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अफसरों, नेताओं के दम पर चल रही ‘निनावली सरकार’
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जालौनः मणींद्र महाराज के साथ साया बनकर खड़ा रवि। रवि की हत्या में ही मणींद्र महाराज पर हत्या की र?
- फोटो : ORAI
रामपुरा। जिन विजय शंकर उर्फ मणींद्र बाबा उर्फ निनावली सरकार के खिलाफ पुलिस ने आज हत्या की रिपोर्ट दर्ज की है, वह बाबा आज से सत्रह साल पहले सिर्फ दूध बेचने का काम निनावली गांव में रहकर करते थे। पिता गोविंद द्विवेदी की सात संतानों में दूसरे नंबर के विजय ने 2002 में घर छोड़ा और फिर कानपुर देहात में जाकर बस गए। करीब पांच साल बाद जब 2007 में विजय वापस लौटा तो वह मणींद्र बाबा हो चुका था। बाबा को उस वक्त की सत्ता के किसी एक विधायक का संरक्षण था, फिर देखते ही देखते कई आईएएस अधिकारी और राजनेता बाबा के भक्त होते चले गए, जिनसे बाबा की अपनी निनावली सरकार तैयार हो गई।
प्रदेश में सत्ता चाहे किसी भी दल की हो लेकिन बाबा का रसूख कभी कम नहीं होता था। बाबा जब भी जिले में प्रवेश करते थे तो उन्हें दो जिलों औरैया और जालौन जनपद की पुलिस आश्रम तक छोड़ने जाती थी। इसके अलावा बाबा को यूपी पुलिस से ही सुरक्षा मिली हुई थी। पीडब्लूडी के अधिकारी हो या बिजली विभाग के बाबा के आश्रम में सभी उनकी अपनी समस्याएं सुनने जाते और जल्द से जल्द आश्रम को जाने वाली सड़क व बिजली की दिक्कतों को दूर किया करते थे। यह बाबा का रसूख ही था कि वह कभी अपने गांव के लोगों के बीच लोकप्रिय नहीं हो सके, ग्रामीणों का कहना है कि बाबा गांव के लोगों से रौब गांठते थे, जिस कारण ज्यादातर ग्रामीण उनके आश्रम से दूरी ही बनाए रहते थे।
खाली कराया आश्रम, बवालियों की होगी पहचान
दोपहर तक चले हंगामे के बाद शाम के वक्त रामपुरा थाने की पुलिस ने बाबा का आश्रम खाली करा दिया। बाबा की पत्नी व बच्चों को उनके गांव निनावली भेज दिया गया और बाकी शिष्यों को भी हटाकर आश्रम के आसपास भारी पुलिस फोर्स तैनात कर दी गई है। इंस्पेक्टर आरके सिंह का कहना है कि जिन लोगों ने हंगामा और पथराव किया, उनकी भी पहचान की जा रही है और उनके खिलाफ भी मामला दर्ज किया जाएगा।
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वारदात में किसी तीसरे के भी शामिल होने की आशंका
पुलिस ने भले ही युवक रवि की हत्या पर बाबा और दरोगा के खिलाफ मामला दर्ज किया है लेकिन सूत्रों के अनुसार हत्या के पीछे कोई तीसरा भी है, जिसके कारण वारदात को अंजाम दिया गया। इसको लेकर भी गांव में तरह तरह की चर्चाएं हैं, यहां तक कि किसी महिला का नाम भी इन चर्चा में शामिल है। इसके अलावा यह भी चर्चा है कि दरोगा की सर्विस रिवाल्वर से बाबा ने ही गोली चलाई है। एसपी का भी कहना है कि परिजनों ने तहरीर में हत्या का कोई कारण स्पष्ट नहीं किया है। इतना जरूर है कि गोली दरोगा की रिवाल्वर से ही चली है। बाकी हत्या के पीछे कोई तीसरा भी शामिल है कि नहीं, इस बारे में अभी कुछ कहना जल्दबाजी ही होगी।
दो दिन पहले भी युवक की आश्रम में हुई थी पिटाई
सूत्रों के अनुुसार, दो दिन पहले भी आश्रम में रवि के साथ मारपीट हुई थी। उस वक्त रवि व आश्रम में रहने वाले सिपाहियों के बीच सोने की जगह को लेकर विवाद की बात सामने आ रही है। हालांकि पुलिस ने अभी इस मारपीट की कोई पुष्टि नहीं की है।
13 साल में पहली बार पुलिस ने बाबा पर कसा शिकंजा
