{"_id":"e15a7dad52760f4ec387d83a91dba3ec","slug":"out-of-concern-over-the-lack-of-loading-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"आउट लोडिंग न होने पर चिंता जताई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आउट लोडिंग न होने पर चिंता जताई
अमर उजाला ब्यूरो जालौन
Updated Sat, 24 Oct 2015 11:48 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
उत्तर मध्य रेलवे जोन के चीफ इंजीनियर (वर्कशाप) डीके नायक ने शनिवार को रेलवे स्टेशन का निरीक्षण किया। इस दौरान पार्सल लोडिंग के पास जलभराव की समस्या को चिंह्ति करते हुए जल्द दूर कराने की बात कही। इसके अलावा आरपीएफ थाने के लिए बैरक की जरूरत पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि उरई स्टेशन से आखिरी मर्तबा 2013 में गेहूं की एक बैरक लोड हुई। इसके बाद से आउट लोडिंग नहीं हुई है। इस पर चिंता जताते हुए कहा कि यह रेलवे की आमदनी के लिहाज से ठीक नहीं है।चीफ इंजीनियर डीके नायक ने सबसे पहले लोडिंग अन लोडिंग स्थल का निरीक्षण किया।
यहां पर जलभराव के अलावा अन्य समस्याओं की जानकारी की। इसके बाद पार्सल रूम और प्लेटफार्म की अन्य व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने इस बात पर संतोष जताया कि इसके पहले निरीक्षण में जिन समस्याओं को चिंह्ति किया किया था, उसके निस्तारण की दिशा में काम हुआ है।
विज्ञापन
उन्होंने साफ सफाई पर जोर दिया और कहा कि आरपीएफ को एक बैरक की जरूरत है। उन्होंने बताया कि पैनल रूम के पीछे रूम को सुविधाओं से सुसज्जित किया जाएगा, जिससे आने वाले अधिकारी ठहर सकें। इस दौरान स्टेशन प्रबंधक बीएन गुप्ता के अलावा अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
उधर, चीफ इंजीनियर डीके नायक ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि यहां पर व्यापारियों के सहयोग की जरूरत है। यहां से माल की लोडिंग नहीं हो रही है, जिससे रेलवे की आमदनी में इजाफा नहीं हो पा रहा है। रेलवे से ट्रांसपोर्टिंग अन्य साधनों की अपेक्षा बहुत सस्ती है। व्यापारियों को चाहिए कि वह इसका लाभ उठाएं।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि उरई स्टेशन से आखिरी मर्तबा 2013 में गेहूं की एक बैरक लोड हुई। इसके बाद से आउट लोडिंग नहीं हुई है। इस पर चिंता जताते हुए कहा कि यह रेलवे की आमदनी के लिहाज से ठीक नहीं है।चीफ इंजीनियर डीके नायक ने सबसे पहले लोडिंग अन लोडिंग स्थल का निरीक्षण किया।
विज्ञापन
यहां पर जलभराव के अलावा अन्य समस्याओं की जानकारी की। इसके बाद पार्सल रूम और प्लेटफार्म की अन्य व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने इस बात पर संतोष जताया कि इसके पहले निरीक्षण में जिन समस्याओं को चिंह्ति किया किया था, उसके निस्तारण की दिशा में काम हुआ है।
विज्ञापन
उन्होंने साफ सफाई पर जोर दिया और कहा कि आरपीएफ को एक बैरक की जरूरत है। उन्होंने बताया कि पैनल रूम के पीछे रूम को सुविधाओं से सुसज्जित किया जाएगा, जिससे आने वाले अधिकारी ठहर सकें। इस दौरान स्टेशन प्रबंधक बीएन गुप्ता के अलावा अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
उधर, चीफ इंजीनियर डीके नायक ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि यहां पर व्यापारियों के सहयोग की जरूरत है। यहां से माल की लोडिंग नहीं हो रही है, जिससे रेलवे की आमदनी में इजाफा नहीं हो पा रहा है। रेलवे से ट्रांसपोर्टिंग अन्य साधनों की अपेक्षा बहुत सस्ती है। व्यापारियों को चाहिए कि वह इसका लाभ उठाएं।