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सावन के आखिरी सोमवार पर सजे शिवालय
अमर उजाला ब्यूरो, उरई
Updated Sun, 14 Aug 2016 10:52 PM IST
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हुल्की माता मंदिर पर सजाया गया शिवालय
- फोटो : अमर उजाला
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सावन के आखिरी सोमवार को लेकर शिवभक्तों में रविवार को विशेष उत्साह देखने को मिला। रविवार को दिन भर शिवभक्त शिवालयों को सजाने और भव्य रूप देने में जुटे रहे। शहर के सभी शिव मंदिरों को सजा दिया गया। सोमवार की सुबह से ही यहां पर भक्तों की भीड़ नजर आएगी। सावन मास भगवान शिव का माह माना जाता है। पूरे माह में शिव भक्त भगवान शिव
की आराधना करते हैं। इस माह में पड़ने वाले सोमवार का विशेष महत्व होता है। इस दिन भक्त शिवलिंग का अभिषेक करने के साथ ही विभिन्न प्रकार से पूजा अर्चना कर मुरादें मांगते हैं।
सावन के आखिरी सोमवार को लेकर आज शिव भक्तों में विशेष उत्साह देखने को मिला। दिन भर शिवालयों में साफ सफाई व सजावट का काम चलता रहा। शहर के हुल्की माता मंदिर, सिद्ध महाकालेश्वर मंदिर, ठड़ेश्वरी मंदिर पर शिवलिंग को सजाया गया। सोमवार को यहां भक्तों की अपार भीड़ नजर आएगी।
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इसलिए महत्वपूर्ण है सावन का सोमवार
सावन के सोमवार को लेकर मान्यता है कि जब सती ने अपने पिता दक्ष के निवास पर शरीर त्याग दिया था, उससे पूर्व महादेव को हर जन्म में पति के रूप में पाने का प्रण किया था। पार्वती ने सावन के महीने में ही निराहार रह कर कठोर तप किया था और भगवान शंकर को पा लिया था। इसलिए यह मास विशेष हो गया।
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की आराधना करते हैं। इस माह में पड़ने वाले सोमवार का विशेष महत्व होता है। इस दिन भक्त शिवलिंग का अभिषेक करने के साथ ही विभिन्न प्रकार से पूजा अर्चना कर मुरादें मांगते हैं।
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सावन के आखिरी सोमवार को लेकर आज शिव भक्तों में विशेष उत्साह देखने को मिला। दिन भर शिवालयों में साफ सफाई व सजावट का काम चलता रहा। शहर के हुल्की माता मंदिर, सिद्ध महाकालेश्वर मंदिर, ठड़ेश्वरी मंदिर पर शिवलिंग को सजाया गया। सोमवार को यहां भक्तों की अपार भीड़ नजर आएगी।
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इसलिए महत्वपूर्ण है सावन का सोमवार
सावन के सोमवार को लेकर मान्यता है कि जब सती ने अपने पिता दक्ष के निवास पर शरीर त्याग दिया था, उससे पूर्व महादेव को हर जन्म में पति के रूप में पाने का प्रण किया था। पार्वती ने सावन के महीने में ही निराहार रह कर कठोर तप किया था और भगवान शंकर को पा लिया था। इसलिए यह मास विशेष हो गया।