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शराब की दुकानें खुलवाने पहुंचे अफसर, नारेबाजी
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ग्रामीणों से बातचीत करते आबकारी अधिकारी
- फोटो : ORAI
आटा (जालौन)। क्षेत्र के आटा इटौरा मार्ग पर स्थित शराब की दुकानें खुलवाने के लिए आबकारी विभाग की टीम पहुंची। जानकारी पाकर सैकड़ों ग्रामीण फिर से दुकान के सामने एकत्र हो गए। टीम ने करीब दस दिन तक दुकानें खोलने की बात कहीं तो भड़के ग्रामीणों ने अधिकारियों के सामने ही नारेबाजी शुरू कर दी। इस पर टीम बैरंग लौट आई। ग्रामीणों का कहना है कि किसी भी कीमत पर दुकानें नहीं खुलने दी जाएगी।
बता दें कि मार्ग पर एक ही स्थान पर अंग्रेजी, देशी शराब और बीयर की दुकानें हैं। इनके पास ही स्कूल और मंदिर भी है। इसको लेकर बुधवार को गांव की महिलाओं पुरुषों के साथ स्कूल के छात्र छात्राओं ने भी जोरदार विरोध किया था। सीओ संजय शर्मा ने भी दुकानें हटवाने का आश्वासन दिया था। इसके बाद गुरुवार को आबकारी विभाग के अधिकारी राजीव कुमार अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे।
सूचना मिलते ही ग्रामीण भी मौके पर एकत्र हो गए। टीम के अधिकारियों ने ग्रामीणों से कहा कि दस पंद्रह दिन का समय दिया जाए ताकि कानूनी कार्रवाई पूरी कर दुकानें स्थानांतरित की जा सकें। तब तक दुकानें खोलने दी जाए। यह सुनते ही ग्रामीण भड़क उठे और नारेबाजी शुरू कर दी। ग्रामीणों का कहना है कि शराब की दुकानों से उनके घर तो बर्बाद हो ही रहे हैं, साथ साथ क्षेत्र में भी अराजकता फैल रही है। ग्रामीणों के तेवर देख आबकारी विभाग की टीम वहां से निकल गई। इसके बाद ग्रामीणों की भीड़ नारेबाजी करते हुए क्षेत्र भर में घूमी। ग्रामीणों का कहना है कि शराब की दुकानें तो अब किसी भी कीमत पर खुलने नहीं दी जाएंगी।
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बता दें कि मार्ग पर एक ही स्थान पर अंग्रेजी, देशी शराब और बीयर की दुकानें हैं। इनके पास ही स्कूल और मंदिर भी है। इसको लेकर बुधवार को गांव की महिलाओं पुरुषों के साथ स्कूल के छात्र छात्राओं ने भी जोरदार विरोध किया था। सीओ संजय शर्मा ने भी दुकानें हटवाने का आश्वासन दिया था। इसके बाद गुरुवार को आबकारी विभाग के अधिकारी राजीव कुमार अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे।
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सूचना मिलते ही ग्रामीण भी मौके पर एकत्र हो गए। टीम के अधिकारियों ने ग्रामीणों से कहा कि दस पंद्रह दिन का समय दिया जाए ताकि कानूनी कार्रवाई पूरी कर दुकानें स्थानांतरित की जा सकें। तब तक दुकानें खोलने दी जाए। यह सुनते ही ग्रामीण भड़क उठे और नारेबाजी शुरू कर दी। ग्रामीणों का कहना है कि शराब की दुकानों से उनके घर तो बर्बाद हो ही रहे हैं, साथ साथ क्षेत्र में भी अराजकता फैल रही है। ग्रामीणों के तेवर देख आबकारी विभाग की टीम वहां से निकल गई। इसके बाद ग्रामीणों की भीड़ नारेबाजी करते हुए क्षेत्र भर में घूमी। ग्रामीणों का कहना है कि शराब की दुकानें तो अब किसी भी कीमत पर खुलने नहीं दी जाएंगी।
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