ग्रामीणों का कहना है कि तेरह साल बाद यह पहला मौका है, जब पुलिस बाबा के खिलाफ खड़ी नजर आई, बाबा के रसूख के आगे पहले कभी किसी पुलिस की हिम्मत नहीं हुई कि वह बाबा के खिलाफ कोई कार्रवाई करे, बल्कि पुलिस के कई पूर्व अधिकारी आश्रम में माथा टेकने जरूर आते थे। इस बार बाबा के खिलाफ हुई कार्रवाई को लेकर भी बड़ी हिम्मत की कार्रवाई मानी जा रही है।
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प्रदेश में सत्ता चाहे किसी भी दल की हो लेकिन बाबा का रसूख कभी कम नहीं होता था। बाबा जब भी जिले में प्रवेश करते थे तो उन्हें दो जिलों औरैया और जालौन जनपद की पुलिस आश्रम तक छोड़ने जाती थी। इसके अलावा बाबा को यूपी पुलिस से ही सुरक्षा मिली हुई थी। पीडब्लूडी के अधिकारी हो या बिजली विभाग के बाबा के आश्रम में सभी उनकी अपनी समस्याएं सुनने जाते और जल्द से जल्द आश्रम को जाने वाली सड़क व बिजली की दिक्कतों को दूर किया करते थे। यह बाबा का रसूख ही था कि वह कभी अपने गांव के लोगों के बीच लोकप्रिय नहीं हो सके, ग्रामीणों का कहना है कि बाबा गांव के लोगों से रौब गांठते थे, जिस कारण ज्यादातर ग्रामीण उनके आश्रम से दूरी ही बनाए रहते थे।
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खाली कराया आश्रम, बवालियों की होगी पहचान
दोपहर तक चले हंगामे के बाद शाम के वक्त रामपुरा थाने की पुलिस ने बाबा का आश्रम खाली करा दिया। बाबा की पत्नी व बच्चों को उनके गांव निनावली भेज दिया गया और बाकी शिष्यों को भी हटाकर आश्रम के आसपास भारी पुलिस फोर्स तैनात कर दी गई है। इंस्पेक्टर आरके सिंह का कहना है कि जिन लोगों ने हंगामा और पथराव किया, उनकी भी पहचान की जा रही है और उनके खिलाफ भी मामला दर्ज किया जाएगा।
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वारदात में किसी तीसरे के भी शामिल होने की आशंका
पुलिस ने भले ही युवक रवि की हत्या पर बाबा और दरोगा के खिलाफ मामला दर्ज किया है लेकिन सूत्रों के अनुसार हत्या के पीछे कोई तीसरा भी है, जिसके कारण वारदात को अंजाम दिया गया। इसको लेकर भी गांव में तरह तरह की चर्चाएं हैं, यहां तक कि किसी महिला का नाम भी इन चर्चा में शामिल है। इसके अलावा यह भी चर्चा है कि दरोगा की सर्विस रिवाल्वर से बाबा ने ही गोली चलाई है। एसपी का भी कहना है कि परिजनों ने तहरीर में हत्या का कोई कारण स्पष्ट नहीं किया है। इतना जरूर है कि गोली दरोगा की रिवाल्वर से ही चली है। बाकी हत्या के पीछे कोई तीसरा भी शामिल है कि नहीं, इस बारे में अभी कुछ कहना जल्दबाजी ही होगी।
दो दिन पहले भी युवक की आश्रम में हुई थी पिटाई
सूत्रों के अनुुसार, दो दिन पहले भी आश्रम में रवि के साथ मारपीट हुई थी। उस वक्त रवि व आश्रम में रहने वाले सिपाहियों के बीच सोने की जगह को लेकर विवाद की बात सामने आ रही है। हालांकि पुलिस ने अभी इस मारपीट की कोई पुष्टि नहीं की है।
13 साल में पहली बार पुलिस ने बाबा पर कसा शिकंजा
ग्रामीणों का कहना है कि तेरह साल बाद यह पहला मौका है, जब पुलिस बाबा के खिलाफ खड़ी नजर आई, बाबा के रसूख के आगे पहले कभी किसी पुलिस की हिम्मत नहीं हुई कि वह बाबा के खिलाफ कोई कार्रवाई करे, बल्कि पुलिस के कई पूर्व अधिकारी आश्रम में माथा टेकने जरूर आते थे। इस बार बाबा के खिलाफ हुई कार्रवाई को लेकर भी बड़ी हिम्मत की कार्रवाई मानी जा रही है।

जालौन ः भाजपा प्रदेश अध्यक्ष स्वंतत्र देव को आशीर्वाद देते मणींद्र महाराज।- फोटो : ORAI

घटनास्थल पर भीड़ को रोकती पुलिस।- फोटो : ORAI

मृतक का पिता ब्रह्म प्रकाश पांडेय।- फोटो : ORAI