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बच्चों को सीने से लगाकर माता-पिता फफक पड़े
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घटनास्थल पर लगी भीड़
- फोटो : ORAI
जालौन। हादसे की जानकारी मिलते ही उरई स्थित जयपुरिया स्कूल का प्रबंधन भी मौके पर पहुंचा। कुछ ही देर में जैसे ही खबर फैली वैसे ही जालौन से बदहवास परिजनों में कोई कार से तो कोई बाइक से चीखता चिल्लाता हुआ घटनास्थल पर पहुंचा। मौके पर क्षतिग्रस्त बस की हालत और बच्चों के चेहरों पर खून लगा देख अभिभावकों का कलेजा कांप उठा। रोते बिलखते बच्चों के साथ बच्चों की माता व पिता भी सीने से लगाकर फफक पड़े। इसके बाद जब घायल बच्चों को अस्पताल पहुंचाया गया तो वहां भी चीख पुकार मची रही।
डीएम व एसपी के निर्देश के कारण पूरा अस्पताल बच्चों के पहुंचते ही इलाज में तत्परता से जुटा रहा। इसके बाद जब डीएम व एसपी पहुंचे तब परिजन शांत हुए। सीएचसी के प्रभारी डॉ मुकेश राजपूत का कहना है कि लगभग सभी बच्चे खतरे से बाहर हैं, जिन्हें देर शाम तक छुट्टी देकर घर भी भेज दिया जाएगा। जिन दो बच्चों को ज्यादा चोट आई थी, उन्हें इलाज के लिए झांसी रेफर किया गया है, हालांकि उन बच्चों के भी हाथ पैरों में ही चोटें आईं हैं। लिहाजा खतरे की कोई बात नहीं है।
एक पलटी और खाती तो होता बड़ा हादसा
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि ट्रक ने पहले पीछे से फिर साइड से भी बस को टक्कर मारी, जिससे बस डिवाइडर से टकराकर पलट गई। गनीमत थी कि बस सिर्फ एक ही बार पलटी यदि दोबारा पलट जाती या फिर पीछे से कोई दूसरा भारी वाहन आकर बस को टक्कर मार देता तो बड़ा हादसा हो सकता था। देखने वालों का तो यह भी कहना है कि ट्रक को चालक नहीं बल्कि क्लीनर चला रहा था। फिलहाल पुलिस को मौके पर चालक क्लीनर कोई नहीं मिला।
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डीएम ने देखे बच्चों के एक्सरे
सीएचसी पहुंचे डीएम और एसपी ने न सिर्फ बच्चों व उनके अभिभावकों से बातचीत की बल्कि डीएम ने तो स्वयं हाथों में बच्चों के एक्सरे लेकर उनकी जांच की और फिर अभिभावकों को ढांढस बंधाया कि परेशान न हो, बच्चों को कुछ नहीं होने दिया जाएगा। बता दें कि डीएम चाइल्ड स्पेशलिस्ट डॉक्टर भी रहे हैं।
जिला अस्पताल भी रहा अलर्ट
हादसे की जानकारी मिलते ही जिला अस्पताल भी अलर्ट हो गया। स्वयं सीएमओ अल्पना बरतरिया भी मौके पर पहुंच गई और उन्होंने डॉक्टरों व स्टाफ को अलर्ट रहने के निर्देश दिए। हालांकि देर शाम तक किसी भी बच्चे को दोबारा जिला अस्पताल लाने की जरूरत नहीं महसूस र्हुई।
रोड पर रहता है अन्ना मवेशियों का भी जमावड़ा
रोड के दुकानदारों का कहना है कि जब से फर्राटा सड़क बनी है तब से वाहनों की रफ्तार तो बढ़ी ही है साथ साथ अन्ना मवेशियों की जमावड़ा भी बढ़ गया है। आए दिन अन्ना मवेशियों से टकराकर कभी कार सवार तो कभी बाइक सवार घायल होते हैं। हो सकता है कि ट्रक चालक अन्ना मवेशियों के कारण गाड़ी से संतुलन खो बैठा हो और फिर बस से टकरा गया हो।
27 सीटर बस की भी होगी जांच पड़ताल
