खाद्य वन
उरई
बरहा
20
500
9
ग्राम वन जालौन मोहाना
20
500
10
प्रेम वन माधौगढ़ महोई 6
110
11
शक्ति वन
उरई
आटा
10
2,000
12
युवा वन
उरई रगौली 20
125
13
बाल वन
उरई
बरहा
20
150
14 रक्षाबंधन वन
उरई
बरहा
20
150
15
एक पेड़ गुरु के नाम
कालपी
एमएसएस इंटर कॉलेज
50
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डीएफओ प्रदीप ने बताया कि इस बार जिले में 94 लाख पौधे रोपित किए जाने हैं। इससे 60 प्रतिशत पौधरोपण वन विभाग करेगा। शेष कार्य अन्य विभागों को सौंपा गया है। वन विभाग ने विशेष प्रयास कर 100-100 रुद्राक्ष और सिंदूर के पौधे मंगवाए हैं। जिन्हें जिले के उच्च अधिकारियों और चयनित वन क्षेत्रों में रोपित किया जाएगा। इस अभियान में थीम आधारित विशेष वनों की स्थापना की जाएगी। इनमें शौर्य वन, एकता वन, अटल वन, त्रिवेणी वन, गोपाल वन, ग्राम वन, खाद्य वन, ऑक्सी वन, बाल वन, युवा वन, प्रेम वन, शक्ति वन, रक्षा बंधन वन शामिल हैं। दरअसल, वनों को देश के महापुरुषों, राष्ट्रीय आयोजनों और सामाजिक मूल्यों से जोड़ा गया है। उदाहरण के लिए अटल वन को भारत रत्न और पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की 150वीं जयंती के अवसर पर स्थापित किया जाएगा।
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एकता वन को सरदार वल्लभ भाई पटेल के नाम पर, जिन्होंने देश की एकता में अहम भूमिका निभाई। शौर्य वन को देश की सेवा में बलिदान देने वाले सैनिकों के सम्मान में। त्रिवेणी वन को प्रयागराज में महाकुंभ की स्मृति में, जहां गंगा, यमुना और सरस्वती का संगम होता है। एसडीओ प्रीति यादव ने बताया कि उनकी रेंज में तैयारी पूरी हैं। रेंजरों को सख्त निर्देश दिए जा चुके हैं। समय से काम पूरा कर लिया जाए। वह स्वयं भी मौके पर जाकर कामों को देख रही हैं। डीएफओ प्रदीप ने बताया कि जिले में मानसून की दस्तक के साथ ही पौधरोपण की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। एक जुलाई से अभियान शुरू किया जा सकता है।
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ग्राम पंचायत स्तर पर होगा पौध रोपण
डीएफओ ने बताया कि बताया गया कि ग्राम वन के लिए पंचायत, जिला पंचायत, राजस्व और पंचायती राज विभाग की जमीनों को चिह्नित किया गा है। प्रत्येक ब्लॉक स्तर पर भी एक वन क्षेत्र विकसित किया जाएगा। यह कम से कम पांच हेक्टेयर क्षेत्र में फैला होगा।
40 हजार लाभार्थियों को दिए जाएंगे सहजन के पौधे
प्रधानमंत्री आवास योजना और मुख्यमंत्री आवास योजना के अंतर्गत जिले में 40 हजार लाभार्थी चिन्हित किए गए हैं। हर लाभार्थी को सहजन के दो पौधे दिए जाएंगे, जिन्हें उन्हें अपने घर के बाहर लगाना होगा।
विशेष वनों की रूपरेखा
क्रम
विशेष वन
रेंज
स्थान
क्षेत्रफल (हेक्टेयर)
प्रस्तावित पौधे
1
अटल वन
कालपी सुल्तानपुरा 15
6,000
2
एकता वन
उरई
आटा प्रथम
10
25,000
3
शौर्य वन
उरई रगौली वन
15
6,000
4
आजादी वन
उरई
कोंच-बदनपुर
6
14,165
5
गोपाल वन
उरई, एट, जालौन, कोंच की गोशालाएं
6
4,165
6
त्रिवेणी वन माधौगढ़ रामपुर
15
10,000
7
पवित्र धारा वन जालौन गिरजापुर 10
2,000
8
खाद्य वन
उरई
बरहा
20
500
9
ग्राम वन जालौन मोहाना
20
500
10
प्रेम वन माधौगढ़ महोई 6
110
11
शक्ति वन
उरई
आटा
10
2,000
12
युवा वन
उरई रगौली 20
125
13
बाल वन
उरई
बरहा
20
150
14 रक्षाबंधन वन
उरई
बरहा
20
150
15
एक पेड़ गुरु के नाम
कालपी
एमएसएस इंटर कॉलेज
50