{"_id":"676da7a8054366399f0f7365","slug":"no-drops-dripped-from-the-taps-bills-were-pasted-orai-news-c-224-1-ori1005-123810-2024-12-27","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jalaun News: नलों से नहीं टपकी बूंद, चिपका दिए बिल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jalaun News: नलों से नहीं टपकी बूंद, चिपका दिए बिल
Fri, 27 Dec 2024 12:29 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जालौन
संवाद न्यूज एजेंसी, जालौन
Updated Fri, 27 Dec 2024 12:29 AM IST
विज्ञापन
उरई। जल संस्थान से डलवाई गई पाइप लाइन से लोगों को पानी तो नहीं मिला। लेकिन विभाग ने उन्हें बिल जरूर थमा दिए गए। जब लोगों को बिल मिले तो वह आश्चर्य चकित रह गए। उन्होंने जब इसकी शिकायत विभागीय अधिकारियों से की, तो उनका कहना है कि बिल तो जमा करना पड़ेगा। लोगों का कहना है कि जब उन्हें पानी नहीं मिला तो वह बिल क्यों जमा करें।
शहर के स्टेशन के पीछे स्थित इंदिरा नगर में वर्ष 2021-22 में करीब सौ परिवारों के लिए अमृत योजना के तहत जल संस्थान ने लोगों को घरों में ही नल से जल उपलब्ध कराने के लिए पानी की पाइप लाइन डलवाई थी। इसके साथ ही घरों में पानी के लिए कनेक्शन भी कर दिया था। उस समय लोगों को खुशी थी कि उन्हें जल्द ही पानी मिल जाएगा। लेकिन उन्हें एक साल से अधिक समय बीत जाने के बाद भी पानी तो नहीं मिला।
नलों से पानी आने का इंतजार कर रहे मोहल्ले के करीब पचास लोगों के घरों में विभाग की ओर से दो से तीन हजार के बिल जरूर भिजवा दिए गए। जब लोगों को बिल मिले तो वह परेशान हो गए कि जब उन्हें पानी ही नहीं मिला तो वह बिल जमा क्यों करें। इसके बाद जब वह कार्यालय पहुंचे तो अधिकारियों ने कहा कि बिल तो उन्हें जमा करना ही पड़ेगा। चाहे पानी आया हो या नहीं।
विज्ञापन
अधिकारियों के इस बयान से लोगों में विभाग के प्रति खासा आक्रोश है। उनका कहना है कि उनके ऊपर जबरन बिल थोपा जा रहा है। अभी तक उन्हें एक बूंद पानी भी नहीं मिल सका है। लोगों का कहना है कि यहां अधिकतर मजदूर वर्ग के लोग निवास करते हैं। वह कहां एक दम से भेजे गए बिल का भुगतान करें।
पानी की थी आस पर आया बिल
मोहल्ले के निवासी राम प्रकाश ने बताया कि कुछ दिन पहले जल संस्थान का एक कर्मचारी उन्हें करीब दो हजार सात सौ का बिल दे गया है। पूछने पर बोला कि पानी का बिल है, जमा करना पड़ेगा।
कहां से करें जमा, जब पानी नहीं मिला
मोहल्ला निवासी पूनम ने बताया कि उन्हें भी तीन हजार का बिल विभाग द्वारा भिजवाया गया है। लेकिन बिना पानी आए ही क्यों और कहां से बिल जमा करें। विभाग को पहले पानी पहुंचाना चाहिए था।
वर्जन
जानकारी पर मोहल्ले में लोगों को नलकूप से पानी पहुंचाने के लिए काम शुरू कर दिया है। साथ ही बिलों को संशोधन कराया जाएगा। - श्याम बहादुर, जेई जल संस्थान
विज्ञापन
शहर के स्टेशन के पीछे स्थित इंदिरा नगर में वर्ष 2021-22 में करीब सौ परिवारों के लिए अमृत योजना के तहत जल संस्थान ने लोगों को घरों में ही नल से जल उपलब्ध कराने के लिए पानी की पाइप लाइन डलवाई थी। इसके साथ ही घरों में पानी के लिए कनेक्शन भी कर दिया था। उस समय लोगों को खुशी थी कि उन्हें जल्द ही पानी मिल जाएगा। लेकिन उन्हें एक साल से अधिक समय बीत जाने के बाद भी पानी तो नहीं मिला।
विज्ञापन
नलों से पानी आने का इंतजार कर रहे मोहल्ले के करीब पचास लोगों के घरों में विभाग की ओर से दो से तीन हजार के बिल जरूर भिजवा दिए गए। जब लोगों को बिल मिले तो वह परेशान हो गए कि जब उन्हें पानी ही नहीं मिला तो वह बिल जमा क्यों करें। इसके बाद जब वह कार्यालय पहुंचे तो अधिकारियों ने कहा कि बिल तो उन्हें जमा करना ही पड़ेगा। चाहे पानी आया हो या नहीं।
विज्ञापन
अधिकारियों के इस बयान से लोगों में विभाग के प्रति खासा आक्रोश है। उनका कहना है कि उनके ऊपर जबरन बिल थोपा जा रहा है। अभी तक उन्हें एक बूंद पानी भी नहीं मिल सका है। लोगों का कहना है कि यहां अधिकतर मजदूर वर्ग के लोग निवास करते हैं। वह कहां एक दम से भेजे गए बिल का भुगतान करें।
पानी की थी आस पर आया बिल
मोहल्ले के निवासी राम प्रकाश ने बताया कि कुछ दिन पहले जल संस्थान का एक कर्मचारी उन्हें करीब दो हजार सात सौ का बिल दे गया है। पूछने पर बोला कि पानी का बिल है, जमा करना पड़ेगा।
कहां से करें जमा, जब पानी नहीं मिला
मोहल्ला निवासी पूनम ने बताया कि उन्हें भी तीन हजार का बिल विभाग द्वारा भिजवाया गया है। लेकिन बिना पानी आए ही क्यों और कहां से बिल जमा करें। विभाग को पहले पानी पहुंचाना चाहिए था।
वर्जन
जानकारी पर मोहल्ले में लोगों को नलकूप से पानी पहुंचाने के लिए काम शुरू कर दिया है। साथ ही बिलों को संशोधन कराया जाएगा। - श्याम बहादुर, जेई जल संस्थान