हादसे के संदर्भ में एआरटीओ (प्रवर्तन) मनोज कुमार का कहना है कि बस 27 सीटर बताई जा रही है, जिसकी क्षमता 50 से अधिक बच्चों की होती है। लिहाजा 40 बच्चों में बस ओवरलोड तो नहीं थी, फिर भी बस की फिटनेस की जांच पड़ताल जरूर की जाएगी। वहीं स्कूल प्रबंधन के डायरेक्टर विकार हैदर के मुताबिक बस नई है और उसकी फिटनेस भी कंप्लीट है।
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डीएम व एसपी के निर्देश के कारण पूरा अस्पताल बच्चों के पहुंचते ही इलाज में तत्परता से जुटा रहा। इसके बाद जब डीएम व एसपी पहुंचे तब परिजन शांत हुए। सीएचसी के प्रभारी डॉ मुकेश राजपूत का कहना है कि लगभग सभी बच्चे खतरे से बाहर हैं, जिन्हें देर शाम तक छुट्टी देकर घर भी भेज दिया जाएगा। जिन दो बच्चों को ज्यादा चोट आई थी, उन्हें इलाज के लिए झांसी रेफर किया गया है, हालांकि उन बच्चों के भी हाथ पैरों में ही चोटें आईं हैं। लिहाजा खतरे की कोई बात नहीं है।
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एक पलटी और खाती तो होता बड़ा हादसा
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि ट्रक ने पहले पीछे से फिर साइड से भी बस को टक्कर मारी, जिससे बस डिवाइडर से टकराकर पलट गई। गनीमत थी कि बस सिर्फ एक ही बार पलटी यदि दोबारा पलट जाती या फिर पीछे से कोई दूसरा भारी वाहन आकर बस को टक्कर मार देता तो बड़ा हादसा हो सकता था। देखने वालों का तो यह भी कहना है कि ट्रक को चालक नहीं बल्कि क्लीनर चला रहा था। फिलहाल पुलिस को मौके पर चालक क्लीनर कोई नहीं मिला।
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डीएम ने देखे बच्चों के एक्सरे
सीएचसी पहुंचे डीएम और एसपी ने न सिर्फ बच्चों व उनके अभिभावकों से बातचीत की बल्कि डीएम ने तो स्वयं हाथों में बच्चों के एक्सरे लेकर उनकी जांच की और फिर अभिभावकों को ढांढस बंधाया कि परेशान न हो, बच्चों को कुछ नहीं होने दिया जाएगा। बता दें कि डीएम चाइल्ड स्पेशलिस्ट डॉक्टर भी रहे हैं।
जिला अस्पताल भी रहा अलर्ट
हादसे की जानकारी मिलते ही जिला अस्पताल भी अलर्ट हो गया। स्वयं सीएमओ अल्पना बरतरिया भी मौके पर पहुंच गई और उन्होंने डॉक्टरों व स्टाफ को अलर्ट रहने के निर्देश दिए। हालांकि देर शाम तक किसी भी बच्चे को दोबारा जिला अस्पताल लाने की जरूरत नहीं महसूस र्हुई।
रोड पर रहता है अन्ना मवेशियों का भी जमावड़ा
रोड के दुकानदारों का कहना है कि जब से फर्राटा सड़क बनी है तब से वाहनों की रफ्तार तो बढ़ी ही है साथ साथ अन्ना मवेशियों की जमावड़ा भी बढ़ गया है। आए दिन अन्ना मवेशियों से टकराकर कभी कार सवार तो कभी बाइक सवार घायल होते हैं। हो सकता है कि ट्रक चालक अन्ना मवेशियों के कारण गाड़ी से संतुलन खो बैठा हो और फिर बस से टकरा गया हो।
27 सीटर बस की भी होगी जांच पड़ताल
हादसे के संदर्भ में एआरटीओ (प्रवर्तन) मनोज कुमार का कहना है कि बस 27 सीटर बताई जा रही है, जिसकी क्षमता 50 से अधिक बच्चों की होती है। लिहाजा 40 बच्चों में बस ओवरलोड तो नहीं थी, फिर भी बस की फिटनेस की जांच पड़ताल जरूर की जाएगी। वहीं स्कूल प्रबंधन के डायरेक्टर विकार हैदर के मुताबिक बस नई है और उसकी फिटनेस भी कंप्लीट है।

घटनास्थल पर लगी भीड़- फोटो : ORAI