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रौब गांठने को नेताओं का करीबी भी बनता था
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प्रतापगढ़ के सांसद संगमलाल का स्वागत करता आरोपी राम बिहारी।
- फोटो : ORAI
कोंच। लेखपाल की नौकरी से सेवानिवृत्त होने के बाद रामबिहारी ने अपने काले कारनामों को छिपाने के लिए सफारी सूट उतार कर खादी पहन ली और भाजपा में शामिल हो गया था। क्षेत्र के छोटे नेताओं पर रुपये खर्च कर, वह बहुत जल्द ही बूथ स्तर से उठकर नगर उपाध्यक्ष पद तक पहुंच गया। फिर उसने पलट कर पीछे नहीं देखा। थाने चौकी और प्रशासन पर रौब गांठने के लिए रामबिहारी बड़े नेताओं के इर्द गिर्द ही चक्कर लगाता रहता था। उनके साथ अपनी तस्वीरें खिंचा कर उन्हें सोशल मीडिया पर डालता था। अब जब रामबिहारी को पार्टी से ही निकाल दिया गया है और पुलिस ने उसे सलाखों के पीछे पहुंचा दिया है तो भाजपा नेता भी चुप्पी साधे हुए हैं।
मोहल्ले वालों का भी यही कहना है कि रामबिहारी लेखपाल और नेता जरूर था लेकिन उसने अपनी ताकत का इस्तेमाल सिर्फ अपने कारनामों को छिपाने के लिए ही किया करता था। आए दिन वह उसी दफ्तर में पार्टी के नेताओं के साथ बैठक करता था, जहां पर अब जुआ खेलना और बच्चों के साथ गलत काम करना बताया जा रहा है। नेतागिरी के दम ही उसने मोहल्ले के कुछ लोगों को झूठे मामले में फंसाकर उन पर एससीएसटी एक्ट की धाराएं तक लगवा दी।
जनप्रतिनिधि हो या संगठन का नेता सभी के साथ कभी स्वागत करते हुए तो कभी बैठकें करते हुए सेल्फी का खींचने का शौकीन भी रहा है राम बिहारी। कोंच निवासी माधौगढ़ के विधायक मूलचंद्र निरंजन का कहना है कि वे क्षेत्र के ही रहने वाले हैं, अक्सर लोग उनका स्वागत व सम्मान करते हैं। रही बात रामबिहारी की तो वे उसे ठीक से जानते भी नहीं है। कभी कहीं कोई तस्वीर खिंची भी होगी तो उन्हें जानकारी नहीं है। रामबिहारी जैसे लोग चाहे किसी भी दल में उन्हें कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए।
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मोहल्ले वालों का भी यही कहना है कि रामबिहारी लेखपाल और नेता जरूर था लेकिन उसने अपनी ताकत का इस्तेमाल सिर्फ अपने कारनामों को छिपाने के लिए ही किया करता था। आए दिन वह उसी दफ्तर में पार्टी के नेताओं के साथ बैठक करता था, जहां पर अब जुआ खेलना और बच्चों के साथ गलत काम करना बताया जा रहा है। नेतागिरी के दम ही उसने मोहल्ले के कुछ लोगों को झूठे मामले में फंसाकर उन पर एससीएसटी एक्ट की धाराएं तक लगवा दी।
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जनप्रतिनिधि हो या संगठन का नेता सभी के साथ कभी स्वागत करते हुए तो कभी बैठकें करते हुए सेल्फी का खींचने का शौकीन भी रहा है राम बिहारी। कोंच निवासी माधौगढ़ के विधायक मूलचंद्र निरंजन का कहना है कि वे क्षेत्र के ही रहने वाले हैं, अक्सर लोग उनका स्वागत व सम्मान करते हैं। रही बात रामबिहारी की तो वे उसे ठीक से जानते भी नहीं है। कभी कहीं कोई तस्वीर खिंची भी होगी तो उन्हें जानकारी नहीं है। रामबिहारी जैसे लोग चाहे किसी भी दल में उन्हें कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए।
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