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श्रीराम वनवास लीला देख छलके आंसू
अमर उजाला ब्यूरो, उरई
Updated Mon, 03 Oct 2016 11:10 PM IST
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अयोध्या नरेश दशरथ से कोपभवन में वर मांगती कैकेयी।
- फोटो : अमर उजाला
रामलीला महोत्सव में रविवार की रात रंगमंच पर राम वनवास लीला का काफी सशक्त मंचन किया गया। सिद्घहस्त रंगकर्मियों ने अपने पात्रों को सजीवता प्रदान करने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी। रामलीला ग्राउंड में मौजूद महिलाओं ने कैकेयी व मंथरा के बीच होने वाले खट्टे मीठे संवादों पर खूब तालियां बजाईं। समूची प्रस्तुति के दौरान गीतों और संवादों में
शृंगार, हास्य, करुणा और व्यंग्य का उम्दा तालमेल देखने को मिला। जब कैकेयी राजा दशरथ के समक्ष अपना त्रिया चरित्र दिखाती है और हठपूर्वक अपने दो वरदान मांगने पर अड़ी
रहती है। इस पर दर्शक समुदाय की ओर से कैकेयी के लिये भला बुरा कहा जाना इस बात का द्योतक है कि पात्रों ने अपने किरदारों को जीवंतता प्रदान की है। कोंच की ऐतिहासिक रामलीला के 164वें महोत्सव में रविवार की रात रामलीला रंगमंच पर राम वनवास लीला का मंचन देखने के लिए रामलीला ग्राउंड दर्शकों से खचाखच भरा था।
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शृंगार, हास्य, करुणा और व्यंग्य का उम्दा तालमेल देखने को मिला। जब कैकेयी राजा दशरथ के समक्ष अपना त्रिया चरित्र दिखाती है और हठपूर्वक अपने दो वरदान मांगने पर अड़ी
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रहती है। इस पर दर्शक समुदाय की ओर से कैकेयी के लिये भला बुरा कहा जाना इस बात का द्योतक है कि पात्रों ने अपने किरदारों को जीवंतता प्रदान की है। कोंच की ऐतिहासिक रामलीला के 164वें महोत्सव में रविवार की रात रामलीला रंगमंच पर राम वनवास लीला का मंचन देखने के लिए रामलीला ग्राउंड दर्शकों से खचाखच भरा था।
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