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Jalaun News: 50 से ज्यादा गांवों में फिर दौड़ेंगी रोडवेज बसें

Thu, 19 Mar 2026 01:12 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Thu, 19 Mar 2026 01:12 AM IST
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Roadways buses will run again in more than 50 villages
उरई। जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में बस सेवा के अभाव से जूझ रहे लोगों को राहत मिलेगी। शासन की मुख्यमंत्री ग्राम बस सेवा योजना के तहत अब मिनी बसों का संचालन होगा। परिवहन विभाग ने निजी बस संचालकों से अनुबंध प्रक्रिया शुरू कर दी है। अब नई मिनी बस योजना से करीब 50 से अधिक गांवों के लोगों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।
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इसके लिए निजी बस संचालकों से आवेदन भी मांगे गए हैं। योजना में 15 से 28 सीट क्षमता वाली मिनी बसें चलाई जाएंगी। निजी संचालकों को परमिट में शत-प्रतिशत छूट मिलेगी। संचालक अपनी आमदनी के साथ किराया, रूट और समय तय कर सकेंगे, लेकिन प्रत्येक ग्राम पंचायत में न्यूनतम दो फेरे अनिवार्य होंगे। आवेदन की अंतिम तिथि 28 मार्च है। इसके लिए 2000 रुपये आवेदन शुल्क, 5000 रुपये प्रतिभूति राशि और 1500 रुपये मासिक संरक्षण शुल्क देना होगा। अनुबंध 10 वर्ष के लिए तय किया गया है।
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ग्रामीणों का कहना है कि छात्रों, मरीजों और मजदूरों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। अभी तक ग्रामीण क्षेत्रों के लोग निजी वाहनों पर निर्भर थे, जहां मनमाना किराया वसूला जाता था।
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पहले की व्यवस्था ठप, ग्रामीण परेशान

पहाड़गांव जिले में पहले से चल रही कई रोडवेज सेवाएं बंद होने के कारण ग्रामीणों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कैलिया, महेशपुरा, पहाड़गांव जैसे कई गांव आज भी बस सेवा से वंचित हैं। सरावन गांव की करीब 20 हजार आबादी को आज भी 2 किलोमीटर दूर राजपुरा स्टैंड तक जाना पड़ता है। कोंच से पहाड़गांव (15 किमी) के बीच दर्जनों गांव होने के बावजूद कोई बस सेवा नहीं है, जिससे लोगों को डग्गामार वाहनों का सहारा लेना पड़ता है और 15 किमी के लिए 40 रुपये तक किराया देना पड़ता है। जालौन से हरदोई राजा, कुसमरा से बाबई और कुठौंदा बुजुर्ग-काशीपुरा मार्ग पर भी लंबे समय से बस सेवा की मांग की जा रही है, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं हो सकी थी।






पुरानी सेवाएं बंद होने से बढ़ी दिक्कतें

सिरसाकलार। ग्रामीणों के अनुसार, पहले कई महत्वपूर्ण बस सेवाएं संचालित होती थीं। पाल घाट से सिम्हारा, कासिमपुर, न्यामतपुर, चुर्खी होते हुए उरई तक बस चलती थी। वहीं हमीरपुर से जोल्हूपुर, दमरास, जहटौली, सिरसा कलार होते हुए दिल्ली तक बस सेवा उपलब्ध थी। उरई से औंता होते हुए अटरिया वाले रास्ते पर बस सेवा पहले संचालित की जाती थी, लेकिन अब वह काफी समय से बंद है। इन सेवाओं के बंद होने से व्यापारियों और आम लोगों को भारी नुकसान हुआ। स्थानीय लोगों ने बताया कि पहले सुबह बस से कानपुर जाकर सामान खरीदकर शाम तक लौट आते थे, लेकिन अब यह संभव नहीं रह गया है। ग्रामीणों का कहना है कि पहले कुछ रूटों पर बसें चलीं, लेकिन अधिक किराया और समय से न पहुंचने के कारण यात्री कम हो गए और बसें खाली दौड़ने लगीं, जिससे सेवाएं बंद करनी पड़ीं। (संवाद)




वर्जन

आवेदन शुरू हो गए हैं। फिलहाल दो क्षेत्रों के आवेदन आए हैं। 28 मार्च तक आवेदन लिए जाएंगे। रूट का निर्धारण डीएम की अध्यक्षता वाली कमेटी करेगी।
- कमल किशोर आर्य, एआरएम रोडवेज
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