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पार्सल घर में इलेक्ट्रानिक कांटा लगाएं
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उरई रेलवे स्टेशन पर बोतल क्रशिंग मशीन का निरीक्षण करते डीसीएम अखिल शुक्ला
- फोटो : ORAI
उरई। मंडल वाणिज्य प्रबंधक (डीसीएम) अखिल शुक्ला ने रविवार को उरई रेलवे स्टेशन का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने वीआईपी रेस्ट रूम में एलईडी और स्टेशन अधीक्षक कार्यालय व द्वितीय श्रेणी प्रतीक्षालय में टीवी लगाने के निर्देश दिए। पार्सल घर में तुलाई मशीन को हटाकर उसकी जगह इलेक्ट्रानिक कांटा लगवाने को कहा।
डीसीएम ने बुकिंग काउंटर और रिजर्वेशन काउंटर का निरीक्षण किया और कर्मचारियों से आय के बारे में जानकारी ली। साथ ही निर्देश दिया कि यात्रियों के साथ शालीनता का व्यवहार किया जाए। उन्होंने सीसीआई को निर्देश दिया कि जल्द ही बुंदेली भाषा के अच्छे स्थानीय उद्घोषक से बात कर उसकी रिकार्डिंग कराकर ट्रेनों का एनाउंसमेंट कराने की व्यवस्था की जाए। उन्होंने कहा कि खाली पड़ी सभी दीवारों पर स्थानीय प्रसिद्ध दर्शनीय स्थलों की फोटो और उनके बारे में जानकारी लिखवाकर लगवाई जाए ताकि लोगों को यहां के दर्शनीय स्थल के उनकी दूरी के बारे में जानकारी मिल सके।
साथ ही खाली पड़ी जगहों पर साफ साफ अक्षरों में रेलवे के संबंधित निर्देश लिखवाए जाए और जो जगह विज्ञापन के काम आ सकती हो, उसकी बुकिंग भी की जाए। उन्होंने उरई स्टेशन लिखा एलईडी बोर्ड का इंतजाम भी शीघ्र कराने का आश्वासन दिया। उन्होंने सफाई व्यवस्था और खानपान की कैंटीनों व बोतल क्रशिंग मशीन को भी देखा। इस दौरान पत्रकार वार्ता में ट्रेनों के कोच इंडीकेशन की समस्या पर कहा कि यह काम अब दोहरीकरण के बाद ही हो सकेगा।
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झांसी-कानपुर रूट पर बढ़ेगी ट्रेनों की संख्या
उरई। डीसीएम ने बताया कि मुंबई रूट का झांसी कानपुर रेलवे ट्रैक मुख्य ट्रैक है। लिहाजा दोहरीकरण के बाद इस रूट की ट्रेनों की संख्या और भी बढ़ाई जाएगी। इसके अलावा मेमू और डीएमयू ट्रेनों का भी संचालन होगा। इससे झांसी कानपुर जाने वाले यात्रियों को सहूलियत होगी। उन्होंने बताया कि इसी रूट से गोरखपुर से मुंबई वंदे मातरम् ट्रेन का प्रस्ताव भी मंडलीय स्तर से रेलवे बोर्ड को भेजा जा चुका है।
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डीसीएम ने बुकिंग काउंटर और रिजर्वेशन काउंटर का निरीक्षण किया और कर्मचारियों से आय के बारे में जानकारी ली। साथ ही निर्देश दिया कि यात्रियों के साथ शालीनता का व्यवहार किया जाए। उन्होंने सीसीआई को निर्देश दिया कि जल्द ही बुंदेली भाषा के अच्छे स्थानीय उद्घोषक से बात कर उसकी रिकार्डिंग कराकर ट्रेनों का एनाउंसमेंट कराने की व्यवस्था की जाए। उन्होंने कहा कि खाली पड़ी सभी दीवारों पर स्थानीय प्रसिद्ध दर्शनीय स्थलों की फोटो और उनके बारे में जानकारी लिखवाकर लगवाई जाए ताकि लोगों को यहां के दर्शनीय स्थल के उनकी दूरी के बारे में जानकारी मिल सके।
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साथ ही खाली पड़ी जगहों पर साफ साफ अक्षरों में रेलवे के संबंधित निर्देश लिखवाए जाए और जो जगह विज्ञापन के काम आ सकती हो, उसकी बुकिंग भी की जाए। उन्होंने उरई स्टेशन लिखा एलईडी बोर्ड का इंतजाम भी शीघ्र कराने का आश्वासन दिया। उन्होंने सफाई व्यवस्था और खानपान की कैंटीनों व बोतल क्रशिंग मशीन को भी देखा। इस दौरान पत्रकार वार्ता में ट्रेनों के कोच इंडीकेशन की समस्या पर कहा कि यह काम अब दोहरीकरण के बाद ही हो सकेगा।
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झांसी-कानपुर रूट पर बढ़ेगी ट्रेनों की संख्या
उरई। डीसीएम ने बताया कि मुंबई रूट का झांसी कानपुर रेलवे ट्रैक मुख्य ट्रैक है। लिहाजा दोहरीकरण के बाद इस रूट की ट्रेनों की संख्या और भी बढ़ाई जाएगी। इसके अलावा मेमू और डीएमयू ट्रेनों का भी संचालन होगा। इससे झांसी कानपुर जाने वाले यात्रियों को सहूलियत होगी। उन्होंने बताया कि इसी रूट से गोरखपुर से मुंबई वंदे मातरम् ट्रेन का प्रस्ताव भी मंडलीय स्तर से रेलवे बोर्ड को भेजा जा चुका है।