फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Jalaun News ›   orai orai news

Jalaun News: 450 करोड़ की नजूल भूमि को हड़पने की कोशिश, एफआईआर

Fri, 04 Sep 2026 01:17 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Fri, 04 Sep 2026 01:17 AM IST
विज्ञापन
orai orai news
फोटो - 31 विवादित जमीन पर बना स्कूल। सोशल मीडिया
उरई। शहर से सटे ग्राम लहरिया में करीब 450 करोड़ रुपये कीमत की 7.26 एकड़ नजूल भूमि को बेचने की कोशिश की गई। जांच में कूटरचित दस्तावेज तैयार कर जमीन पर निजी अधिकार जताने और उसके विक्रय व हस्तांतरण की कोशिश सामने आने के बाद कोतवाली में एफआईआर दर्ज कराई गई है।
विज्ञापन


मामला गाटा संख्या 518 की 7.26 एकड़ नजूल भूमि का है। राजस्व अभिलेखों की जांच में यह जमीन राज्य सरकार की संपत्ति दर्ज मिली। पुराने रिकॉर्ड के मुताबिक वर्ष 1914 में यह भूमि 99 साल की लीज पर आवासीय मकान बनाने के लिए दी गई थी। लीज की अवधि वर्ष 2014 में समाप्त हो चुकी थी। इसके बावजूद जमीन को लेकर निजी अधिकार और लेन-देन के दावे किए जाते रहे।
विज्ञापन

मामला तब गंभीर हुआ, जब प्रशासन ने पुराने दस्तावेजों और राजस्व रिकॉर्ड की पड़ताल की। जांच में जिस सेल डीड के आधार पर जमीन पर निजी अधिकार का दावा किया जा रहा था, उसका कलक्टर उरई के नजूल रजिस्टर और नगर पालिका परिषद उरई के संपत्ति रजिस्टर में कोई उल्लेख नहीं मिला। यानी निजी दस्तावेजों में जमीन को लेकर दावे किए गए, जबकि सरकारी रिकॉर्ड में यह भूमि राज्य सरकार की ही संपत्ति दर्ज रही।
विज्ञापन
विज्ञापन

तीन सदस्यीय समिति ने की जांच
डीएम राजेश कुमार पांडेय ने मामले की गंभीरता को देखते हुए इसे केवल भूमि विवाद न मानकर सरकारी संपत्ति की सुरक्षा से जुड़ा मामला माना। उनके निर्देश पर छह और 27 मई 2026 को आदेश जारी कर एडीएम वित्त एवं राजस्व की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय जांच समिति गठित की गई। समिति ने नजूल रजिस्टर, खतौनी, राजस्व अभिलेखों, पुराने दस्तावेजों और अन्य रिकॉर्ड की जांच की।
जांच में सामने आया कि मूल आवंटी से अलग व्यक्तियों के नाम से वर्ष 1953 में डीड तैयार कर नजूल भूमि को कूटरचित और फर्जी दस्तावेजों के जरिये बेचने का प्रयास किया गया। जांच रिपोर्ट में इन दस्तावेजों के आधार पर ट्रस्ट आदि बनाए जाने का भी उल्लेख है। समिति ने स्पष्ट किया कि सरकारी अभिलेखों में संबंधित जमीन राज्य सरकार की संपत्ति है।

नगर पालिका ने दर्ज कराई रिपोर्ट
जांच रिपोर्ट और उपलब्ध अभिलेखों के आधार पर नगर पालिका परिषद उरई के अधिशासी अधिकारी रामअचल कुरील ने कोतवाली उरई में संबंधित लोगों और संस्थाओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। कार्रवाई के दायरे में वर्तमान कब्जेदार बेथनी क्रिश्चियन होम्स मिशन/बीसीएच मिशन की प्रबंधक किरन के मसीह समेत संस्था से जुड़े अन्य व्यक्ति और जमीन की खरीद-फरोख्त में शामिल बताए गए लोग व संस्थाएं शामिल हैं। आरोप है कि फर्जी लीज डीड और कूटरचित दस्तावेजों के जरिए सरकारी जमीन को निजी हित में खुर्द-बुर्द करने, उसका विक्रय अथवा हस्तांतरण करने और आर्थिक लाभ हासिल करने का प्रयास किया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed