{"_id":"60f1c7328ebc3eb2da75cfb3","slug":"police-demand-river-bomb-blast-co-orai-news-knp6406233175","type":"story","status":"publish","title_hn":"दस्ते ने निकाली हैंड ग्रेनेड की पिन, मिली राहत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दस्ते ने निकाली हैंड ग्रेनेड की पिन, मिली राहत
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
माधौगढ़ (जालौन)। पहुज नदी में मिले हैंड ग्रेनेड को शुक्रवार की शाम पहुंचे बम निरोधक दस्ते ने पिन निकालकर निष्क्रिय कर दिया। जिस वक्त दस्ते के सदस्य ग्रेनेड की पिन निकाल रहे थे। उस समय दूर खड़े लोगों की धड़कनें भी तेज हो रही थी। पिन निकलते ही ग्रामीणों के साथ पुलिस ने भी राहत की सांस ली। सीओ शाहिदा नसरीन ने बताया बम की क्षमता करीब 9 वर्ग मीटर से स्थान को प्रभावित करने की थी। फिलहाल उसे जांच के लिए आगरा की प्रयोगशाला भेजा जा रहा है।
बता दें कि गुरुवार गोपालपुरा गांव निवासी एक मानसिक रूप से बीमार युवक को पानी के भीतर से हैंड ग्रेनेड मिला था। तभी से पूरे गांव में अफरातफरी का माहौल था। पुलिस अधिकारियों ने मामले की सूचना बम निरोधक दस्ते के साथ साथ एटीएस को भी दी थी। इस पर शुक्रवार की शाम दस्ते के एसआई चंद्रपाल सिंह व उनकी टीम के सदस्यों ने सावधानी पूर्वक ग्रेनेड को निष्क्रिय किया। बताया कि ग्रेनेड दस से पंद्रह दिन पुराना लग रहा है। इधर, पूरे दिन ग्रेनेड को कड़ी सुरक्षा में रखा गया। पुलिस ने गांव के कुछ घरों में सर्च आपरेशन भी चलाया। कई संदिग्धों को उठाकर उनसे पूछताछ की गई। सीओ ने बताया कि जल्द ही एटीएस की टीम भी गोपालपुरा पहुंचेगी। इसके बाद सीमा से लगे मध्य प्रदेश के भिंड़ और मुरैना तक ग्रेनेड के बारे में जानकारी की जाएगी। सीओ का कहना है कि बम को छिपाने के नजरिए से या फिर लोगों को बचाने के लिए पानी में फेंका गया है। अभी कुछ कहना जल्दबाजी होगी। दूसरी ओर ग्रामीण रामकेश, सुधीर और राघवेंद्र का कहना है कि भले ही बम को आबादी से दूर रखा गया था लेकिन रात भर गांव के पास ही रहने के कारण लोगों को ठीक से नींद नहीं पड़ी।
विज्ञापन
बता दें कि गुरुवार गोपालपुरा गांव निवासी एक मानसिक रूप से बीमार युवक को पानी के भीतर से हैंड ग्रेनेड मिला था। तभी से पूरे गांव में अफरातफरी का माहौल था। पुलिस अधिकारियों ने मामले की सूचना बम निरोधक दस्ते के साथ साथ एटीएस को भी दी थी। इस पर शुक्रवार की शाम दस्ते के एसआई चंद्रपाल सिंह व उनकी टीम के सदस्यों ने सावधानी पूर्वक ग्रेनेड को निष्क्रिय किया। बताया कि ग्रेनेड दस से पंद्रह दिन पुराना लग रहा है। इधर, पूरे दिन ग्रेनेड को कड़ी सुरक्षा में रखा गया। पुलिस ने गांव के कुछ घरों में सर्च आपरेशन भी चलाया। कई संदिग्धों को उठाकर उनसे पूछताछ की गई। सीओ ने बताया कि जल्द ही एटीएस की टीम भी गोपालपुरा पहुंचेगी। इसके बाद सीमा से लगे मध्य प्रदेश के भिंड़ और मुरैना तक ग्रेनेड के बारे में जानकारी की जाएगी। सीओ का कहना है कि बम को छिपाने के नजरिए से या फिर लोगों को बचाने के लिए पानी में फेंका गया है। अभी कुछ कहना जल्दबाजी होगी। दूसरी ओर ग्रामीण रामकेश, सुधीर और राघवेंद्र का कहना है कि भले ही बम को आबादी से दूर रखा गया था लेकिन रात भर गांव के पास ही रहने के कारण लोगों को ठीक से नींद नहीं पड़ी।
विज्ञापन