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गोवंशों के लिए ग्राम निधि के खाते में जाएगी धनराशि
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कदौरा। गोवंशों के भरण-पोषण के लिए सरकारी धन मिलने में अब लेटलतीफी नहीं होगी। सरकार ने नई व्यवस्था के तहत जिलास्तर से सीधे ग्राम पंचायतों के ग्राम निधि खाते में बजट भेजने की व्यवस्था की है। इसके लिए आईसीआईसीआई बैंक में सीडीओ और सीवीओ का संयुक्त खाता भी खुल गया है।
छुट्टा घूमने वाले मवेशियों के लिए ब्लॉक क्षेत्र में गो आश्रय स्थल खोले गए हैं। यहां संरक्षित मवेशियों के भरण-पोषण के लिए तीस रुपये प्रति जानवर की दर से धनराशि सरकार देती है। अभी तक व्यवस्था के तहत शासन से धनराशि जिला मुख्यालय में डीएम के खाते में भेजी जाती थी। मांगपत्र के अनुसार यहां से धनराशि बीडीओ और पशु चिकित्साधिकारी के संयुक्त खाते में भेजी जाती है।
बीडीओ और पशु चिकित्साधिकारी यह राशि ग्राम निधि खाते में भेजते हैं। धन आवंटन की इस प्रक्रिया में समय काफी अधिक लग जाता है। समय पर ग्राम निधि खाते में पैसा न पहुंच पाने से अक्सर चारा-दाना के लिए खरीद का संकट खड़ा हो जाता है। मवेशियों को भूखे पेट रहना पड़ता है।
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समस्या को संज्ञान में लेकर शासन ने मवेशियों के भरण-पोषण बजट आवंटन के लिए नई व्यवस्था लागू की। व्यवस्था लागू होने के बाद अब ग्राम पंचायतें धनराशि न होने का रोना नहीं रो पाएगी। बीडीओ अश्वनी कुमार सिंह ने बताया कि अब जिले से सीधा धनराशि ग्राम निधि खाते में जाएगी।
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छुट्टा घूमने वाले मवेशियों के लिए ब्लॉक क्षेत्र में गो आश्रय स्थल खोले गए हैं। यहां संरक्षित मवेशियों के भरण-पोषण के लिए तीस रुपये प्रति जानवर की दर से धनराशि सरकार देती है। अभी तक व्यवस्था के तहत शासन से धनराशि जिला मुख्यालय में डीएम के खाते में भेजी जाती थी। मांगपत्र के अनुसार यहां से धनराशि बीडीओ और पशु चिकित्साधिकारी के संयुक्त खाते में भेजी जाती है।
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बीडीओ और पशु चिकित्साधिकारी यह राशि ग्राम निधि खाते में भेजते हैं। धन आवंटन की इस प्रक्रिया में समय काफी अधिक लग जाता है। समय पर ग्राम निधि खाते में पैसा न पहुंच पाने से अक्सर चारा-दाना के लिए खरीद का संकट खड़ा हो जाता है। मवेशियों को भूखे पेट रहना पड़ता है।
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समस्या को संज्ञान में लेकर शासन ने मवेशियों के भरण-पोषण बजट आवंटन के लिए नई व्यवस्था लागू की। व्यवस्था लागू होने के बाद अब ग्राम पंचायतें धनराशि न होने का रोना नहीं रो पाएगी। बीडीओ अश्वनी कुमार सिंह ने बताया कि अब जिले से सीधा धनराशि ग्राम निधि खाते में जाएगी।