{"_id":"68a22c6bc8d29e97e60d151a","slug":"notice-issued-in-sealed-battery-factory-and-forms-sought-orai-news-c-224-1-bnd1005-133351-2025-08-18","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jalaun News: सील बैटरी फैक्टरी में नोटिस जारी कर मांगे गए प्रपत्र","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jalaun News: सील बैटरी फैक्टरी में नोटिस जारी कर मांगे गए प्रपत्र
विज्ञापन
कोंच। कस्बे की घनी आबादी के बीच बैटरी फैक्टरी में 20 दिन पहले हुए धमाकों के मामले में प्रशासन ने नोटिस जारी कर फैक्टरी संचालक से प्रपत्र मांगे हैं। उसके बाद कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
जांच टीम द्वारा जांच रिपोर्ट सौंपने के बाद स्थानीय प्रशासन ने नोटिस जारी कर दिया है। इस पूरे मामले में कार्रवाई को लेकर प्रशासन की धीमी कार्रवाई को लेकर सवाल उठ रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि गोदाम संचालक से अभी भी कुछ प्रपत्र लेना है तभी कार्रवाई हो पाएगी। एसडीएम ज्योति सिंह ने बताया है कि मामले में तहसीलदार जितेंद्र सिंह पटेल के नेतृत्व में टीम गठित की गई थी। जांच टीम ने अपनी जांच रिपोर्ट सौंप दी थी।
जिसे उन्होंने जिलाधिकारी को प्रेषित कर दिया था। जिलाधिकारी के आदेश पर संबंधित गोदाम संचालन के लिए तय मानकों को लेकर आवश्यक प्रपत्र प्रस्तुत करने के लिए गोदाम संचालक को नोटिस जारी किया गया था। कुछ प्रपत्र तो प्रस्तुत किए गए हैं, कुछ अभी भी बाकी हैं। जिसको लेकर कार्रवाई जारी है।
विज्ञापन
बता दें कि कस्बे के बीच जवाहर नगर इलाके में बने बैटरी फैक्टरी में 29 जुलाई की शाम अचानक धमाका हो गया। एक के बाद एक बैटरी फटने से हुए धमाकों से इलाके में दहशत फैल गई थी। बैटरी बनाने वाले लोग भी गोदाम छोड़कर भाग गए थे। सूचना पर कोतवाली पुलिस व प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंच गए थे और फैक्टरी को सील कर दिया था। बताया गया था कि उस मकान में इलेक्ट्रॉनिक स्कूटी व ई-रिक्शा की बैटरियां बनाई जा रही हैं। जिन्हें कई जगह सप्लाई की जाती थी। उन्हीं बैटरियों में अचानक विस्फोट हो गया था। एसडीएम ज्योति सिंह ने इस पूरे हादसे को लेकर एक जांच टीम बनाई थी जिसमें तहसीलदार जितेंद्र सिंह पटेल, पालिका ईओ मोनिका उमराव, कोतवाली पुलिस व फायर सर्विस को शामिल किया गया था।
विज्ञापन
जांच टीम द्वारा जांच रिपोर्ट सौंपने के बाद स्थानीय प्रशासन ने नोटिस जारी कर दिया है। इस पूरे मामले में कार्रवाई को लेकर प्रशासन की धीमी कार्रवाई को लेकर सवाल उठ रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि गोदाम संचालक से अभी भी कुछ प्रपत्र लेना है तभी कार्रवाई हो पाएगी। एसडीएम ज्योति सिंह ने बताया है कि मामले में तहसीलदार जितेंद्र सिंह पटेल के नेतृत्व में टीम गठित की गई थी। जांच टीम ने अपनी जांच रिपोर्ट सौंप दी थी।
विज्ञापन
जिसे उन्होंने जिलाधिकारी को प्रेषित कर दिया था। जिलाधिकारी के आदेश पर संबंधित गोदाम संचालन के लिए तय मानकों को लेकर आवश्यक प्रपत्र प्रस्तुत करने के लिए गोदाम संचालक को नोटिस जारी किया गया था। कुछ प्रपत्र तो प्रस्तुत किए गए हैं, कुछ अभी भी बाकी हैं। जिसको लेकर कार्रवाई जारी है।
विज्ञापन
बता दें कि कस्बे के बीच जवाहर नगर इलाके में बने बैटरी फैक्टरी में 29 जुलाई की शाम अचानक धमाका हो गया। एक के बाद एक बैटरी फटने से हुए धमाकों से इलाके में दहशत फैल गई थी। बैटरी बनाने वाले लोग भी गोदाम छोड़कर भाग गए थे। सूचना पर कोतवाली पुलिस व प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंच गए थे और फैक्टरी को सील कर दिया था। बताया गया था कि उस मकान में इलेक्ट्रॉनिक स्कूटी व ई-रिक्शा की बैटरियां बनाई जा रही हैं। जिन्हें कई जगह सप्लाई की जाती थी। उन्हीं बैटरियों में अचानक विस्फोट हो गया था। एसडीएम ज्योति सिंह ने इस पूरे हादसे को लेकर एक जांच टीम बनाई थी जिसमें तहसीलदार जितेंद्र सिंह पटेल, पालिका ईओ मोनिका उमराव, कोतवाली पुलिस व फायर सर्विस को शामिल किया गया था।