फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Jalaun News ›   Players are getting worried due to lack of playing environment

Jalaun News: खेल का माहौल नहीं मिलने से खिलाड़ी हो रहे परेशान

Mon, 15 Apr 2024 02:22 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, जालौन
संवाद न्यूज एजेंसी, जालौन Updated Mon, 15 Apr 2024 02:22 AM IST
विज्ञापन
Players are getting worried due to lack of playing environment
उरई। इंदिरा स्टेडियम में आने वाले खिलाड़ी खुद को असुरक्षित महसूस करते हैं। नियमों का ताक पर रखकर स्टेडियम में अनधिकृत लोगों की आवाजाही से खिलाडियों को काफी परेशानी हो रही है। अवैध ढंग से दाखिल होने की वजह से वास्तविक खिलाड़ी परेशान होते है। कई बार विरोध करने के बाद भी अनधिकृत लोगों की आवाजाही पर रोक नहीं लग सकी है।
विज्ञापन

शहर में कालपी रोड पर स्थापित इंदिरा स्टेडियम में सुरक्षा मानकों के साथ खिलवाड़ हो रहा है। खिलाड़ी डर के साए में खेलने पहुंचते हैं। सुबह पांच बजे से ही स्टेडियम में अनजान खिलाड़ियों का जमावड़ा लग जाता है। कोई खेलने तो कोई टहलने आता है। कोई योग करेगा तो कोई बीच फील्ड में मैच खेलने लगता है। जबकि नियम के अनुसार सबके पास कार्ड होना चाहिए। उनके खेलने और बैठने का स्थान भी निश्चित होगा।
विज्ञापन

स्टेडियम प्रशासन द्वारा कई बार प्रयास किए जाने के बावजूद भी शौकिया स्टेडियम आने वालों का रजिस्ट्रेशन नहीं किया जा सका है। स्टेडियम पहुंच रहे खिलाड़ियों से अगर किसी से विवाद हो जाए। कोई घटना हो जाए तो स्टेडियम प्रशासन के पास अनजान व्यक्ति का कोई विवरण नहीं होगा। इसे लेकर कई बार शिकायत भी हो जाती है। लेकिन शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। स्टेडियम में क्रिकेट, हॉकी, हैंडबॉल, तैराकी, जिम्नास्टिक का प्रशिक्षण सुबह-शाम दिया जाता है। करीब सौ खिलाड़ी जिनका पंजीकरण है, खेलने पहुंचते हैं। इसमें बालिका खिलाड़ी भी शामिल हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


बढ़े राजस्व तो हो काम
शौकिया खिलाड़ियों से कोई शुल्क नहीं वसूला जाता है। न ही उनका कोई पंजीकरण करवाया गया है। ऐसे में रोजाना स्टेडियम में सुबह शाम 500 से अधिक लोग पहुंचते हैं। जिसकी वजह से महीने का ढाई लाख के राजस्व का नुकसान क्रीड़ा विभाग को हो रहा है। इससे स्टेडियम में रंगाई पुताई, उपकरण खरीद के साथ कई काम हो सकता है। लेकिन ऐसा होता नहीं दिख रहा है। अवैध घुसपैठ की वजह से स्टेडियम के संसाधन भी अधिकतर खराब हो चुके हैं।
यह है नियम-

स्टेडियम में 18 साल से कम उम्र के प्रशिक्षण लेने वाले खिलाड़ियों को साल के 160 रुपये देने होते हैं। शौकिया खेलने आने वाले खिलाड़ियों को मासिक शुल्क 500 रुपये देना होता है। इसके साथ ही 100 रुपये प्रोत्साहन राशि हर महीने देने होती है। इसके अलावा कोई शुल्क नहीं लगता है।
नेताओं और अधिकारियों के नाम पर अभद्रता
पिछले एक साल में स्टेडियम प्रशासन और कोच के साथ कई बार अनजान लोगों से बहस व नोकझोंक हो चुकी है। ऐसे लोग अपना परिचय नेता और अधिकारी के रूप में देते हैं या खुद को उनका खास बताते हैं। इसलिए उनके खिलाफ स्टेडियम प्रशासन कोई कार्रवाई भी नहीं कर पाता है। क्यों कि रजिस्ट्रेशन नहीं होने से उनका परिचय मिल नहीं पाता है। क्रीड़ा अधिकारी से भी कई बार अनजान खिलाड़ियों की नोकझोंक हो चुकी है।


वर्जन-
स्टेडियम में सभी का पंजीकरण कराया जाएगा। इसके लिए अभियान चलेगा, जो भी अनजान खिलाड़ी बिना पंजीकरण के स्टेडियम में आ रहे हैं। उनके कार्ड बनाए जाएंगे। अराजकता का माहौल नहीं बनने दिया जाएगा।-सिराजुद्दीन, क्रीड़ा अधिकारी
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed