फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Jalaun News ›   railway,orai news,dealey,cost increased,doubling time

देरी के कारण दोहरीकरण का समय के साथ लागत भी बढ़ी

Sat, 13 Mar 2021 11:53 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sat, 13 Mar 2021 11:53 PM IST
विज्ञापन
railway,orai news,dealey,cost increased,doubling time
उरई रेलवे स्टेशन के यार्ड में गुड्स शेड में काम करती जेसीबी। - फोटो : ORAI
उरई। झांसी कानपुर रेलवे ट्रैक दोहरीकरण का काम वर्ष 2014 में शुरु हुआ था। इसे 2018 तक पूरा किया जाना था लेकिन अब तक 206 किलोमीटर में सिर्फ 87 किलोमीटर का ही काम पूरा हुआ है।
विज्ञापन

अब इसे वर्ष 2021 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। देरी से चल रहे काम के चलते काम की लागत भी बढ़ गई है। छह साल में कुल 87 किलोमीटर ही ट्रैक का काम पूरा हुआ है।
विज्ञापन

झांसी कानपुर रेलवे ट्रैक के दोहरीकरण तीन चरणों में कराने की योजना बनाई गई थी। जिसमें पहले चरण में झांसी से नंदखास, दूसरे चरण में एरच रोड से उसरगांव और तीसरे चरण में उसगांव से भीमसेन स्टेशन तक कुल मिला कर 206 किमी ट्रैक पड़ना था।
विज्ञापन
विज्ञापन

इसमें झांसी से एरच रोड तक का काम करीब 90 फीसदी पूरा हो चुका है। इसी तरह एरच रोड से उसरगांव तक के काम का भी 90 फीसदी पूरा हो चुका है। वहीं उसरगांव से भीमसेन के बीच अभी सिर्फ 40 फीसदी काम ही पूरा हुआ है।
इसका कारण ये है कि उसरगांव से भीमसेन के बीच जिस एसईडब्लू कंपनी को काम करना था, वह काम अधूरा छोड़कर चली गई। इसके बाद अब रेल विकास निगम लिमिटेड को यह काम कराने की जिम्मेदारी दी गई है।
शुरूआत में जब काम शुरू हुआ था तब इस प्रोजेक्ट की लागत 1100 करोड़ थी। लेकिन लगातार हो रही देरी के कारण इसकी लागत में इजाफा होता गया। वर्तमान में इसकी लागत बढ़कर 2182 करोड़ हो गई है। आरवीएनएल के प्रोजेक्ट डायरेक्टर प्रियांक गुप्ता का कहना है कि दिसंबर 2021 तक काम पूरा करने का लक्ष्य है।

झांसी कानपुर दोहरीकरण का काम एक नजर में
कुल लंबाई 206 किलोमीटर
कुल स्टेशन 26
बड़े पुल - 8
छोटी पुलिया - 203
कार्य प्रारंभ की तिथि 15 दिसंबर 2014
काम पूरा होने की तिथि - नवंबर 2019
पहला चरण - झांसी से एरच रोड (67 किलोमीटर)
दूसरा चरण - एरच रोड से उसरगांव (70 किलोमीटर)
तीसरा चरण - उसरगांव से भीमसेन (69 किलोमीटर)
अभी तक काम की स्थिति
झांसी से पारीछा तक (24 किलोमीटर), पारीछा से नंदखास (19 किलोमीटर) पिरौना, एट, भुआ (27 किलोमीटर), सरसौखी से उसरगांव (17 किलोमीट) का काम पूरा हो चुका है। अब नंदखास से पिरौना कुल 32 किलोमीटर और भुआ से सरसौखी (18 किलोमीटर) का काम भी लगभग पूरा है। इस सेक्शन में इसी महीने रेल संरक्षा आयुक्त से निरीक्षण कराने की तैयारी है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed