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पंचायत चुनाव: इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर राजनीति में रखा कदम, अब जिला पंचायत सदस्य बने रणविजय
Tue, 04 May 2021 10:00 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जालौन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जालौन
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Tue, 04 May 2021 10:00 PM IST
सार
25 साल के युवा ने इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर नौकरी करने के बजाय राजनीति में कदम रखा है। वे राजनीति के माध्यम से अपने समाज को नई दिशा देना चाहते हैं।
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जिला पंचायत सदस्य बने रणविजय
- फोटो : amar ujala
विस्तार
उत्तर प्रदेश पंचायत चुनाव में उरई के कदौरा ब्लाक के सुनैटा गांव के 25 साल के युवा ने इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर नौकरी करने के बजाय राजनीति में कदम रखा है। वे राजनीति के माध्यम से अपने समाज को नई दिशा देना चाहते हैं। उसने भाजपा समर्थित सीट से जीत दर्ज की है।
परासन से भाजपा समर्थित जिला पंचायत सीट के विजेता प्रत्याशी रणविजय निषाद ने बीटेक के बाद बीएससी और फिर वकालत की पढ़ाई की है। रणविजय का कहना है कि उन्होंने अपने निषाद समाज के उत्थान के लिए ही राजनीति में कदम रखा है।
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परासन से भाजपा समर्थित जिला पंचायत सीट के विजेता प्रत्याशी रणविजय निषाद ने बीटेक के बाद बीएससी और फिर वकालत की पढ़ाई की है। रणविजय का कहना है कि उन्होंने अपने निषाद समाज के उत्थान के लिए ही राजनीति में कदम रखा है।
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उनके गांव में आज भी बहुत कम लोग शिक्षित हैं। सोचा कि यदि वे भी बीटेक के बाद नौकरी करने लगेंगे तो समाज का क्या भला होगा। रणविजय ने बताया कि उन्होंने 2015 में बाबू बनारसी दास इंजीनियरिंग कालेज लखनऊ से बीटेक किया था।
इसके बाद दमन दीप में उन्हें इंजीनियर की नौकरी भी मिली लेकिन ज्वाइन नहीं किया। राजनीति के साथ ही उन्होंने अपनी पढ़ाई भी जारी रखी और फिर 2016 में बीएससी व 2018 में वकालत की पढ़ाई पूरी की।
इस बीच वे भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव के संपर्क में आए, इसके बाद से ही राजनीति शुरू हुई। बताया कि उनके सुनैटा गांव की तरह क्षेत्र के अन्य गांवों में आज भी सड़क और पानी जैसी समस्याएं है। उनका प्रयास रहेगा कि समाज को शिक्षित करने के साथ साथ ग्रामीणों को उनके पानी, बिजली व सड़क जैसे मूलभूत अधिकार भी दिलाए जाए।
इसके बाद दमन दीप में उन्हें इंजीनियर की नौकरी भी मिली लेकिन ज्वाइन नहीं किया। राजनीति के साथ ही उन्होंने अपनी पढ़ाई भी जारी रखी और फिर 2016 में बीएससी व 2018 में वकालत की पढ़ाई पूरी की।
इस बीच वे भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव के संपर्क में आए, इसके बाद से ही राजनीति शुरू हुई। बताया कि उनके सुनैटा गांव की तरह क्षेत्र के अन्य गांवों में आज भी सड़क और पानी जैसी समस्याएं है। उनका प्रयास रहेगा कि समाज को शिक्षित करने के साथ साथ ग्रामीणों को उनके पानी, बिजली व सड़क जैसे मूलभूत अधिकार भी दिलाए जाए।