फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Jalaun News ›   other

नए कृषि कानून भारतीय किसानों के लिए कोढ़ में खाज

Mon, 21 Dec 2020 12:41 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Mon, 21 Dec 2020 12:41 AM IST
विज्ञापन
other
कदौरा/कालपी (जालौन)। नए किसान कानूनों के विरोध और किसान आंदोलन के समर्थन में रविवार को सपा जिलाध्यक्ष नवाब सिंह यादव की अगुवाई में सपाइयों ने किसान यात्रा निकाली। कालपी मेें भी यात्रा निकाली गई।
विज्ञापन

बरही बंबा से शुरू हुई यात्रा बरखेरा, ताहरपुर, बबीना होते हुए कदौरा पहुंची। यहां नगर अध्यक्ष इस्तियाक अली ने कार्यकर्ताओं के साथ स्वागत किया। नुक्कड़ सभा के बाद यात्रा बागी, उदनपुर, कुशमरा, बावनी होते हुए डिमुहा के डेरा में समाप्त हुई। जिलाध्यक्ष ने कहा कि जब तक केंद्र की सरकार कानून वापस नही लेती तब तक सपाई किसानों के समर्थन में आंदोलन जारी रखेंगे।
विज्ञापन

आफताब अहमद, धीरज पाल, नौशाद अली, इरशाद सिद्दीकी, संतोष नामदेव, अतुल वाल्मीकि, बृजेंद्र पाल, प्रदीप यादव, नसीरुद्दीन शाह, संदीप साहू, बेबी शाह, शशि सिंह आदि मौजूद रहे। कालपी में भी किसान यात्रा निकाली गई। ये यात्रा मुख्य बाजार से बरही बम्बा पर समाप्त हुई। इरशाद खान, विजय सिंह, पुष्पेंद्र सिंह, अफ जल खान, अजहर बाबा, विशाल यादव आदि शामिल रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन

किसान महासभा की बैठक हुई
उरई। अखिल भारतीय किसान महासभा के बैनर तले किसान आंदोलन में मृत 25 किसानों को श्रद्धांजलि दी। बैठक में केंद्र की सरकार को किसान विरोधी बता गांव-गांव जाकर आंदोलन कर रहे किसानों के समर्थन जुटाने पर सहमति भी बनी। सीपीआई नेता प्रभुदयाल पाल, मजदूर नेता हरीशंकर, इंकलाबी नौजवान सभा के शहर संयोजक मुकेश मौर्या, रामसिंह कुशवाहा, अशोक, परशुराम, देवीदीन, बलराम पाल आदि मौजूद रहे। (संवाद)
आंदोलन में मृत किसानों को दी श्रद्धांजलि
उरई। स्वराज इंडिया पार्टी ने किसान आंदोलन में मृत किसानों को श्रद्धांजलि दी और नए कृषि कानूनों को किसान विरोधी बताया। किसान कानून वापस लेने की मांग भी की गई।

मोहल्ला बघौरा स्थित मैत्री बुद्ध विहार में आयोजित कार्यक्रम में जिलाध्यक्ष पंकज सहाय ने कहा कि किसान कानूनों के विरोध में 25 दिन से दिल्ली की सीमा पर लाखों किसान धरने पर बैठे हैं। आंदोलन के दौरान ठंड लगने से 26 किसान शहीद हो चुके हैं। किंतु केंद्र की भाजपा सरकार हठ पर अड़ी है। सरकार के मंत्री सांसद किसानों को देश विरोधी करार देने में लगे हैं। दया कुमार जाटव, प्रेमनारायण अग्रवाल, ध्रुव कुमार, गोलू परिहार, नरेंद्र, अमन विश्वकर्मा, मोनू याज्ञिक, शहीद, चंद्रशेखर आदि मौजूद रहे। (संवाद)
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed