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अब समाज में शुरू हो गई बदलाव की शुरुआत

Sun, 07 Mar 2021 11:28 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sun, 07 Mar 2021 11:28 PM IST
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Now the beginning of change has started in the society
जालौन। महिला दिवस को लेकर महिलाओं की समाज में स्थिति और उनकी सहभागिता पर चर्चा की गई। बातचीत में अधिकांश महिलाओं का कहना था कि अब समाज में बदलाव की शुरूआत हो चुकी है लेकिन अभी भी इस दिशा में और प्रयास किया जाना बाकी है। कुछ महिलाओं का मानना है कि मात्र एक दिन महिला दिवस के नाम करने से महिला समाज का कल्याण नहीं होगा।
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अपने भीतर की ताकत को पहचानना होगा
महिला दिवस को लेकर बीडीओ महिमा विद्यार्थी का कहना है कि महिलाओं के लिए महिला सशक्तीकरण शब्घ्द सबसे अधिक प्रयोग किया जाता है। महिलाओं को स्वयं अपने भीतर की ताकत को पहचानना होगा। सशक्तीकरण हमारे अंदर की प्रेरणा से आता है। आपके अंदर आत्घ्म सम्मान का यह भाव होगा तो बाहरी दुनिया भी उससे सीधे तौर पर प्रभावित होगी।
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उत्थान की राह लंबी
बालीवुड कलाकार नेहा साहनी का कहना है कि आज महिलाएं जागरूक हो रही हैं। कॉलेजों और विद्यालयों से निकलती कन्याओं की संख्या देख दिल में खुशी होती है लेकिन अगले ही पल जब कोई मनचला किसी लड़की का दुपट्टा खींचकर भाग जाता है या छेड़खानी कर देता है तो लड़की को स्कूल-कॉलेज भेजना बंद कर दिया जाता है। तो समाज में महिलाओं की निम्न और करुणामयी स्थिति का आभास होता है। इसलिए कहा जा सकता है कि महिलाओं के उत्थान की राह लंबी है।
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लड़की शिक्षित करने से परिवार होता है शिक्षित
गृहिणी महिमा स्वर्णकार ने कहा कि यदि भारतीय महिलाओं को उनके अनपेड वर्क अर्थात वो काम जो वह एक गृहिणी, एक मां, एक पत्नी के रूप में करती हैं। तो पुरुष समाज उसका ही कर्ज नहीं उतार सकता। इसलिए महिला दिवस पर महिलाओं से नहीं बल्कि पुरुषों से बात हो ताकि महिलाओं के प्रति उनके नजरिए में बदलाव हो। जिस प्रकार कहा जाता है कि एक लड़की को शिक्षित करने से पूरा परिवार शिक्षित होता है।

पहचान कायम रहना चुनौती
छात्रा मुस्कान खन्ना का कहना है कि अब महिलाओं ने अपनी पहचान कायम कर ली है ऐसे में इसे कायम रखना सभी महिलाओं के लिए चुनौती भी है और दायित्व भी। अब महिलाओं का सशक्तीकरण महज नारा या सिद्धांत नहीं रह गया है, यह जीता जागता सच और प्रैक्टिकल है। जो पहचान कल झांसी की रानी या इंदिरा गांधी अथवा कल्पना चावला की थी। वही आज आज देश की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमन, वायुसेना की विंग कमांडर पूजा ठाकुर या में फाइटर प्लेन मिग 21 उड़ाने वाली अवनी चतुर्वेदी की है।
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