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Jalaun News: रमजान का दिखा चांद, इबादत का महीना शुरू
Tue, 12 Mar 2024 10:40 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जालौन
संवाद न्यूज एजेंसी, जालौन
Updated Tue, 12 Mar 2024 10:40 AM IST
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उरई। चांद दिखने के साथ इबादत का पाक महीना शुरू हो गया। चांद दिखने पर बधाइयों का दौर शुरू हो गया। एक महीना आस्था निष्ठा और पवित्रता का यह पर्व काफी उत्साहपूर्वक मनायाा जाएगा।
सोमवार शाम मुस्लिम समाज के लोगों ने रमजान का चांद देखा। बजरिया, रामकुंड,शिवपुरी, अथाई पर चांद देखने के लिए लोगों की भीड़ जमा हुई। एक दूसरे को मुबारकबाद दी गई। रमजान को लेकर विशेष तैयारियां की गई हैं। शहर की सभी मस्जिदों के साथ घरों और मदरसों में करीब 60 जगह तरावीह शुरू हुई। तरावीह पढ़ने वालों की शाम से ही भीड़ लगना शुरू हो गई। देर रात तक इफ्तार और सेहरी को लेकर बाजार में फलों की दुकानें सजी रहीं।
सेहरी के लिए सेंवई, सूतफेनी, टोस्ट, ब्रेड की डिमांड बढ़ गई। कालपी के मदरसा दारुल उलूम गौसिया मजिदिया के प्रबंधक हाफिज इरशाद अशरफी ने बताया कि हम लोगों को अल्लाह का शुक्रियादा करना चाहिए। सभी लोग रोजा रखें। हाफिज इरशाद अशरफी ने बताया कि जकात निकालें। पूरे महीने इबादत करें। किसी को न सताएं।
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फोटो- 30 हाफिद मोहम्मद अहमद।
12 साल के बच्चे पर रोजा फर्ज
हाफिज मोहम्मद अहमद बरकाती ने बताया कि सात साल से कम उम्र के बच्चों को रोजा रखने की इजाजत नहीं है। सात से 12 साल के बच्चे यदि रोजा रखने में सक्षम है। वह रोजा रख सकते हैं। 12 साल की उम्र के बाद रोजा रखना फर्ज हो जाता है।
फोटो-31 हाफिज यूसुफ
भूखा रहना ही रोजा नहीं
हाफिज यूसुफ कादरी ने बताया कि भूखा रहना ही रोजा नहीं, बल्कि आंख, कान और जीभ का भी रोजा होता है। न बुरा देखें, न बुरा सुनें और न ही किसी से बुरा कहें। अल्लाह की इबादत करें। तब जाकर आपका रोजा पूरा होगा।
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सोमवार शाम मुस्लिम समाज के लोगों ने रमजान का चांद देखा। बजरिया, रामकुंड,शिवपुरी, अथाई पर चांद देखने के लिए लोगों की भीड़ जमा हुई। एक दूसरे को मुबारकबाद दी गई। रमजान को लेकर विशेष तैयारियां की गई हैं। शहर की सभी मस्जिदों के साथ घरों और मदरसों में करीब 60 जगह तरावीह शुरू हुई। तरावीह पढ़ने वालों की शाम से ही भीड़ लगना शुरू हो गई। देर रात तक इफ्तार और सेहरी को लेकर बाजार में फलों की दुकानें सजी रहीं।
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सेहरी के लिए सेंवई, सूतफेनी, टोस्ट, ब्रेड की डिमांड बढ़ गई। कालपी के मदरसा दारुल उलूम गौसिया मजिदिया के प्रबंधक हाफिज इरशाद अशरफी ने बताया कि हम लोगों को अल्लाह का शुक्रियादा करना चाहिए। सभी लोग रोजा रखें। हाफिज इरशाद अशरफी ने बताया कि जकात निकालें। पूरे महीने इबादत करें। किसी को न सताएं।
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फोटो- 30 हाफिद मोहम्मद अहमद।
12 साल के बच्चे पर रोजा फर्ज
हाफिज मोहम्मद अहमद बरकाती ने बताया कि सात साल से कम उम्र के बच्चों को रोजा रखने की इजाजत नहीं है। सात से 12 साल के बच्चे यदि रोजा रखने में सक्षम है। वह रोजा रख सकते हैं। 12 साल की उम्र के बाद रोजा रखना फर्ज हो जाता है।
फोटो-31 हाफिज यूसुफ
भूखा रहना ही रोजा नहीं
हाफिज यूसुफ कादरी ने बताया कि भूखा रहना ही रोजा नहीं, बल्कि आंख, कान और जीभ का भी रोजा होता है। न बुरा देखें, न बुरा सुनें और न ही किसी से बुरा कहें। अल्लाह की इबादत करें। तब जाकर आपका रोजा पूरा होगा।