{"_id":"5dcefedc8ebc3e54b05135a2","slug":"rbsk-team-treated-hole-in-child-s-heart-orai-news-knp526060962","type":"story","status":"publish","title_hn":"आरबीएसके टीम ने कराया किशोर के दिल का इलाज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आरबीएसके टीम ने कराया किशोर के दिल का इलाज
विज्ञापन
किशोर राजेंद्र
- फोटो : ORAI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
उरई (जालौन)। नदीगांव ब्लाक के ग्राम कुर्रा निवासी मुन्नालाल कुशवाहा के दिल के टुकड़े 12 वर्षीय राजेंद्र का दिल अब पूरी तरह ठीक है। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) ने मुफ्त में राजेंद्र के दिल में छेद का इलाज कराया है।
मुन्नालाल के बड़े बेटे राजेंद्र (12) को दिल में छेद था। एक दिन स्कूल में खेलते समय उसके नाक और मुंह से खून आया। परिजन उसे लेकर ग्वालियर गए। डॉक्टरों ने राजेंद्र के दिल में छेद होने की बात बताई। मुन्नालाल ने बताया कि उनके दो बेटे राजेंद्र और अंकित (6) है। वह चार भाई हैं और उनके पास मात्र दो बीघा जमीन थी। उसके पास इतना पैसा नहीं था कि वे बेटे का इलाज करा पाते। इसी बीच जनपद स्थित राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) की टीम के सदस्य नीलेश गांव के प्राइमरी स्कूल में आए। उन्होंने राजेंद्र की जांच कराई और मुन्नालाल को भरोसा दिया कि सरकार राजेंद्र का इलाज मुफ्त कराएगी। इसके बाद आरबीएसके के पैरामेडिकल स्टाफ नीलेश अपने साथ बच्चे को कानपुर के हृदय रोग संस्थान ले गए।
31 अगस्त को राजेंद्र को भर्ती कर लिया गया। राजेंद्र की हालत उस समय इतनी खराब थी कि तत्काल उसका आपरेशन नहीं हो सकता था। पहले उसे डॉ. नीरज प्रकाश के नेतृत्व वाली सर्जिकल टीम ने आपरेशन लायक किया। फिर 12 अक्टूबर को उसका आपरेशन हुआ। 19 अक्टूबर को उसे डिस्चार्ज कर दिया गया। अब राजेंद्र की हालत में सुधार है। वह धीरे धीरे खेलने भी लगा है।
विज्ञापन
डीईआईसी मैनेजर रवींद्र चौधरी ने बताया कि आरबीएसके की 64 टीमें सरकारी स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्र में जाकर बच्चों के स्वास्थ्य का परीक्षण करती हैं। ंबच्चों को जन्मजात किसी भी तरह की बीमारी मिलने पर उनका मुफ्त इलाज कराया जाता है। आरबीएसके के नोडल अधिकारी डॉ. एसडी चौधरी का कहना है कि राजेंद्र को जन्मजात दिल में छेद की बीमारी थी। उसका सफल आपरेशन हो गया है। जिन बच्चों के दिल में छेद होता है, उनका शारीरिक और मानसिक विकास ठीक से नहीं हो पाता है। वह खेलने में जल्दी थक जाते हैं। चेहरे और होंठ नीले पड़ जाते है।
विज्ञापन
मुन्नालाल के बड़े बेटे राजेंद्र (12) को दिल में छेद था। एक दिन स्कूल में खेलते समय उसके नाक और मुंह से खून आया। परिजन उसे लेकर ग्वालियर गए। डॉक्टरों ने राजेंद्र के दिल में छेद होने की बात बताई। मुन्नालाल ने बताया कि उनके दो बेटे राजेंद्र और अंकित (6) है। वह चार भाई हैं और उनके पास मात्र दो बीघा जमीन थी। उसके पास इतना पैसा नहीं था कि वे बेटे का इलाज करा पाते। इसी बीच जनपद स्थित राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) की टीम के सदस्य नीलेश गांव के प्राइमरी स्कूल में आए। उन्होंने राजेंद्र की जांच कराई और मुन्नालाल को भरोसा दिया कि सरकार राजेंद्र का इलाज मुफ्त कराएगी। इसके बाद आरबीएसके के पैरामेडिकल स्टाफ नीलेश अपने साथ बच्चे को कानपुर के हृदय रोग संस्थान ले गए।
विज्ञापन
31 अगस्त को राजेंद्र को भर्ती कर लिया गया। राजेंद्र की हालत उस समय इतनी खराब थी कि तत्काल उसका आपरेशन नहीं हो सकता था। पहले उसे डॉ. नीरज प्रकाश के नेतृत्व वाली सर्जिकल टीम ने आपरेशन लायक किया। फिर 12 अक्टूबर को उसका आपरेशन हुआ। 19 अक्टूबर को उसे डिस्चार्ज कर दिया गया। अब राजेंद्र की हालत में सुधार है। वह धीरे धीरे खेलने भी लगा है।
विज्ञापन
डीईआईसी मैनेजर रवींद्र चौधरी ने बताया कि आरबीएसके की 64 टीमें सरकारी स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्र में जाकर बच्चों के स्वास्थ्य का परीक्षण करती हैं। ंबच्चों को जन्मजात किसी भी तरह की बीमारी मिलने पर उनका मुफ्त इलाज कराया जाता है। आरबीएसके के नोडल अधिकारी डॉ. एसडी चौधरी का कहना है कि राजेंद्र को जन्मजात दिल में छेद की बीमारी थी। उसका सफल आपरेशन हो गया है। जिन बच्चों के दिल में छेद होता है, उनका शारीरिक और मानसिक विकास ठीक से नहीं हो पाता है। वह खेलने में जल्दी थक जाते हैं। चेहरे और होंठ नीले पड़ जाते है।