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अंडरपास के जलभराव में फंसी दुल्हन की गा़ड़़ी, हंड़कंप
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करमेर रेलवे क्रॉसिंग अंडर पास में भरे पानी फसी कार को निकालती जेसीबी
- फोटो : ORAI
उरई। झांसी कानपुर रेलवे ट्रैक के उरई सरसौखी सेक्शन के करमेर रोड रेलवे क्रासिंग नंबर 183 के अंडरपास के जलभराव में शुक्रवार को दुल्हन की गाड़ी उस वक्त फंस गई, जब शादी के लिए गेस्ट हाउस जा रही थी। यह जानकारी मिलते ही हड़कंप मच गया। गाड़ी में सवार लोगों ने तत्काल फोन कर अपने घरवालों से मदद मांगी। काफी देर बाद पहुंची जेसीबी से किसी तरह दुल्हन की गाड़ी को जलभराव से निकाला जा सका।
बताते चलें कि बीते दिनों हुई बारिश से इतना जलभराव हो गया है कि आवागमन में परेशानी हो रही है। स्थिति यह है कि लोगों को रास्ता बदलकर करीब पांच किलोमीटर का चक्कर लगाना पड़ रहा है। करमेर रोड पर अंडरब्रिज का निर्माण वर्ष 2018 में कानपुर की एक कंपनी ने ढाई करोड़ की लागत से किया था। जिस समय अंडरब्रिज का निर्माण हो रहा था, उस समय भी मोहल्ले के लोगों ने जलभराव की आशंका जताते हुए काफी हो-हल्ला किया था और काम बंद कराने की कोशिश भी की थी। तब रेल अधिकारियों ने यह कहकर मामला शांत करा दिया था कि जलनिकासी का इंतजाम कराया जाएगा। जलभराव न हो, इसका भी इंतजाम किया जाएगा। इसके लिए कवर्ड शेड और वोरबेल की भी व्यवस्था की जाएगी। लेकिन अधिकारियों ने काम तो पूरा करा लिया और न तो कवर्ड शेड लगवाया और न ही बोरवेल की व्यवस्था की। जिसका नतीजा आज लोगों को भुगतना पड़ रहा है।
सीनियर सेक्शन इंजीनियर वर्क्स बीके श्रीवास्तव का कहना है कि काम के दौरान शिकायतें मिली थी, जिसकी वजह से अभी तक रेलवे को अंडरब्रिज हैंडओवर नहीं हुआ है। हालांकि जलनिकासी का इंतजाम किया जा रहा है। चार पंपिग सेट लगाकर पानी को खाली कराया जा रहा है। जल्द समस्या से निदान मिलेगा।
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बताते चलें कि बीते दिनों हुई बारिश से इतना जलभराव हो गया है कि आवागमन में परेशानी हो रही है। स्थिति यह है कि लोगों को रास्ता बदलकर करीब पांच किलोमीटर का चक्कर लगाना पड़ रहा है। करमेर रोड पर अंडरब्रिज का निर्माण वर्ष 2018 में कानपुर की एक कंपनी ने ढाई करोड़ की लागत से किया था। जिस समय अंडरब्रिज का निर्माण हो रहा था, उस समय भी मोहल्ले के लोगों ने जलभराव की आशंका जताते हुए काफी हो-हल्ला किया था और काम बंद कराने की कोशिश भी की थी। तब रेल अधिकारियों ने यह कहकर मामला शांत करा दिया था कि जलनिकासी का इंतजाम कराया जाएगा। जलभराव न हो, इसका भी इंतजाम किया जाएगा। इसके लिए कवर्ड शेड और वोरबेल की भी व्यवस्था की जाएगी। लेकिन अधिकारियों ने काम तो पूरा करा लिया और न तो कवर्ड शेड लगवाया और न ही बोरवेल की व्यवस्था की। जिसका नतीजा आज लोगों को भुगतना पड़ रहा है।
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सीनियर सेक्शन इंजीनियर वर्क्स बीके श्रीवास्तव का कहना है कि काम के दौरान शिकायतें मिली थी, जिसकी वजह से अभी तक रेलवे को अंडरब्रिज हैंडओवर नहीं हुआ है। हालांकि जलनिकासी का इंतजाम किया जा रहा है। चार पंपिग सेट लगाकर पानी को खाली कराया जा रहा है। जल्द समस्या से निदान मिलेगा।
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